Five Year Rule For Tyres: मोटरसाइकल हो या कार, सभी में टायर बहुत जरूरी होते हैं। अगर टायर पुराने हो जाएं या घिस जाएं तो यह आपकी सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए टायरों को बदलवाना जरूरी होता है। इसके लिए आप पांच साल वाला नियम अपना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि यह नियम क्या है।

क्या है 5 साल वाला नियम?
स्लैशगियर की रिपोर्ट के मुताबिक (Ref) जब आपकी गाड़ी के टायरों को इस्तेमाल होते हुए 5 साल हो जाएं, तो यह नियम कहता है कि आपको साल में कम से कम एक बार किसी प्रोफेशनल मैकेनिक से उनकी जांच करानी चाहिए। भले ही टायर ऊपर से बिल्कुल नए और सही दिख रहे हों, फिर भी उनकी अंदरूनी स्थिति खराब हो सकती है।
ऊपर से फिट, अंदर से अनफिट
ज्यादातर लोग टायर की मोटाई (ट्रेड डेप्थ) देखकर अंदाजा लगाते हैं कि टायर सही है या नहीं या उसे अभी इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। लेकिन, पुराने टायरों के मामले में यह टेस्ट आपको धोखा दे सकता है। 5 साल के बाद टायरों में ऐसी बारीक दरारें और समस्याएं आने लगती हैं जो आंखों से आसानी से नहीं दिखतीं। ऊपर से टायर की ग्रिप अच्छी दिख सकती है, लेकिन अंदर से रबर कमजोर हो चुका होता है।
समय के साथ टायर होते हैं खराब
जैसे-जैसे समय बीतता है, टायर कई चीजों के संपर्क में आते हैं। सूरज की रोशनी रबर को सुखा देती है। अत्यधिक गर्मी और नमी रबर की रासायनिक बनावट को बदल देते हैं। इससे रबर सख्त हो जाती है, जिससे सड़क पर उसकी पकड़ (ग्रिप) कमजोर हो जाती है और टायर के फटने का खतरा बढ़ जाता है। 5 साल के बाद यह प्रक्रिया बहुत तेजी से होती है। यहां तक कि आपकी कार में रखा स्पेयर टायर (स्टेपनी) भी रखे-रखे पुराना और कमजोर हो जाता है।
पुराने टायरों को बदलवाएं
हालांकि, गाड़ी के टायर बदलने का कोई तय समय नहीं होता। लेकिन, बहुत ज्यादा पुराने टायर सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं। इसलिए टायरों को लेकर लापरवाही न करें। अगर आपकी गाड़ी के टायरों को 5 साल हो गए हैं, तो रिस्क न लें। समय-समय पर उनकी जांच कराएं और घिस जाने पर उन्हें बदल दें। कुछ पैसे बचाने के चक्कर में टायरों को घिसते रहना खतरनाक हो सकता है।
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