भिंडी की सब्जी चिपचिपी होने से कैसे बचाएं? काटने से लेकर नींबू का रस डालने तक का सही समय

 

भिंडी की सब्जी लगभग हर भारतीय घर में पसंद की जाती है, लेकिन इसे बनाते समय सबसे बड़ी चुनौती इसका चिपचिपापन है। कई बार अच्छी भूनने के बाद भी भिंडी आपस में चिपकने लगती है, जिससे न तो इसका स्वाद अच्छा आता है और न ही रंगत। मशहूर शेफ पंकज भदौरिया ने इस समस्या का एक बहुत ही आसान और सटीक समाधान बताया है।

secret to make non sticky bhindi

भिंडी एक ऐसी सब्जी है जिसे बच्चे और बड़े सभी बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन इसे बनाने में सबसे बड़ी समस्या इसके चिपचिपेपन की आती है। अक्सर कड़ाही में डालते ही भिंडी से लसलसा पदार्थ निकलने लगता है, जिससे सब्जी का स्वाद और रूप दोनों बिगड़ जाते हैं। कई लोग इसे कुरकुरा बनाने के लिए बहुत ज्यादा तेल का इस्तेमाल करते हैं, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है।


हालांकि मशहूर शेफ पंकज भदौरिया ने इस समस्या का एक बेहद आसान और प्रभावी समाधान बताया है। उनके अनुसार, भिंडी को खिला-खिला बनाने का राज इसे काटने के तरीके और पकाने के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले एक खास सीक्रेट इंग्रीडिएंट में छिपा है। अगर आप भी अपनी भिंडी की सब्जी को रेस्टोरेंट जैसा परफेक्ट और नॉन-स्टिकी बनाना चाहते हैं, तो ये टिप्स आपके काम आएंगी।

धोने और सुखाने का सही तरीका

धोने और सुखाने का सही तरीका

शेफ पंकज की पहली टिप यह है कि भिंडी को बनाने से कम से कम आधा घंटा पहले धो लें। धोने के बाद इसे एक साफ सूती कपड़े से अच्छी तरह पोंछकर सुखा लें। अगर भिंडी की सतह पर जरा भी पानी रह गया, तो काटते समय वह फौरन चिपचिपा लस छोड़ने लगेगी।


काटने के बाद हवा लगाना है जरूरी

काटने के बाद हवा लगाना है जरूरी

अक्सर लोग भिंडी काटकर तुरंत कड़ाही में डाल देते हैं, जो कि गलत है। शेफ के अनुसार, भिंडी को अपनी पसंद के आकार में काटने के बाद उसे प्लेट में फैलाकर 10 मिनट के लिए पंखे की हवा में या ऐसे ही खुला छोड़ दें। इससे काटने के दौरान निकली नमी सूख जाती है और पकाते समय भिंडी के रेशे नहीं बनते।

खटास का इस्तेमाल

खटास का इस्तेमाल

भिंडी के चिपचिपेपन को खत्म करने का वैज्ञानिक तरीका उसमें खटास डालना है। जब आप भिंडी को कड़ाही में भून रहे हों, तो उस समय इसमें नींबू के रस की कुछ बूंदें मिला दें। नींबू का साइट्रिक एसिड भिंडी से निकलने वाले लिसलिसे पदार्थ को तुरंत काट देता है, जिससे सब्जी का हर दाना अलग-अलग और खिला-खिला बनता है।

दही या अमचूर का ऑप्शन

दही या अमचूर का ऑप्शन

अगर आपके पास नींबू नहीं है, तो शेफ पंकज ने इसके अन्य विकल्प भी बताए हैं। आप भिंडी में थोड़ा दही या अमचूर पाउडर भी मिला सकते हैं। दही न केवल चिपचिपापन दूर करता है, बल्कि भिंडी को एक रिच टेक्सचर और हल्का खट्टा स्वाद भी देता है। ध्यान रहे कि दही को सब्जी के लगभग आधा पक जाने के बाद ही डालें।

ढंककर पकाने की गलती न करें

ढंककर पकाने की गलती न करें

भिंडी को कुरकुरा और नॉन-स्टिकी बनाने के लिए इसे कभी भी शुरू में ढक्कन लगाकर न पकाएं। ढंकने से भाप अंदर ही जमा हो जाती है और पानी की बूंदें सब्जी में गिरकर उसे गीला और चिपचिपा बना देती हैं। हमेशा भिंडी को तेज या मीडियम आंच पर खुला रखकर ही भूनें। जब भिंडी 80% पक जाए, तब आप जरूरत पड़ने पर उसे ढक सकते हैं।

भिंडी का चिपचिपापन दूर करने का तरीका

नमक डालने का सही समय

नमक डालने का सही समय

यह एक प्रो-टिप है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। नमक नमी सोखता है और सब्जियों से पानी रिलीज करता है। अगर आप भिंडी डालते ही तुरंत नमक डाल देंगे, तो वह पानी छोड़ने लगेगी और चिपचिपी हो जाएगी। तो नमक हमेशा सब्जी के आखिरी में डालें, जब भिंडी अच्छी तरह भुन चुकी हो।

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