अंकुरित चीजें खाने से उल्टी, दस्त, गैस, पेट दर्द, बुखार का खतरा, जानें स्प्राउट्स खाने का सही तरीका

 

अंकुरित अजान सेहत के लिए फायदेमंद है। सेहत के प्रति सजग लोग नियमित रूप से अंकुरित अजान का सेवन करते हैं। लेकिन स्प्राउट्स को अगर सही तरीके से न खाया जाए तो फायदे की बजाय नुकसान हो सकता है। ऐसा करने से फूड पॉइजन या पित्त की समस्या बढ़ सकती है। अंकुरित अजान को डेली डाइट में शामिल करने से पहले इसे खाने का सही तरीका जानना जरूरी है।

स्प्राउट्स में बैक्टीरिया कब पनपते हैं (सांकेतिक तस्वीर)
स्प्राउट्स में बैक्टीरिया कब पनपते हैं (सांकेतिक तस्वीर)
अंकुरित अनाज यानी स्प्राउट्स वे दाने और दालें हैं जिन्हें पानी में भिगोकर अंकुरित किया जाता है। मूंग, चना, मेथी जैसे अंकुरित अनाज काफी लोकप्रिय हैं। अंकुरित होने के बाद इनमें विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए इन्हें सुपरफूड भी कहा जाता है।

पोषक तत्वों से भरपूर अंकुरित अनाज का सेवन फायदेमंद माना जाता है। लेकिन गलत तरीके से खाई गई अंकुरित चीजें बीमारी का कारण बन सकती हैं। अंकुरित अनाज सेहत के लिए कितना फायदेमंद है, इसका सेवन कब हानिकारक हो सकता है और इसे खाने का सही तरीका क्या है, आइए जानते हैं।




अंकुरित अनाज के फायदे
विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर अंकुरित अनाज के सेवन के कई फायदे हैं, जैसे-

  • शरीर को पोषण दे- अंकुरित दालों में प्रोटीन, आयरन, विटामिन सी और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं। इनके नियमित सेवन से शरीर को पोषण मिलता है।
  • वजन कंट्रोल करे- अंकुरित अनाज में कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इससे जल्दी भूख नहीं लगती और वजन कंट्रोल में रहता है।
  • पाचन में सहायक- अंकुरित अनाज सामान्य दालों की तुलना में आसानी से पच जाते हैं। इनके सेवन से पाचन संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है।
  • इम्यूनिटी बढ़ाए- अंकुरित अनाज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। इनके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

अंकुरित अनाज कब हानिकारक हो जाता है?

क्या अंकुरित अनाज से फूड पॉइजन होता है (सांकेतिक तस्वीर)<br><br>
क्या अंकुरित अनाज से फूड पॉइजन होता है (सांकेतिक तस्वीर)



अंकुरित अनाज के सेवन के कई फायदे हैं, लेकिन इसका सेवन गलत तरीके से करना सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है। गर्म और नम वातावरण में अनाज में अंकुर उगते हैं। यही वातावरण बैक्टीरिया बढ़ने के लिए भी अनुकूल होता है। इनमें ई. कोलाई, साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं। यदि अंकुरित अनाज को सही तरीके से साफ न किया जाए या सुरक्षित नहीं रखा जाए, तो इन्हें खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है।


क्या धोने से बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं?
अनाज में गर्म और नम वातावरण में अंकुर उगते हैं, लेकिन इसी वातावरण में बैक्टीरिया भी पनपने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ पानी से धोने से अंकुरित अनाज में मौजूद सभी बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते। स्प्राउट्स को हल्का पकाकर खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।


अंकुरित अनाज के नुकसान
निम्नलिखित स्थितियों में अंकुरित अनाज हानिकारक हो सकता है-

  • फूड पॉइजनिंग- संक्रमित अंकुरित अनाज खाने से दस्त, उल्टी, पेट दर्द और बुखार हो सकता है।
  • पाचन संबंधी समस्याएं- अंकुरित अनाज के सेवन से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना और अपच की समस्या हो सकती है।
  • कमजोर लोगों के लिए खतरा- प्रेग्नेंट महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को कच्चे अंकुरित अनाज का सेवन करते समय ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए।

अंकुरित अनाज खाने का सही तरीका क्या है?

अंकुरित अनाज के हेल्थ बेनिफिट (सांकेतिक तस्वीर)<br>
अंकुरित अनाज के हेल्थ बेनिफिट (सांकेतिक तस्वीर)

अंकुरित अनाज का पूरा लाभ तभी मिल सकता है जब इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए। इसके लिए-

  • हल्का पकाएं- अंकुरित अनाज को भाप में पकाने या हल्का उबालने से बैक्टीरिया का खतरा काफी कम हो जाता है।
  • सफाई का ध्यान रखें- अंकुरित अनाज को बनाने से पहले हाथ और बर्तन अच्छी तरह धोएं।
  • फ्रिज में रखें- ताजे स्प्राउट्स को हमेशा फ्रिज में रखें ताकि उनमें बैक्टीरिया न बढ़ें।
  • क्वालिटी का ध्यान रखें- खराब स्प्राउट्स न खाएं। यदि अंकुरित अनाज में बदबू आए या चिपचिपा लगे तो उसे तुरंत फेंक दें।

अंकुरित अनाज का पूरा लाभ लें
कई लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि अंकुरित अनाज कितने दिनों तक सुरक्षित रहता है। फ्रिज में रखने पर अंकुरित अनाज 3 से 5 दिनों तक सुरक्षित माना जाता है। इसके बाद उनमें खराब बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। अंकुरित अनाज से शरीर को जरूरी पोषक मिलते हैं। स्प्राउटेड चीजें खाते समय इस बात का ध्यान रखें कि वो कच्ची न हों, साथ ही उनके इस्तेमाल में सफाई का ध्यान रखा गया हो।

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