पानी की टंकी में क्यों डालनी चाहिए जामुन की लकड़ी? जानें क्या होंगे फायदे

 

क्या आप भी हर महीने पानी की टंकी में जमने वाली काई और बदबू से परेशान हैं। हालांकि पुराने जमाने में कुओं को साफ रखने वाला देसी नुस्खा आज आपकी प्लास्टिक की टंकी को भी बैक्टीरिया मुक्त रख सकता है। इसके लिए सोशल मीडिया पर मशहूर 'एक्सपेरिमेंट भैया'ने जानकारी दी है।

Why should Jamun wood be put in water tank ankur

आज के दौर में लोग पानी को साफ करने के लिए मॉडर्न फिल्टर और केमिकल्स पर निर्भर हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राचीन समय में पूर्वज बिना किसी मशीन के कुओं का पानी सदियों तक शुद्ध रखते थे। सोशल मीडिया पर अपनी रोचक जानकारियों के लिए मशहूर एक्सपेरिमेंट भैया यानी अंकुर ने एक ऐसा ही पुराना लाइफ हैक शेयर किया है।


उन्होंने बताया कि कैसे जामुन की लकड़ी पानी की टंकी में होने वाली काई और गंदी बदबू को जड़ से खत्म कर सकती है। जामुन की लकड़ी में मौजूद खास तत्व पानी में घुलते ही बैक्टीरिया और फंगस का सफाया कर देते हैं। यह न केवल सस्ता और टिकाऊ तरीका है, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित भी है। अगर आप बार-बार टंकी की सफाई की मेहनत से बचना चाहते हैं, तो यह तरीका आजमा लीजिए।

इस्तेमाल करने का आसान तरीका

इस्तेमाल करने का आसान तरीका

इस हैक को इस्तेमाल करना बेहद आसान है। जामुन की लकड़ी के दो-तीन छोटे सूखे टुकड़े लें और उन्हें अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। अब इन टुकड़ों को सीधे अपनी पानी की टंकी में डाल दें। ये टुकड़े पानी के अंदर डूबे रहकर अपना काम करना शुरू कर देंगे। 1000 लीटर की टंकी के लिए 1-2 फिट की लकड़ी पर्याप्त होती है।

पानी को सड़ने और बदबू से बचाए

पानी को सड़ने और बदबू से बचाए

अक्सर छतों पर रखी प्लास्टिक की टंकी का पानी धूप और गर्मी की वजह से एक-दो महीने में ही महकने लगता है। जामुन की लकड़ी पानी में रहने पर कभी सड़ती नहीं है। इसके बजाय, यह पानी की अशुद्धियों को सोख लेती है और उसे लंबे समय तक ताजा बनाए रखती है। इसे टंकी में डालने से पानी से आने वाली अजीब सी दुर्गंध पूरी तरह खत्म हो जाती है।

प्राकृतिक कीटाणुनाशक

प्राकृतिक कीटाणुनाशक

जामुन की लकड़ी पानी में जाने के बाद फाइटोकेमिकल्स और टैनिन जैसे तत्व छोड़ती है। ये प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल होते हैं। यह टंकी के अंदर हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते, जिससे पानी का प्राकृतिक शुद्धिकरण होता रहता है। यह बिना किसी केमिकल के पानी को सुरक्षित रखने का सबसे सस्ता और देसी तरीका है।

काई और शैवाल का सफाया

काई और शैवाल का सफाया

प्लास्टिक की टंकियों में हरी काई जमना एक आम समस्या है। जामुन की लकड़ी में मौजूद एंटी-फंगल गुण शैवाल को बढ़ने से रोकते हैं। लकड़ी से निकलने वाले फ्लेवोनोइड्स पानी के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं, जिससे टंकी की दीवारों पर काई नहीं जमती और आपको बार-बार टंकी साफ करने की मेहनत नहीं करनी पड़ती।

कभी न सड़ने वाली मजबूती

कभी न सड़ने वाली मजबूती

जामुन की लकड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पानी के अंदर जितनी पुरानी होती जाती है, उतनी ही मजबूत होती जाती है। यही कारण है कि पुराने जमाने में कुओं के तल में जामुन के बड़े लट्ठे रखे जाते थे। टंकी में डालने पर यह लकड़ी गलकर पानी को गंदा नहीं करती, बल्कि उसे फिल्टर करने का काम करती है।

पानी को साफ रखने का आसान तरीका

सावधानियां और रखरखाव

सावधानियां और रखरखाव

जामुन की लकड़ी का असर बना रहे, इसके लिए हर 3 से 4 महीने में एक बार इन टुकड़ों को टंकी से बाहर निकालें, अच्छे से रगड़कर साफ करें और कुछ देर धूप में सुखाने के बाद फिर से डाल दें। अगर लकड़ी बहुत पुरानी हो जाए या उसका रंग पूरी तरह बदल जाए, तो आप नए टुकड़े डाल सकते हैं।

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