सूख रहा गुलाब का पौधा, नहीं आ रहे फूल? फ्री में ठंडी खाद बनाने का तरीका, गर्मी में खिलेंगे ढेरों फूल
गर्मी में लोगों की शिकायत होती है कि उनके गुलाब के पौधे की पत्तियां पीली पड़ रही हैं और फूल आना बंद हो गए हैं। इसका मुख्य कारण जड़ों में नमी की कमी और मिट्टी का ज्यादा गर्म होना है। आरवी गार्डन के एक्सपर्ट ने इस समस्या का एक बहुत ही सस्ता और असरदार उपाय बताया है।

एलोवेरा की ठंडक और केले के छिलकों के पोषण से बनी यह लिक्विड खाद न केवल जड़ों को गर्मी से बचाती है, बल्कि रुकी हुई कलियों को खिलाने में भी मदद करती है। तो चलिए जानते हैं कि घर पर यह घोल बनाने का सही तरीका क्या है और इस तरह से इस्तेमाल करना होगा ताकि पौधों को जल्दी फायदे मिला।
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फ्री में बनाएं ठंडी खाद
गर्मी में गुलाब को ऐसी खाद चाहिए जो उसे पोषण भी दे और जड़ों को ठंडा भी रखे। इसके लिए आपको सिर्फ दो चीजों की जरूरत है एलोवेरा और केले के छिलके। एक लीटर पानी लें और उसमें एक एलोवेरा की पत्ती का गूदा अच्छी तरह घोल दें। एलोवेरा एक प्राकृतिक कूलेंट और एंटी-बैक्टीरियल एजेंट है जो पौधे की जड़ों को फंगस से बचाता है और उन्हें ठंडा रखता है।
केले के छिलके का शक्तिशाली पाउडर
गुलाब के लिए पोटेशियम सबसे जरूरी पोषक तत्व है, जो फूलों को खिलाने में मदद करता है। केले के छिलकों को धूप में सुखाकर उनका बारीक पाउडर बना लें। एलोवेरा वाले पानी को छानने के बाद, उसमें एक चम्मच केले के छिलके का पाउडर मिला दें। यह मिश्रण एक बूस्टर डोज की तरह काम करता है।
हफ्ते में एक बार इस्तेमाल करें
पौधों को खाद देने का भी एक सही समय और तरीका होता है। इस तैयार घोल को हफ्ते में केवल एक बार ही पौधे की जड़ों में डालें। बहुत ज्यादा खाद देने से भी जड़ें जल सकती हैं, इसलिए हफ्ते में एक बार का नियम सबसे सही रहता है। यह घोल धीरे-धीरे मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाएगा।
सुबह या शाम को दें ठंडी खाद
गर्मी में कभी भी दोपहर की तेज धूप में खाद या पानी न दें। आरवी गार्डन के एक्सपर्ट के अनुसार, खाद देने का सबसे सही समय सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद का है। इस समय मिट्टी ठंडी होती है और जड़ें पोषक तत्वों को आसानी से सोख पाती हैं।
गुड़ाई करना न भूलें
खाद डालने से एक दिन पहले गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें। गुड़ाई करने से मिट्टी ढीली हो जाती है और हवा का संचार बढ़ जाता है। जब आप इसके बाद एलोवेरा और केले वाला घोल डालेंगे, तो वह सीधा जड़ों तक पहुंचेगा और तुरंत असर दिखाएगा।
गार्डनिंग एक्सपर्ट की टिप्स
मल्चिंग का सहारा लें
अगर आपके इलाके में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही है, तो खाद देने के बाद मिट्टी की ऊपरी सतह को सूखे पत्तों या घास से ढक दें। इसे 'मल्चिंग' कहते हैं। इससे मिट्टी की नमी बनी रहेगी, जड़ें ठंडी रहेंगी और आपका बनाया हुआ तरल खाद जल्दी नहीं सूखेगा।
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