चाय में दूध डालने पर क्यों बिगड़ जाता है मामला? डॉ. ऋचा ने गर्मी में दूध वाली चाय पीने से क्यों किया मना
Don’t Add Milk in Tea: भारत में चाय एक मॉर्निंग और इवनिंग ड्रिंक की तरह पी जाती है। अधिकतर जगह लोग दूध वाली चाय ही बनाकर पी जाती है। लेकिन डाइटिशियन डॉ. ऋचा शर्मा का कहना है कि चाय में दूध डालते ही उसके सारे फायदे चले जाते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी में दूध वाली चाय नहीं पीनी चाहिए और उसकी जगह दूसरी ड्रिंक्स का सेवन करना ज्यादा फायदेमंद होता है।

डाइटिशियन होने के नाते मुझे पता है कि ब्लैक टी, ग्रीन या व्हाइट टी के अंदर पोलीफेनोल्स नाम के स्वास्थ्यवर्धक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह आपके शरीर में इंफ्लामेशन से लड़ने, हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करने और डायजेशन में मदद करने का काम करते हैं। लेकिन जैसे ही आप चाय बनाने के दौरान दूध डालते हैं तो सबकुछ बिगड़ जाता है।
दूध रोक देता है चाय के फायदे
दूध के अंदर केसिन नाम का प्रोटीन होता है, जो चाय के एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ बंध जाता है और उन्हें नष्ट कर देता है। इसलिए आप चाय के जो फायदे सोच रहे हैं, वो सारे खत्म हो जाते हैं। आपकी चाय पोषण के बिना एक खाली ड्रिंक बन जाती है और गर्मी में यह गंभीर नुकसान करने लगती है।
गर्मी में शरीर पर बढ़ जाता है बोझ
गर्म मौसम में टेंप्रेचर रेगुलेट करने, हाइड्रेशन बनाए रखने और डायजेस्टिव सिस्टम को सही रखने के लिए शरीर पहले से ओवरटाइम कर रहा होता है। दूध वाली चाय पीने से ये तीनों काम बिगड़ जाते हैं। चाय में कैफीन होता है, जो माइल्ड ड्यूरेटिक होता है। यह पानी को शरीर से बाहर निकालता है। गर्मी में आप पसीने के द्वारा फ्लूइड पहले से खो रहे होते हैं और दूध वाली चाय से शरीर और डिहाइड्रेट होने लगता है।
दूध क्या करता है?
चाय वाला दूध गर्मी में अच्छा नहीं होता। यह पेट के लिए भारी और गर्म करने वाला होता है। इसे आप ब्लैक टी जैसी हीट बढ़ाने वाली चीज के साथ मिलाकर बॉडी को डबल हीट देते हैं। इससे पसीना, ब्लोटिंग और बेचैनी बढ़ सकती है, खासकर ज्यादा गर्मी के दौरान। गर्मी में मेरे पास कई मरीज आकर क्रोनिक एसिडिटी की शिकायत करते हैं और मेरा सबसे पहला सवाल होता है कि आप कितने कप दूध वाली चाय रोज पीते हैं।
इन लोगों को रखनी चाहिए खास सावधानी
हर किसी को दूध वाली चाय पीते हुए सावधानी बरतनी चाहिए, मगर कुछ लोगों को इसकी ज्यादा जरूरत होती है। लैक्टोज इनटॉलरेंस से परेशान लोगों को गर्मी में पेट व पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स के मरीजों को भी खास सावधान रहना चाहिए, क्योंकि चाय का टैनिन पेट की अंदरुनी परत को नुकसान पहुंचाता है और दूध रिबाउंड एसिड इफेक्ट को बढ़ा सकता है। थायरॉइड के मरीजों में चाय दवाइयों का असर कम कर सकती है। गर्भवती महिलाएं, पीसीओएस या हॉर्मोनल असमानता से जूझने पर भी इसकी लिमिट कम कर देनी चाहिए।
गर्मी में दूध वाली चाय की जगह क्या पीएं?
- मैं लोगों को सॉल्यूशन के बिना प्रॉब्लम बताने में विश्वास नहीं करती। आप दूध वाली चाय की जगह गर्मी में नारियल पानी पी सकते हैं, जो इलेक्ट्रोलाइट्स से भरा, हाइड्रेट करने वाला और कूलिंग इफेक्ट देने वाला है।
- भुने चनों से बने सत्तू की ड्रिंक पी सकते हैं। सत्तू में पानी, नींबू रस और एक चुटकी नमक डालकर पीने से प्रोटीन, हाइड्रेशन और कूलिंग इफेक्ट मिलता है।
- पेपरमिंट, कैमोमाइल और हिबिस्कस वाली चाय दूध के बिना पी सकते हैं। हिबिस्कस टी शरीर को ठंडक देती है।
- काला नमक और जीरा डालकर नींबू पानी पी सकते हैं, जो खोए हुए मिनरल्स देता है।
- अगर चाय नहीं छोड़ सकते, तो नींबू-शहद वाली काली चाय पीएं। लेकिन कम से कम गर्मी के दिनों में दूध ना डालें।
मैं चाय को खतरनाक नहीं बता रही हूं, लेकिन गर्मी में दूध वाली चाय पीना शरीर पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। रोज की छोटी-छोटी आदतें एनर्जी, डायजेशन, स्किन हेल्थ को बेहतर बना देती हैं।
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