क्या गर्मी में ज्यादा पानी देने से मर जाते हैं पौधे? माली ने खोला इसका राज, पानी देने का बताया सही तरीका

 

गर्मी के मौसम में लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि जितनी ज्यादा धूप है, पौधे को उतने ही ज्यादा पानी की जरूरत है। इसी चक्कर में दिन में कई बार गमले को पानी से भर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मी में पौधे धूप से ज्यादा 'ओवरवॉटरिंग' के कारण मर जाते हैं तो पानी देने का सही तरीका पता होना जरूरी है।

right way to water plants in summer
भीषण गर्मी में जब पारा बढ़ता है तो अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि तेज धूप और लू से पौधों को बचाने के लिए उन्हें बार-बार पानी देना जरूरी है। इसी वजह से कई लोग गमलों को पानी से लबालब भर देते हैं, लेकिन यह 'ओवरवॉटरिंग' फायदे के बजाय पौधों के लिए काल बन जाती है। माली का कहना है कि भीषण गर्मी में भी पौधों के मरने का सबसे बड़ा कारण धूप नहीं, बल्कि जड़ों में जमा हुआ अतिरिक्त पानी होता है।


अगर आप भी अपने पौधों को सूखने या सड़ने से बचाना चाहते हैं, तो पानी देने का सही तरीका समझ लीजिए। पौधों को कब कितना पानी देना है यह मिट्टी को देखकर समझा जा सकता है साथ ही गमले का प्रकार भी निर्भर करता है। तो इस गर्मी पौधों को बचाने के लिए माली की टिप्स को समझ लीजिए।

ओवरवॉटरिंग से मरते हैं पौधें

ओवरवॉटरिंग से मरते हैं पौधें

गर्मी में जब गमले को पानी से लबालब भर देते हैं, तो मिट्टी के अंदर मौजूद हवा के छिद्र बंद हो जाते हैं। जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे दम तोड़ने लगती हैं। इससे जड़ें सड़ने लगती हैं, जिससे पौधा ऊपर से हरा दिखने के बावजूद अचानक सूखकर गिर जाता है। माली की सलाह है कि 'भर-भर कर' पानी देना बंद करें, क्योंकि जड़ों को पानी के साथ हवा की भी जरूरत होती है।

नमी जांचने का आसान तरीका

नमी जांचने का आसान तरीका

पानी देने से पहले हमेशा 'सॉइल प्रेस टेस्ट' करें। अपनी उंगली से गमले की ऊपरी मिट्टी को जोर से दबाएं। अगर दबाने से मिट्टी में गड्ढा हो जाता है और उंगली पर नमी महसूस होती है, तो इसका मतलब है कि मिट्टी के अंदर पर्याप्त पानी है। ऐसी स्थिति में ऊपर से और पानी डालना पौधे की जड़ों को सड़ा सकता है। पानी तभी दें जब मिट्टी छूने पर सूखी और सख्त लगे।

हाथ से मिट्टी की जांच

हाथ से मिट्टी की जांच

केवल ऊपर की सतह को देखकर पानी न दें। कई बार ऊपर की मिट्टी सूखी दिखती है लेकिन 1-2 इंच नीचे काफी नमी होती है। मिट्टी को थोड़ा हाथ में लेकर देखें या उंगली को मिट्टी में एक इंच गहराई तक डालें। अगर मिट्टी आपके हाथ पर चिपक रही है और ठंडी लग रही है, तो पौधे को पानी की जरूरत नहीं है। अगर मिट्टी भुरभुरी होकर गिर जाए, तभी पाइप या झारे का इस्तेमाल करें।

पानी सोखने की क्षमता

पानी सोखने की क्षमता

जब आप पानी देते हैं, तो इस बात पर गौर करें कि मिट्टी उसे कितनी जल्दी सोख रही है। अगर पानी डालते ही वह तुरंत गायब हो जाए और मिट्टी उसे पी ले, तो समझ जाएं कि पौधा बहुत प्यासा था और मिट्टी पूरी तरह सूख चुकी थी। लेकिन अगर पानी मिट्टी के ऊपर काफी देर तक तैरता रहे, तो इसका मतलब है कि या तो मिट्टी में पहले से पानी है या आपकी मिट्टी बहुत ज्यादा ठोस हो गई है।

गमले के प्रकार से भी समझें

गमले के प्रकार से भी समझें

पानी की जरूरत इस बात पर भी निर्भर करती है कि पौधा किस तरह के गमले में लगा है। मिट्टी के गमले प्राकृतिक रूप से सांस लेते हैं और पानी को सोख लेते हैं, जिससे जड़ें ठंडी रहती हैं। गर्मी में मिट्टी के गमलों में लगे पौधों को लगभग रोज पानी की जरूरत होती है। इसके उलट, प्लास्टिक या सिरेमिक के गमले पानी को अंदर ही रोक कर रखते हैं, इसलिए उनमें पानी बहुत सोच-समझकर देना चाहिए।

गार्डनिंग एक्सपर्ट की टिप्स

पानी देने का सही समय और तरीका

पानी देने का सही समय और तरीका

गर्मी में कभी भी दोपहर की तेज धूप में पानी न दें। दोपहर में पानी देने से मिट्टी गर्म हो जाती है और पानी उबलने जैसा प्रभाव पैदा करता है, जिससे जड़ें झुलस सकती हैं। पानी देने का सबसे अच्छा समय सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद है। सुबह पानी देने से पौधे को पूरे दिन की धूप से लड़ने की शक्ति मिलती है और फालतू नमी शाम तक उड़ जाती है, जिससे फंगस का खतरा कम रहता है।

Comments