क्या गर्मी में मर रहे पौधे..जल रहीं पत्तियां? तरबूज के छिलकों का सस्ता उपाय, सही तरीके से बनाना है घोल

 

गर्मी में अक्सर पौधों की पत्तियां झुलसने लगती हैं और वे सूखकर मरने लगते हैं। ऐसे में महंगे फर्टिलाइजर के बजाय घर पर मौजूद तरबूज के छिलकों से बगीचे को नया जीवन दे सकते हैं। गार्डनिंग एक्सपर्ट ने तरबूज के छिलकों का खास लिक्विड फर्टिलाइजर बनाने का आसान तरीका शेयर किया है।

watermelon peels

चिलचिलाती गर्मी और 40-45 डिग्री का पारा न केवल इंसानों बल्कि बेजुबान पौधों के लिए भी काल बन जाता है। तेज धूप के कारण अक्सर पौधों की पत्तियां जलने लगती हैं, मिट्टी सूखकर पत्थर जैसी हो जाती है और पौधा धीरे-धीरे दम तोड़ देता है। ऐसे में लोग महंगे फर्टिलाइजर की ओर भागते हैं, जो कई बार गर्मी में और नुकसान पहुंचाते हैं।


हालांकि गार्डनिंग एक्सपर्ट ने इस समस्या का एक बहुत ही सस्ता और असरदार उपाय बताया है। जिसके लिए आपको कचरे में जाने वाले तरबूज के छिलकों का इस्तेमाल करना होगा। तो चलिए जानते हैं कैसे छिलकों से अपने बगीचे को फिर से हरा-भरा बना सकते हैं, भीषण गर्मी में पौधों को मरने से बचा सकते हैं।

तरबूज के छिलके ही क्यों?

तरबूज के छिलके ही क्यों?

तरबूज में 90% से अधिक पानी होता है, लेकिन इसके छिलके पोषक तत्वों का खजाना होते हैं। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन और सूक्ष्म पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। गर्मी में जब मिट्टी अपनी नमी और पोषण खो देती है, तब तरबूज के छिलकों का ठंडा अर्क मिट्टी को न केवल जरूरी खुराक देता है, बल्कि उसकी तासीर को भी ठंडा बनाए रखता है।

छिलकों की तैयारी

छिलकों की तैयारी

घोल बनाने से पहले तरबूज के छिलकों को अच्छी तरह से पानी में धो लें। माली के अनुसार, सबसे जरूरी बात यह है कि छिलकों से लाल हिस्सा पूरी तरह से निकाल देना चाहिए। केवल हरे और सफेद वाले कड़े हिस्से का ही इस्तेमाल करें। अगर लाल हिस्सा रह गया, तो मिट्टी में चींटियां और फंगस लगने का डर रहता है। इसके बाद छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें ताकि उनका अर्क पानी में जल्दी घुल सके।

घोल बनाने की '3-दिन वाली' प्रक्रिया

घोल बनाने की '3-दिन वाली' प्रक्रिया

एक बड़ी बाल्टी या कंटेनर लें और उसे पानी से भर दें। कटे हुए छिलकों को इस पानी में डालें और बर्तन को ढक दें। अब इस कंटेनर को घर के किसी अंधेरे और ठंडे कोने में 3 दिनों के लिए रख दें। इन तीन दिनों में छिलकों के पोषक तत्व पानी में समाहित हो जाएंगे और एक शक्तिशाली 'लिक्विड फर्टिलाइजर' तैयार हो जाएगा।

मिश्रण का सही अनुपात

मिश्रण का सही अनुपात

3 दिन बाद पानी को छानकर छिलके अलग कर दें। अब आपके पास एक गाढ़ा अर्क होगा। इसे सीधे पौधों में कभी न डालें। गार्डनिंग एक्सपर्ट का सुझाव है कि इसे 1:5 के अनुपात में मिलाएं। यानी अगर आप 1 मग तरबूज का घोल ले रहे हैं, तो उसमें 5 मग सादा पानी मिलाएं। यह पतला घोल पौधों की जड़ों के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी होता है।

मिट्टी को ठंडक और नई जान

मिट्टी को ठंडक और नई जान

यह घोल मिट्टी के लिए 'नेचुरल कूलेंट' का काम करता है। गर्मी के कारण मिट्टी के अंदर जो सूक्ष्म जीव मर जाते हैं, उन्हें यह घोल फिर से सक्रिय करता है। इससे पौधों में नई और चमकदार हरी पत्तियां आने लगती हैं। ध्यान रहे, यह घोल पुरानी जली हुई पत्तियों को ठीक नहीं करेगा, इसलिए उन्हें कैंची से काटकर हटा दें ताकि पौधा अपनी पूरी ऊर्जा नई ग्रोथ में लगा सके।

आने वाली गर्मी के लिए सुरक्षा कवच

आने वाली गर्मी के लिए सुरक्षा कवच

तरबूज के छिलकों का यह पानी केवल तत्काल राहत नहीं देता, बल्कि पौधे की इम्युनिटी भी बढ़ाता है। यह जड़ों को हाइड्रेटेड रखने की क्षमता विकसित करता है, जिससे आपका पौधा आने वाली और भी भीषण गर्मी को झेलने के लिए तैयार हो जाता है। इसका इस्तेमाल आप हफ्ते में एक बार या 10 दिन में एक बार नियमित रूप से कर सकते हैं।

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