ठंडा और रसीला खरबूजा न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर को ताजगी भी देता है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब बाजार से खरबूजा खरीदकर लाते हैं और घर आकर काटने पर कच्चा और बेस्वाद निकल जाता है। ऐसे में कंटेंट क्रिएटर ओमकार शेजवाल ने पका और मीठा खरबूजा पहचानने के कुछ ट्रिक्स बताएं हैं।

उन्होंने बिना काटे पका और शहद जैसा मीठा खरबूजा पहचानने के कुछ तरीके बताए हैं। उनके अनुसार, खरबूजे की खुशबू, उसके डंठल का कड़ापन और बाहरी रंगत जैसे छोटे-छोटे संकेतों को समझकर एक परफेक्ट फल का चुनाव कर सकते हैं। तो खरीदने जाने से पहले एक बार इन ट्रिक्स को जरूर जान लीजिए।
खुशबू से करें असली पहचान
ओमकार शेजवाल के अनुसार, एक पके हुए खरबूजे की सबसे बड़ी पहचान उसकी खुशबू होती है। खरबूजे को हाथ में उठाएं और उसके डंठल वाले हिस्से के पास नाक ले जाकर सूंघें। अगर वहां से एक मीठी और तेज भीनी-भीनी खुशबू आ रही है, तो समझ लीजिए कि खरबूजा पूरी तरह से पक चुका है और मीठा होगा। अगर कोई खुशबू नहीं आ रही, तो वह कच्चा हो सकता है।
डंठल के पास का कड़ापन
कई लोग सोचते हैं कि नरम खरबूजा पका होता है, लेकिन यहीं गलती कर बैठते हैं। डंठल के पास वाले हिस्से को अपनी उंगली या अंगूठे से हल्का दबाकर देखें। ओमकार बताते हैं कि यह हिस्सा कड़ा होना चाहिए। अगर वह हिस्सा ढीला-ढाला है या बहुत ज्यादा दब रहा है, तो इसका मतलब है कि खरबूजा ज्यादा पक गया है या अंदर से खराब होना शुरू हो गया है।
टेक्सचर और दाग-धब्बों पर नजर
खरबूजा खरीदते समय उसके बाहरी हिस्से को ध्यान से देखना बहुत जरूरी है। ऐसा खरबूजा बिल्कुल न लें जो एक तरफ से काला पड़ रहा हो या जिस पर गहरे धब्बे हों। अगर खरबूजे की सतह कहीं से पिचक रही है या दब रही है, तो वह अंदर से सड़ा हुआ निकल सकता है। एक हेल्दी और मीठा खरबूजा चारों तरफ से एक समान और साफ सुथरा होना चाहिए।
'सॉलिड' खरबूजा ही है बेस्ट
अक्सर फल को छूने में हिचकिचाते हैं, लेकिन खरबूजा चुनते समय उसे थोड़ा सा दबाकर देखना जरूरी है। खरबूजा उठाते समय वह हर तरफ से ठोस और कड़क महसूस होना चाहिए। अगर वह कहीं से भी पिलपिला या नरम महसूस हो रहा है, तो उसे छोड़ दें। कड़क खरबूजा इस बात का संकेत है कि वह ताजा है और उसके अंदर का रेशा अभी खराब नहीं हुआ है।
हरा नहीं, पीला खरबूजा चुनें
खरबूजे का रंग उसकी मिठास का सबसे बड़ा सबूत होता है। अगर खरबूजा बाहर से हरा दिख रहा है, तो वह कच्चा है और काटने पर फीका निकलेगा। ओमकार शेजवाल की सलाह है कि हमेशा गहरा पीला या हल्का नारंगी रंगत वाला खरबूजा ही चुनें। पीला रंग इस बात का सबूत है कि फल को बेल पर पकने का पूरा समय मिला है।
मीठे और पके खरबूजे की पहचान
वजन का अंदाजा लगाएं
जब आप दो एक ही साइज के खरबूजे उठाएं, तो जो वजन में ज्यादा भारी लगे, उसे ही खरीदें। भारी खरबूजे में रस की मात्रा ज्यादा होती है और वह अंदर से खोखला नहीं होता। हल्का खरबूजा अक्सर अंदर से सूखा या ज्यादा बीज वाला निकलता है। तो अगली बार खरबूजा खरीदने जाएं तो इन ट्रिक्स को जरूर आजमाकर देखें।
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