बैंगन बनाते समय दूध क्यों डाला जाता है? रसोई से मिला शाही सब्जी का सीक्रेट, बस एक गलती से बचना होगा

 

बैंगन की सब्जी का नाम सुनते ही कई लोग नाक-मुंह सिकोड़ने लगते हैं, लेकिन अगर इसे सही तरीके से बनाया जाए, तो यह किसी शाही दावत की मुख्य डिश बन सकती है। ऐसे में विन्नू की रसोई से शाही सब्जी का सीक्रेट मिला है। उन्होंने बताया है कि बैंगन बनाते समय दूध क्यों डालना चाहिए।

why a little milk is added while cooking brinjal sabji

बैंगन की सब्जी को लेकर अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि यह कड़वी लगती है या इसका स्वाद फीका रह जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसोई में मौजूद एक साधारण सी चीज इस सब्जी का पूरा जायका बदल सकती है। सोशल मीडिया पर अपनी रेसिपीज के लिए मशहूर विन्नू की रसोई ने बैंगन को शाही बनाने का सीक्रेट शेयर किया है।


उन्होंने बताया कि बैंगन पकाते समय उसमें थोड़ा सा दूध डालने से न केवल इसके छिलके की कड़वाहट खत्म हो जाती है, बल्कि सब्जी को एक मलाईदार और रिच टेक्सचर भी मिलता है। यह छोटा सा बदलाव आपकी साधारण सब्जी को किसी रेस्टोरेंट की शाही करी जैसा बना देता है। हालांकि, इस ट्रिक को अपनाते समय एक खास सावधानी बरतनी जरूरी है।

इस्तेमाल करने का सही तरीका

इस्तेमाल करने का सही तरीका

बैंगन में दूध डालने का भी एक तरीका होता है। जब आपके मसाले और बैंगन अच्छी तरह भुन जाएं और सब्जी लगभग 80% पक जाए, तब आंच को धीमा करें। अब इसमें आधा कप या जरूरत के हिसाब से गुनगुना दूध धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें। ध्यान रहे कि एकदम ठंडा दूध उबलती सब्जी में न डालें, वरना दूध फट सकता है।

दूध डालने से क्या होगा फायदा

दूध डालने से क्या होगा फायदा

बैंगन के छिलके में अक्सर एक प्राकृतिक कसैलापन या कड़वाहट होती है, जो पूरी ग्रेवी का स्वाद खराब कर देती है। जब आप सब्जी पकाते समय उसमें थोड़ा सा दूध मिलाते हैं, तो दूध में मौजूद प्रोटीन और फैट बैंगन की कड़वाहट को सोख लेते हैं। इससे बैंगन का स्वाद मीठा और हल्का हो जाता है, जिससे बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं।

मलाईदार और रिच टेक्सचर

मलाईदार और रिच टेक्सचर

अगर आप बिना काजू या क्रीम के सब्जी को 'रेस्टोरेंट स्टाइल' रिच लुक देना चाहते हैं, तो दूध सबसे अच्छा ऑप्शन है। दूध बैंगन के साथ मिलकर ग्रेवी को एक मलाईदार बनावट देता है। यह मसालों के तीखेपन को बैलेंस करता है और सब्जी को एक मखमली एहसास देता है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है।

'मिट्टी जैसा स्वाद' रहता है बरकरार

'मिट्टी जैसा स्वाद' रहता है बरकरार

बैंगन की अपनी एक खास सुगंध और मिट्टी जैसा सोंधा स्वाद होता है। कई बार ज्यादा मसालों के इस्तेमाल से यह असली स्वाद खो जाता है। दूध बैंगन के इस प्राकृतिक स्वाद को दबाता नहीं है, बल्कि उसे उभारने में मदद करता है। दूध डालने से बैंगन के अंदर के रेशे नरम हो जाते हैं और वह मसालों को बेहतर तरीके से सोख पाता है।

रंगत में आता है निखार

रंगत में आता है निखार

अक्सर बैंगन काटने या पकाने के बाद काला पड़ने लगता है, जिससे सब्जी का रंग गहरा और अजीब दिखने लगता है। दूध में मौजूद लैक्टोज और वसा सब्जी की रंगत को बनाए रखते हैं। इसे डालने से ग्रेवी का रंग सुनहरा और ताजा दिखता है, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है।

सबसे बड़ी सावधानी

सबसे बड़ी सावधानी

'विन्नू की रसोई' ने इस सीक्रेट के साथ एक बहुत जरूरी चेतावनी भी दी है। अगर आप अपने बैंगन की करी या 'खट्टे बैंगन' में इमली का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो गलती से भी दूध न डालें। इमली की खटास और दूध मिलकर रिएक्शन करते हैं, जिससे ग्रेवी फट सकती है या उसका स्वाद और भी ज्यादा कड़वा हो सकता है। खटास के लिए टमाटर का हल्का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इमली और दूध का कॉम्बिनेशन सब्जी को खराब कर देगा।

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