करी पत्ता का पौधा घना करने के लिए क्या करें? कृष्णाश्री यलमंचिली ने बताया फ्री का घोल, यूं तोड़ना होगा पत्तियां
करी पत्ता न केवल साउथ इंडियन डिश की जान है, बल्कि अपनी औषधीय खूबियों के कारण हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनके घर में लगा करी पत्ते का पौधा बढ़ता नहीं है या उसकी पत्तियां बहुत कम आती हैं। गार्डनिंग एक्सपर्ट कृष्णाश्री यलमंचिली ने इस समस्या का आसान समाधान बताया है।

अक्सर लोग महंगे फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करते हैं, फिर भी पौधा घना नहीं हो पाता है। लेकिन रसोई में बची एक छोटी सी चीज आपके पौधे को झाड़ीदार बना सकती है। इसके अलावा पत्तियां तोड़ने की एक मामूली सी गलती पर भी ध्यान देना होगा। तो चलिए करी पत्ते को फिर से हरा-भरा और घना बनाने के टिप्स जानते हैं।
धूप का सही बैलेंस
करी पत्ता एक ट्रॉपिकल पौधा है, जिसे बढ़ने के लिए अच्छी रोशनी की जरूरत होती है। कृष्णाश्री के अनुसार, इस पौधे को दिन भर में कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी धूप मिलना जरूरी है। अगर आप इसे बिल्कुल छांव में रखेंगे, तो इसकी लंबाई तो बढ़ेगी, लेकिन पत्तियां कम और छोटी होंगी। सही धूप मिलने से पौधे का तना मजबूत होता है और पत्तियों का रंग गहरा हरा बना रहता है।
फ्री का फर्टिलाइजर
पौधे को पोषण देने के लिए बाजार से महंगी खाद लाने की जरूरत नहीं है। आपकी रसोई में बची हुई पुरानी छाछ कड़ी पत्ता के लिए अमृत के समान है। इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया और लैक्टिक एसिड मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं और पौधे की ग्रोथ को तेज करते हैं। एक भाग खट्टी छाछ में 5 गुना सादा पानी मिलाकर पतला घोल तैयार करें और इसे हफ्ते में एक बार पौधे की जड़ों में डालें।
पत्तियां तोड़ने का सही तरीका
ज्यादातर लोग करी पत्ता की सिर्फ पत्तियां खींचकर तोड़ लेते हैं, जो पौधे की ग्रोथ के लिए सबसे बड़ी गलती है। एक्सपर्ट का कहना है कि कभी भी मुख्य ब्रांच से पत्तियों को अलग-अलग न तोड़ें। इसके बजाय, पूरी की पूरी छोटी टहनी को तोड़ें। जब आप टहनी तोड़ते हैं, तो उस जगह से दो नई शाखाएं निकलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे पौधा धीरे-धीरे घना होने लगता है।
पिंचिंग और प्रूनिंग
अगर आपका पौधा केवल सीधा ऊपर की तरफ भाग रहा है, तो उसकी 'पिंचिंग' करना जरूरी है। इसका मतलब है कि पौधे के सबसे ऊपरी हिस्से को काट देना। ऐसा करने से पौधे की ऊपर की बढ़त रुक जाती है और वह साइड से नई शाखाएं निकालने लगता है। साल में एक बार फरवरी या मानसून के दौरान इसकी हल्की छंटाई करने से पौधा झाड़ीदार बन जाता है।
मिट्टी और जल निकासी
करी पत्ता को ऐसी मिट्टी पसंद है जो नम हो लेकिन उसमें पानी जमा न हो। इसके लिए गमले में जल निकासी का अच्छा छेद होना चाहिए। अगर जड़ों में पानी खड़ा रहेगा, तो पत्तियां पीली पड़कर गिरने लगेंगी। मिट्टी तैयार करते समय उसमें थोड़ी मात्रा में रेत और गोबर की खाद जरूर मिलाएं, ताकि जड़ों को फैलने के लिए सही वातावरण मिले।
गार्डनिंग एक्सपर्ट की टिप्स
सफेद कीड़ों और फंगस से बचाव
करी पत्ते पर अक्सर सफेद चिपचिपे कीड़ों का हमला होता है। इनसे बचने के लिए आप ऊपर बताई गई छाछ वाले पानी का स्प्रे पत्तियों पर भी कर सकते हैं। इसके अलावा, महीने में एक बार नीम के पानी का छिड़काव करने से पौधा बीमारियों से बचा रहता है। जितनी साफ और स्वस्थ पत्तियां होंगी, पौधा उतनी ही तेजी से नई ग्रोथ दिखाएगा।
Comments
Post a Comment