स्टडी: करीब 88 लाख भारतीय बुजुर्गों को डिमेंशिया, हफ्ते में कितनी बार अंडे खाने से दूर हो सकता है खतरा
अंडे को सुपरफूड माना जाता है। यह प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और दिमाग के लिए जरूरी कई सारे न्यूट्रिएंट्स देता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में अंडे खाने से अल्जाइमर की बीमारी के खतरे में कमी देखी गई है। शोधकर्ताओं ने देखा कि हफ्ते में एक निश्चित बार अंडे खाने से अल्जाइमर का खतरा सबसे कम होता है। क्योंकि इसके अंदर दिमाग को स्वस्थ बनाने वाले पोषक तत्व होते हैं।

भारत में करीब 88 लाख बुजुर्गों को भूलने की बीमारी
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन पर प्रकाशित अध्ययन ने भारत में डिमेंशिया के करीब 88 लाख बुजुर्ग बताए हैं। यह आंकड़ा 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के मरीजों से संबंधित है। आपको बता दें एक सामान्य अनुमान के मुताबिक, डिमेंशिया के कुल मामलों के 60 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के पीछे अल्जाइमर होता है।
डिमेंशिया-अल्जाइमर और अंडे का संबंध
अमेरिका के शोधकर्ताओं ने अल्जाइमर (डिमेंशिया) की बीमारी के खतरे और डाइटरी फैक्टर्स के बीच संबंध पर अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट करने के लिए अंडा डाइट में एक प्रमुख सोर्स है। यह दिमागी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व देता है। उन्होंने पाया कि एक निश्चित संख्या में अंडे खाने से अल्जाइमर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह अध्ययन साइंस डायरेक्ट पर प्रकाशित है।हफ्ते में कितनी बार अंडे खाने से कम दिखा खतरा?
अध्ययन में देखा गया कि जो लोग अंडे कभी नहीं खाते या बहुत कम खाते हैं, उनके अंदर अल्जाइमर का खतरा ज्यादा है। इनके मुकाबले जो लोग हफ्ते में एक बार या 2 से 4 बार अंडे खाते हैं, उनमें इस बीमारी का खतरा कम होता है और सबसे कम खतरा हफ्ते में 5 या उससे ज्यादा बार अंडे खाने से देखा गया। ऐसा अंडे को बैलेंस्ड डाइट के साथ लेने पर देखा गया है, क्योंकि इसमें संभावित न्यूरोप्रोटेक्टिव इफेक्ट होते हैं।
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