चीकू खरीदने का सही तरीका क्या है? मीठे और रसीले चीकू की पहचान, भूलकर भी मत करना 2 गलती

 

चीकू न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट और मीठा होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। लेकिन अक्सर लोग बाजार से चीकू तो ले आते हैं, पर घर आकर पता चलता है कि वे या तो अंदर से कच्चे हैं या फिर उनमें कीड़े लगे हैं। ऐसे में पके और मीठे चीकू खरीदने के लिए ओंकार शेजवाल ने कुछ टिप्स दिए हैं।

how to choose Sweet and juicy chikoo

मीठा और रसीला चीकू हर किसी का पसंदीदा फल है, लेकिन बाजार से सही चीकू चुनना किसी चुनौती से कम नहीं होता। अक्सर लोग ऊपर से अच्छे दिखने वाले चीकू ले आते हैं, जो घर आकर या तो कच्चे निकलते हैं या फिर उनमें कीड़े होते हैं। सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर ओंकार शेजवाल ने ग्राहकों को इस धोखे से बचाने के लिए कुछ बेहद आसान और सटीक तरीके बताए हैं।

उनके अनुसार, चीकू का रंग और उसकी बनावट ही उसके स्वाद का राज खोल देती है। हरे और आलू जैसे सख्त चीकू खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि वे कभी ठीक से नहीं पकते। वहीं, छिलके पर छोटा सा छेद या जरूरत से ज्यादा झुर्रियां भी खराब गुणवत्ता की निशानी हैं। सही रंग, नरमी और बारीकियों की जांच करके आप मीठा और एकदम पका हुआ चीकू खरीद सकते हैं।

सबसे पहले देखें चीकू का रंग

सबसे पहले देखें चीकू का रंग

अक्सर लोग चीकू खरीदते समय उसके रंग पर ध्यान नहीं देते। ओंकार शेजवाल के मुताबिक, हमेशा भूरा या हल्का लाल रंग वाला चीकू ही चुनें। अगर चीकू का रंग हरा दिख रहा है, तो उसे बिल्कुल न खरीदें। हरे रंग का मतलब है कि उसे समय से पहले तोड़ लिया गया है। ऐसे चीकू घर लाने के बाद भी ठीक से पकते नहीं हैं और अगर पक भी जाएं, तो उनका स्वाद फीका या कसैला होता है।

छोटे छेद की सावधानी से जांच करें

छोटे छेद की सावधानी से जांच करें

चीकू के रंग की जांच करने के बाद उसे हाथों में लेकर चारों तरफ से घुमाकर देखें। अगर चीकू की सतह पर आपको कोई छोटा सा छेद नजर आता है, तो उसे तुरंत वापस रख दें। चीकू में छेद होने का मतलब है कि उसके अंदर कीड़ा लग चुका है। ऐसे चीकू बाहर से भले ही अच्छे लगें, लेकिन अंदर से सड़े हुए निकलते हैं।

आलू जैसा सख्त चीकू न लें

आलू जैसा सख्त चीकू न लें

अगर बाजार में आपको ऐसे चीकू दिख रहे हैं जो दिखने में तो साफ-सुथरे हैं लेकिन छूने पर आलू की तरह सख्त हैं, तो उन्हें घर लाने का कोई फायदा नहीं है। कच्चे और कठोर चीकू को पकाना बहुत मुश्किल होता है और अक्सर वे पकने से पहले ही सूख जाते हैं या खराब हो जाते हैं। हमेशा वही चीकू लें जो थोड़े मैच्योर हों और पके हुए दिखने लगें।

झुर्रियों वाले चीकू से बचें

झुर्रियों वाले चीकू से बचें

कई लोगों को लगता है कि अगर चीकू के छिलके पर झुर्रियां पड़ गई हैं, तो वह बहुत मीठा होगा। लेकिन ओंकार शेजवाल के अनुसार, यह एक बड़ी गलती है। बहुत ज्यादा झुर्रियों वाला चीकू जरूरत से ज्यादा पक चुका होता है। ऐसे चीकू का स्वाद बदल जाता है और उसमें एक अजीब सी गंध आने लगती है, जिससे इसे खाने का असली मजा खत्म हो जाता है।

'दबाकर' देखें नरमी

'दबाकर' देखें नरमी

पके हुए चीकू की सबसे बड़ी पहचान उसकी नरमी है। जब आप चीकू को धीरे से दबाते हैं और वह हल्का नरम महसूस होता है, तो इसका मतलब है कि वह खाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लालिमा लिए हुए चीकू अगर दबाने पर नरम लगे, तो वह सबसे मीठा निकलता है।

चीकू खरीदने का सही तरीका

खरीदने के बाद रखने का सही तरीका

खरीदने के बाद रखने का सही तरीका

अगर आपने गलती से थोड़े सख्त चीकू खरीद लिए हैं, तो उन्हें फ्रिज में न रखें। उन्हें किसी कागज के बैग या अखबार में लपेटकर कमरे के तापमान पर एक-दो दिन के लिए रख दें। इससे उनकी प्राकृतिक मिठास बनी रहेगी। लेकिन याद रहे, ओंकार के बताए अनुसार छेद वाले और हरे चीकू को कभी न खरीदें क्योंकि वे किसी भी तरीके से खाने लायक नहीं बन पाएंगे।


Comments