Split या Window AC, कौन कम खाता है बिजली? टेक्नीशियन ने खोले राज

 

Split vs Window AC: क्या विंडो और स्प्लिट AC एक बराबर बिजली की खपत करते हैं? जवाब है नहीं और ऐसा कहना है दो दशक से ज्यादा समय से AC-फ्रिज के टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहे शैलेंद्र शर्मा का। उनके अनुसार अगर आप बिजली बचत को ध्यान में रखते हुए AC खरीद रहे हैं, तो स्प्लिट AC खरीदना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

Window AC vs Split AC
विंडो या स्प्लिट AC कौन खाता है कम बिजली
Best AC For Home: ज्यादातर लोग मानते हैं कि स्प्लिट या विंडों AC एक बराबर ही बिजली खपत करते हैं। ऐसे में जब वे एयर कंडीशनर खरीदते हैं, तो स्प्लिट या विंडो AC में चुनते समय इस बात को ध्यान में नहीं रखा जाता है कि कौन सा AC ज्यादा बिजली खाएगा। दो दशक से भी ज्यादा समय से AC-फ्रिज टेक्नीशियन का काम कर रहे शैलेंद्र शर्मा इस बात पर से पर्दा उठाते हैं, कि विंडो और स्प्ल्टि AC की बिजली की खपत अलग-अगग हो सकती है। कहने का मतलब है कि जरूरी नहीं दो टन के एक विंडो AC की बिजली की खपत उतने ही टन वाले स्प्लिट AC के बराबर हो।


ऐसे में अगर आपके लिए बिजली का बिल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, तो आपको AC खरीदते समय स्प्लिट या विंडो कैटेगरी में से समझदारी से चुनाव करना चाहिए। अगर आप गलत प्रकार और स्पेसिफिकेशन वाला AC घर में लगाते हैं, तो तमाम तिकड़म भिड़ाने के बावजूद आप बिजली के बिल को कंट्रोल में नहीं ला पाएंगे।

शैलेंद्र शर्मा बताते हैं कि स्प्लिट और विंडो AC में फर्क सिर्फ डिजाइन का नहीं बल्कि खाम करने की तकनीक का भी होता है। उनके अनुसार स्प्लिट AC की बड़ी कंडेनसर यूनिट और इसकी हाइट प्रोफाइल माउंटिंग यानी कि हाइट पर इंस्टॉल किए जाने की वजह से इसे बिजली बचाने में विंडो एसी के मुकाबले बढ़त मिल जाती है।

स्प्लिट या विंडो AC में कौन खाता है ज्यादा बिजली?

स्प्लिट या विंडो AC में कौन खाता है ज्यादा बिजली?

सीधे-सीधे तौर पर कहा जाए, तो आमतौर पर स्प्लिट AC कम बिजली खर्च करते हैं। इसके पीछे उनके काम करने की टेक्नोलॉजी, डिजाइन, कमरे में प्लेसमेंट और कंडेंसर का आकार जैसी वजहें जिम्मेदार होती हैं। यही वजह है कि शैलेंद्र बताते हैं कि अगर आप विंडो या स्प्लिट AC को लेकर दुविधा में हों, तो पहली पसंद के तौर पर स्प्लिट AC को चुनना चाहिए।

कंडेनसर का साइज और प्लेसमेंट

कंडेनसर का साइज और प्लेसमेंट

स्प्लिट और विंडो AC में एक बड़ा फर्क ये होता है कि स्प्लिट AC में आउटडोर यूनिट भी शामिल होती है, जिसकी वजह से स्प्लिट AC के कंडेनसर का साइज बड़ा हो जाता है। इसकी वजह से स्प्लिट AC गर्मी को ज्यादा बेहतर तरीके से बाहर निकाल पाता है।

वहीं विंडो AC का डिजाइन ही कुछ ऐसा होता है कि उसके कंडेनसर को एक छोटे से बॉक्स में फिट करना पड़ता है, जिससे वह उतनी तेजी से गर्मी बाहर नहीं निकाल पाता। इसकी वजह से कंप्रेसर को ज्यादा काम करना पड़ता है और बिल इससे बढ़ जाता है।

दोनों की टेक्नोलॉजी का फर्क

दोनों की टेक्नोलॉजी का फर्क

ज्यादातर स्प्लिट एसी इन्वेर्टर टेक्नोलॉजी के संग आते हैं। यह टेक्नोलॉजी वैसे ही बिजली बचाने वाली होती है। इसके अलावा इनवर्टर AC में आप कंप्रेसर की स्पीड को भी कम या ज्यादा पर सेट कर सकते हैं। इससे बिजली की खपत काफी घट जाती है।

वहीं विंडो AC आज भी ज्यादातर फिक्स्ड-स्पीड टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं, जो कि बार-बार फुल पावर पर ऑन और ऑफ होते हैं। इस अकेली वजह से बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है।(REF.)

इंस्टॉलेशन की जगह

इंस्टॉलेशन की जगह

बिजली की कम खपत के पीछे एक बड़ी वजह स्प्लिट AC के इंस्टॉलेशन की जगह होती है। स्प्लिट AC दीवार पर ऊपर की ओर लगाए जाते हैं और क्योंकि ठंडी हवा भारी होती है वह ऊपर से नीचे की ओर गिरती है। जिससे कमरा जल्दी ठंडा होता है और AC के कंप्रेसर को कम चलना पड़ता है।

विंडो AC के साथ यह एक समस्या बन जाती है क्योकि उन्हें दीवार पर बीच में कहीं या नीचे की ओर लगाया जाता है। ऐसे में विंडो AC को कमरा ठंडा करने में समय ज्यादा लगता है और नतीजतन बिल भी ज्यादा आता है।

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