Solar-powered Ambulance: सूरज की रोशनी से चलने वाली दुनिया की पहली एंबुलेंस, बिना पेट्रोल-डीजल के बचेगी मरीजों की जान
World First Solar Ambulance: मार्केट में पहले से ही कई सोलर व्हीकल्स मौजूद हैं। लेकिन, अब सूरज की रोशनी से चलने वाली एंबुलेंस भी आ गई है। इसे AIKO नाम की कंपनी और नीदरलैंड की आइंडहोवन यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मिलकर बनाया है। यह दुनिया की पहली सोलर-पावर्ड एंबुलेंस है। यह बिना पेट्रोल और डीजल के भी मरीजों की जान बचा सकती है। इस एंबुलेंस के उपकरण जैसे वेंटिलेटर आदि भी सूरज की रोशनी से ही चलते हैं। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।

दुनिया की पहली सोलर एंबुलेंस
स्टेला जुवा सूरज की रोशनी से चलने वाली दुनिया की पहली एंबुलेंस है। इसे खास तौर पर उन दूर-दराज के इलाकों या गांवों के लिए बनाया जा रहा है जहां बिजली की कमी है या पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता कम है। उम्मीद है कि यह जुलाई 2026 तक यह एंबुलेंस सड़कों पर उतर जाएगी।
एंबुलेंस के उपकरण भी सूरज की रोशनी से ही चलेंगे
AIKO नाम की कंपनी और नीदरलैंड की आइंडहोवन यूनिवर्सिटी (Eindhoven University of Technology) के छात्रों ने मिलकर इस दुनिया की पहली सोलर-पावर्ड एंबुलेंस को तैयार किया है। यह एंबुलेंस पूरी तरह से सूरज की रोशनी से चलेगी, पेट्रोल या डीजल से नहीं। इतना ही नहीं एंबुलेंस के अंदर लगे सभी मेडिकल उपकरण जैसे वेंटिलेटर या मॉनिटर भी सूरज की रोशनी से ही काम करेंगे।
AIKO के ABC सोलर सेल्स
इस एंबुलेंस की छत पर AIKO कंपनी के खास ABC (ऑल ब्लैक कॉन्टैक्ट) सोलर सेल्स लगाए गए हैं। ये आम सोलर पैनल से अलग और बेहतर हैं। ये सेल्स सूरज की ज्यादा से ज्यादा रोशनी को सोखते हैं जिससे ज्यादा पावर मिलती है। ये ज्यादा मजबूत भी होते हैं। इनमें सिल्वर का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे इनमें दरारें पड़ने का खतरा कम रहता है और ये लंबे समय तक चलते हैं। यह हर हर मौसम में काम करते हैं। चाहें गर्मी हो या मौसम बहुत खराब हो, ये सेल्स लगातार बिजली सप्लाई करते रहते हैं।
टीम पहले भी बना चुकी है कई सोलर गाड़ियां
इस एंबुलेंस को आइंडहोवन यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बनाया है। यह टीम सोलर गाड़ियां बनाने में माहिर है। इससे पहले भी ये टीम सूरज की रोशनी से चलने वाली कई अद्भुत गाड़ियां बना चुकी है। इस टीम ने स्टेला विटा (Stella Vita) नाम की सूरज से चलने वाली एक ट्रैवल कैंपर वैन बनाई थी। इसके अलावा इस टीम ने दुनिया की पहली सोलर ऑफ-रोडिंग गाड़ी स्टेला टेरा (Stella Terra) भी बनाई थी। यह गाड़ी ऊबड-खाबड़ रास्तों पर चल सकती है।
हेल्थकेयर में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल
अक्सर आपदा के समय या पिछड़े इलाकों में एंबुलेंस के लिए पेट्रोल-डीजल जुटाना या मेडिकल मशीनों को बिजली देना मुश्किल हो जाता है। यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि सोलर एनर्जी का इस्तेमाल सिर्फ घर की लाइट जलाने के लिए ही नहीं, बल्कि इमर्जेंसी हेल्थकेयर और लोगों की जान बचाने के लिए भी किया जा सकता है।
नोट - सभी तस्वीरें सांकेतिक हैं और फ्रीपिक (Freepik) से ली गई हैं।
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