FSSAI ने आंबील को माना भीषण गर्मी को मात देने का परफेक्ट तरीका, बताया छाछ-रागी से कैसे बनाएं?

 

Maharashtrian Drink To Beat Summer: गर्मी में हेल्दी ड्रिंक्स पीना सेहत को सही रखने का बढ़िया तरीका है। आप महाराष्ट्रीयन आंबील (आंबली) का सेवन कर सकते हैं, जिसकी रेसिपी एफएसएसएआई ने शेयर की है। यह प्रमुख रूप से पेय रागी, छाछ और पानी से बनती है, जो गर्मी में होने वाली समस्याओं से राहत देते हैं। आइए इसके फायदे जान लेते हैं।

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गर्मी में रागी आंबील कैसे बनाएं? (सांकेतिक तस्वीर)
मौसम का पारा चढ़ता जा रहा है और लू ने परेशान करना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र में भी भीषण गर्मी रहती है, लेकिन यहां के मूल निवासी इससे राहत पाने के लिए आंबील की मदद लेते हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने रागी और छाछ वाली आंबील बनाने की रेसिपी शेयर की है।


एफएसएसएआई ने बताया कि महाराष्ट्रीयन आंबील रागी, छाछ और कुछ सिंपल मसालों से बनी एक पौष्टिक और कूलिंग ड्रिंक है। यह शरीर के लिए काफी फायदेमंद है और भारतीय परंपरा से जुड़ी हुई है। मिलेट्स से बनी यह रेसिपी गर्मी के दौरान शरीर को हल्का, हेल्दी और एनर्जेटिक रखने का परफेक्ट तरीका है। आपको बता दें कि एफएसएसएआई ने इस ड्रिंक को महाराष्ट्रीयन आंबली बताया है, लेकिन महाराष्ट्र के लोग इसे आंबील भी बोलते हैं। एफएसएसएआई के इस पोस्ट पर एक यूजर ने भी कमेंट करके इस बात की पुष्टि की है।




रागी आंबील बनाने की रेसिपी


रागी आंबील की प्रमुख सामग्री

इस कूलिंग ड्रिंक की प्रमुख सामग्री रागी का आटा, छाछ और पानी हैं। इसके साथ कुछ मसाले और अन्य सामग्री जैसे कि हींग, नमक, अदरक का पेस्ट, हरी मिर्च, मेथी के पत्ते, करी पाउडर आदि का उपयोग किया गया है।




रागी से क्या मिलता है?

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रागी में पोषण (सांकेतिक तस्वीर)
रागी एक स्वास्थ्यवर्धक मोटा अनाज है। डॉ. डी. वाई. पाटिल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड रिसर्च सेंटर की जानकारी के मुताबिक, यह मिलेट बी-कॉम्प्लेक्स के बी1 (थियामिन), बी2 (राइबोफ्लेविन) और बी3 (नियासिन) जैसे विटामिन का बेहतरीन सोर्स है। यह पोषक तत्व एनर्जी मेटाबॉलिज्म और संपूर्ण स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं। इसके अलावा रागी खाने से कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम मिलता है। यह एक ग्लूटेन-फ्री अनाज है, जिस वजह से ग्लूटेन एलर्जी से परेशान लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन है।




शरीर को ठंडा रखती है रागी

इसी रिसर्च सेंटर की जानकारी के मुताबिक, आयुर्वेद में रागी को पित्त दोष शांत और संतुलित करने वाला माना है। यह आयुर्वेदिक दोष शरीर की अंदरुनी गर्मी के लिए जिम्मेदार होता है। पित्त दोष संतुलित होने से शरीर में ठंडक रहती है और शारीरिक गर्मी व एसिडिटी कम होती है।


छाछ पीने से क्या होता है?

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गर्मी में छाछ क्यों पीए (सांकेतिक तस्वीर)
दही को पानी के साथ मथकर छाछ बनाई जाती है। यूएसडीए के मुताबिक, यह सोडियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम देती है, जो गर्मी में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होने देते। यह शरीर में फ्लूइड बैलेंस लाने में सपोर्ट करती है और पाचन को बेहतर बनाने के साथ पेट को ठंडक देती है।




डिहाइड्रेशन नहीं होने देता पानी

गर्मी और लू की वजह से पसीना ज्यादा निकलने लगता है, जिससे बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है। पानी फिर से बॉडी को हाइड्रेट करता है, बॉडी फ्लूइड का बैलेंस सही करता है और इंटरनल टेंप्रेचर को कम करने में मदद करता है।


रागी आंबील या रागी आंबली के अन्य मसाले और सामग्री पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यह आपको गर्मी में होने वाली ब्लोटिंग, गैस, अफारा जैसी दिक्कतों से बचाते हैं। हालांकि, इस ड्रिंक को मॉडरेशन में ही लें, क्योंकि किसी भी चीज को संतुलित मात्रा में सेवन करना सुरक्षित व फायदेमंद होता है।

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