FSSAI ने अश्वगंधा की पत्तियां इस्तेमाल करने पर लगाया बैन, ना मानने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, मगर क्यों?

 

Ashwagandha Banned Use: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अश्वगंधा की पत्तियों को इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया है। क्योंकि यह शरीर के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती हैं। इस निर्देश का उल्लंघन करने वालों पर कानून कार्रवाई की जाएगी। आइए जानते हैं कि यह फैसला क्यों लेना पड़ा और अश्वगंधा की पत्तियों के नुकसान क्या हैं?

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अश्वगंधा की पत्तियों पर बैन (सांकेतिक तस्वीर)
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अश्वगंधा की पत्तियों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एफएसएसएआई ने अपनी एडवाइजरी में इस जड़ी बूटी की पत्तियों को फूड प्रोडक्ट्स, सप्लीमेंट्स, चिकित्सीय उद्देश्य के लिए नुकसानदायक बताया है। इस फैसले का कारण अधिकतर आम जनता को मालूम नहीं है। FSSAI ने बताया है कि कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स अपने प्रोडक्ट्स के अंदर अश्वगंधा की पत्तियों का इस्तेमाल कर रहे थे। एडवाइजरी में अश्वगंधा के सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी गई है।


FSSAI ने क्या कहा?

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अश्वगंधा की पत्तियां (सांकेतिक तस्वीर)

FSSAI ने 16 अप्रेल 2026 को अश्वगंधा के इस्तेमाल को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें निर्देश दिया गया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (हेल्थ सप्लीमेंट्स, न्यूट्रास्युटिकल्स, फूड फॉर स्पेशल डाइटरी यूज, फूड फॉर स्पेशल मेडिकल पर्पज, फंक्शनल फूड एंड नोवल फूड) रेगुलेशन, 2016 के तहत किसी भी हेल्थ सप्लीमेंट, न्यूट्रास्युटिकल्स, फूड फॉर स्पेशल डाइटरी यूज, फूड फॉर स्पेशल मेडिकल पर्पज के अंदर अश्वगंधा की पत्तियों का कच्चा, साबुत, एक्सट्रेक्ट (रस) या किसी भी रूप में इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है।




कैसे कर सकते हैं अश्वगंधा का इस्तेमाल?

अश्वगंधा एक स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटी है और इसका आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा में काफी उपयोग किया जाता है। FSSAI के मुताबिक, फूड प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां ऊपर बताई गई कैटेगरी के प्रोडक्ट्स के उत्पादन में केवल अश्वगंधा की जड़ या उसके एक्सट्रेक्ट (रस) का उपयोग कर सकते हैं, वो भी निर्धारित सीमा के अंदर ही।

यह सख्त निर्देश सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को आयुष मंत्रालय के 15 अप्रेल 2026 को जारी लेटर के बाद दिया गया है। उल्लंघन करने वालों पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 और रेगुलेशन के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।


अश्वगंधा की पत्तियों पर बैन लगाने का कारण

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अश्वगंधा की पत्तियों में क्या है (सांकेतिक तस्वीर)

आयुष मंत्रालय ने अपने लेटर में अश्वगंधा की पत्तियों को किसी भी रूप में आयुष दवाओं या प्रोडक्ट के अंदर इस्तेमाल ना करने की सलाह दी है। इसके पीछे पत्तियों के अंदर Withaferin-A जैसे रिएक्टिव विदएनोलाइड्स की अधिक मात्रा को जिम्मेदार ठहराया है। आयुष मंत्रालय ने इस फैसले के पीछे एनसीबीआई और पब्मेड पर मौजूद दो शोधों का हवाला दिया है।


अश्वगंधा की पत्तियों का साइड इफेक्ट

शोधों के मुताबिक, अश्वगंधा के अंदर रिएक्टिव विदएनोलाइड्स कंपाउंड होते हैं, जिन्हें साइटोटॉक्सिक एजेंट माना जाता है। यानी ये सेल्स के लिए खतरनाक होते हैं और उन्हें विकसित होने नहीं देते और डैमेज कर देते हैं। इन कंपाउंड्स में से Withaferin-A के अंदर सामान्य सेल्स और कैंसर सेल्स दोनों के प्रति साइटोटॉक्सिक क्षमता काफी ज्यादा होती है। जबकि दूसरे कंपाउंड की साइटोटॉक्सिक क्षमता हल्की होती है और वो भी केवल कैंसर वाली सेल्स के खिलाफ ही।


अश्वगंधा के फायदे भी जान लें

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, अश्वगंधा की जड़ का इस्तेमाल करने से शारीरिक लाभ प्राप्त होते हैं। यह स्ट्रेस, एंग्जायटी, नींद से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में प्रभावशाली होती है। लेकिन इसका उपयोग, डोज और सावधानियों के बारे में डॉक्टर से जान लेना जरूरी है।

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