FSSAI ने अश्वगंधा की पत्तियां इस्तेमाल करने पर लगाया बैन, ना मानने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, मगर क्यों?
Ashwagandha Banned Use: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अश्वगंधा की पत्तियों को इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया है। क्योंकि यह शरीर के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती हैं। इस निर्देश का उल्लंघन करने वालों पर कानून कार्रवाई की जाएगी। आइए जानते हैं कि यह फैसला क्यों लेना पड़ा और अश्वगंधा की पत्तियों के नुकसान क्या हैं?

FSSAI ने क्या कहा?
FSSAI ने 16 अप्रेल 2026 को अश्वगंधा के इस्तेमाल को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें निर्देश दिया गया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (हेल्थ सप्लीमेंट्स, न्यूट्रास्युटिकल्स, फूड फॉर स्पेशल डाइटरी यूज, फूड फॉर स्पेशल मेडिकल पर्पज, फंक्शनल फूड एंड नोवल फूड) रेगुलेशन, 2016 के तहत किसी भी हेल्थ सप्लीमेंट, न्यूट्रास्युटिकल्स, फूड फॉर स्पेशल डाइटरी यूज, फूड फॉर स्पेशल मेडिकल पर्पज के अंदर अश्वगंधा की पत्तियों का कच्चा, साबुत, एक्सट्रेक्ट (रस) या किसी भी रूप में इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है।
कैसे कर सकते हैं अश्वगंधा का इस्तेमाल?
अश्वगंधा एक स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटी है और इसका आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा में काफी उपयोग किया जाता है। FSSAI के मुताबिक, फूड प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां ऊपर बताई गई कैटेगरी के प्रोडक्ट्स के उत्पादन में केवल अश्वगंधा की जड़ या उसके एक्सट्रेक्ट (रस) का उपयोग कर सकते हैं, वो भी निर्धारित सीमा के अंदर ही।यह सख्त निर्देश सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को आयुष मंत्रालय के 15 अप्रेल 2026 को जारी लेटर के बाद दिया गया है। उल्लंघन करने वालों पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 और रेगुलेशन के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अश्वगंधा की पत्तियों पर बैन लगाने का कारण
आयुष मंत्रालय ने अपने लेटर में अश्वगंधा की पत्तियों को किसी भी रूप में आयुष दवाओं या प्रोडक्ट के अंदर इस्तेमाल ना करने की सलाह दी है। इसके पीछे पत्तियों के अंदर Withaferin-A जैसे रिएक्टिव विदएनोलाइड्स की अधिक मात्रा को जिम्मेदार ठहराया है। आयुष मंत्रालय ने इस फैसले के पीछे एनसीबीआई और पब्मेड पर मौजूद दो शोधों का हवाला दिया है।
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