FSSAI ने लू के थपेड़ों से बचने के लिए बताई हरियाणवी देसी ड्रिंक, कितनी फायदेमंद है जौ की राबड़ी की ये रेसिपी?

 

Jau Ki Raabdi Ki Recipe: जौ की राबड़ी की रेसिपी एफएसएसएआई ने शेयर की है, जिसे गर्मी में राहत देने के लिए बढ़िया माना जाता है। इसमें जौ का दलिया, बेसन और गेहूं का आटा समेत 9 चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। यह सारी चीजें गर्मी के दौरान होने वाली पेट की समस्या और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करती हैं।

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एफएसएसएआई ने शेयर की जौ की राबड़ी की रेसिपी (सांकेतिक तस्वीर)
पूरे मार्च के दौरान उत्तर भारत में बारिश ने आंख-मिचौली खेली। लेकिन अब तापमान ने चढ़ना शुरू कर दिया है और गर्मी बढ़ने लगी है। कुछ ही दिनों में लू भी देखने को मिलेगी, जिससे डिहाइड्रेशन, हीटस्ट्रोक और हीट एग्जॉशन होता है। लू के थपेड़ों से खुद को बचाने के लिए हेल्दी ड्रिंक्स फायदेमंद साबित होती हैं। एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने गर्मी में पीने के लिए जौ की राबड़ी की रेसिपी शेयर की है। यह हरियाणा और राजस्थान का पारंपरिक पेय है, जो भीषण गर्मी में शरीर को ठंडा रखता है।


जौ की राबड़ी में क्या-क्या इस्तेमाल होता है?

एफएसएसएआई के मुताबिक, जौ की राबड़ी (जौ की रबड़ी) बनाने के लिए मुख्य रूप से 9 सामग्री का उपयोग होता है। यह समर ड्रिंक बनाने के लिए जौ का दलिया, बेसन, गेहूं का आटा, दही, पानी, छाछ, नमक, पुदीना के पत्ते, भुना जीरा की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि ये चीजें गर्मी में कैसे फायदेमंद होती हैं?


FSSAI ने शेयर की जौ की राबड़ी की रेसिपी



जौ का दलिया

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जौ (सांकेतिक तस्वीर)


जौ बहुत सारे पौषक तत्वों से भरा स्वास्थ्यवर्धक साबुत अनाज है। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक, जौ के अंदर पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जिन्हें शरीर के अंदर फ्लूइड बैलेंस करने के लिए आवश्यक माना जाता है। यह फ्लूइड बैलेंस गर्मी के दौरान शरीर का तापमान मेंटेन रखने के लिए जरूरी है।

जौ बीटा ग्लूकान, डाइटरी फाइबर और पोलीफेनोल्स का बेहतरीन सोर्स भी है। जिसका आपकी गट हेल्थ पर प्रीबायोटिक इफेक्ट पड़ता है। यह गर्मी में आपका डायजेशन और गट बैक्टीरिया का संतुलन अच्छा रखता है, जिससे पेट की जलन, गैस आदि समस्याएं कम होती हैं।

बेसन

एनसीबीआई पर मौजूद एक और शोध बताता है कि बेसन (chickpea flour) कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का अच्छा सोर्स है। यह प्रोटीन, आयरन और फाइबर भी देता है, जो गर्मी के दौरान एनर्जी व स्ट्रेंथ को कम नहीं होने देते। यह कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स से प्रचुर है, जो गर्मी के दौरान ग्लूकोज की हेल्दी सप्लाई करते हैं।

गेहूं का आटा

गर्मी में पसीना और इलेक्ट्रोलाइट्स निकलने की वजह से एनर्जी लेवल काफी गिर जाता है। गेहूं का आटा शरीर को प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, विटामिन बी, आयरन, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स देता है। जिससे शरीर में बहुत ज्यादा ग्लूकोज स्पाइक हुए बिना लंबे समय तक एनर्जी मिलती रहती है। 'द कॉन्ट्रिब्यूशन ऑफ व्हीट टू ह्यूमन डाइट एंड हेल्थ' शीर्षक से मौजूद शोध ने इस खासियत के बारे में बताया है।

दही

दही एक प्रोबायोटिक फूड है, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, प्रोबायोटिक गट माइक्रोबायोम में बैलेंस सुधारकर इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होते हैं। जिससे गर्मी में इंफेक्शन का शिकार बनने का खतरा कम होता है। साथ ही दही को डायरिया, इंफ्लामेटरी बॉवल डिजीज, इरिटेबल बॉवल सिंड्रोम, अपच से बचाने वाला माना जाता है, जिनके मामले गर्मी के दौरान काफी देखे जाते हैं।

पानी



गर्मी और लू से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, जिसे ठीक करने के लिए पानी बेस्ट मीडियम है। पानी से बॉडी का फ्लूइड बैलेंस सही रहता है, इंटरनल टेंप्रेचर सामान्य रहता है, स्किन और दूसरे अंगों में नमी बनी रहती है और दिल व दिमाग पर तनाव नहीं बढ़ता। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, लू के दौरान पानी पीते रहना चाहिए, चाहे आपको प्यास भी ना हो। क्योंकि, जरूरी नहीं कि डिहाइड्रेट होने पर आपको प्यास लगे।

छाछ

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छाछ (सांकेतिक तस्वीर)


दही में पानी मिलाकर और फैट अलग करके छाछ बनाई जाती है, जिसे शरीर को ठंडक देने में काफी प्रभावशाली माना जाता है। इसमें दही का सोडियम, कैल्शियम और अन्य मिनरल्स होते हैं। यह दिल के मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद है। यह मांसपेशियों और हड्डियों को ताकत देने के साथ शारीरिक तरल का संतुलन बनाए रखता है।

नमक, पुदीना के पत्ते, भुना जीरा

जहां नमक सोडियम और स्वाद के लिए उपयोग किया जाता है। वहीं पुदीना के पत्ते पेट को कूलिंग इफेक्ट देते हैं। कई सारे शोध बताते हैं कि पुदीना मुंह की दुर्गंध भगाने के साथ पेट की समस्याओं और गर्मी से राहत देता है। भुना जीरा भी आपके डायजेशन को सही रखता है। यह मसाले एंटीबैक्टीरियल, एंटी-माइक्रोबियल प्रोपर्टीज भी देते हैं।

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