गर्म मौसम, जरूरत से ज्यादा वर्कआउट, डिहाइड्रेशन या शराब की लत के कारण कई बार शरीर में गर्मी ज्यादा बनती है या बाहर की गर्मी शरीर में जमा हो जाती है और शरीर उसे सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाता। इस स्थिति को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। सही डाइट, पर्याप्त पानी और कमरे को ठंडा रखकर बॉडी हीट से बचा जा सकता है।

सामान्य स्थिति में शरीर पसीना बहाकर और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर तापमान को नियंत्रित करता है। लेकिन जब ऐसा नहीं हो पाता तो शरीर के भीतर गर्मी जमा हो जाती है, जिससे बॉडी हीट से जुड़ी कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इस लेख में हम बॉडी हीट के कारण और उससे बचने के उपाय बता रहे हैं।
बॉडी हीट क्यों बढ़ती है ?
शरीर का तापमान बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर बॉडी हीट बढ़ने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं-
- शरीर का तापमान बढ़ने का सबसे आम कारण ज्यादा गर्म मौसम में लंबे समय तक रहना है। गर्मियों में, खासकर लू के दौरान बाहर की गर्मी से शरीर जल्दी प्रभावित होता है। अगर हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) ज्यादा हो, तो पसीना सही से सूख नहीं पाता, जिससे शरीर ठंडा नहीं हो पाता।
- बॉडी हीट बढ़ने का दूसरा कारण है ज्यादा शारीरिक मेहनत। जब हम धूप में काम करते हैं या ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं, तो शरीर के अंदर गर्मी बढ़ती है। अगर इस दौरान पानी कम पिया जाए, तो समस्या और बढ़ जाती है।
- डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी भी एक बड़ा कारण है। जब शरीर में पानी कम होता है, तो पसीना कम बनता है और शरीर ठंडा नहीं हो पाता।
- कुछ दवाइयां, जैसे मूत्रवर्धक (diuretics), एंटीहिस्टामाइन और कुछ मानसिक रोगों की दवाइयां भी शरीर के तापमान को प्रभावित कर सकती हैं।
- शराब के ज्यादा सेवन से शरीर में डिहाइड्रेट की समस्या हो सकती है इसलिए इसकी लत से बचना चाहिए।
- टाइट कपड़े, ऐसी जगह जहां हवा न आती हो और कुछ बीमारियां जैसे थायरॉइड, इन्फेक्शन या मोटापे के कारण भी शरीर की गर्मी बढ़ सकती है।
किन लोगों में बॉडी हीट बढ़ने का खतरा?
कुछ लोगों को शरीर में गर्मी बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है, जैसे-
- छोटे बच्चे (4 साल से कम) और बुजुर्ग (65 साल से ऊपर) आसानी से बॉडी हीट का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि इनका शरीर तापमान को नियंत्रित करने में कमजोर होता है।
- दिल के रोग, किडनी की समस्या, डायबिटीज या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को भी ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। ऐसे लोगों का शरीर पहले से कमजोर होता है। इन्हें गर्मी को सहन करने में परेशानी होती है।
- बाहर काम करने वाले मजदूर, खिलाड़ी या धूप में ज्यादा समय बिताने वाले लोग भी बॉडी हीट के जोखिम में रहते हैं।
- जो लोग ऐसी दवाइयां लेते हैं जो पसीना या पानी के संतुलन को प्रभावित करती हैं, उन्हें भी सावधान रहना चाहिए।
बॉडी हीट बढ़ने पर क्या करें ?
अगर शरीर का तापमान बढ़ जाए तो इसे नजरअंदाज न करें। बॉडी हीट बढ़ने पर नीचे दिए हुए उपाय अपनाए जा सकते हैं-
- बॉडी हीट बढ़ने पर ठंडी जगह पर जाएं, जैसे पंखे या एसी वाले कमरे में या छांव में बैठें। टाइट कपड़े ढीले कर लें, ताकि शरीर से गर्मी बाहर निकल सके।
- धीरे-धीरे पानी पिएं। बॉडी हीट बढ़ने पर तुरंत बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें। ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) या नारियल पानी पिया जा सकता है। इससे शरीर में पानी और जरूरी नमक की कमी पूरी होती है।
- शरीर को ठंडा करने के लिए गीले कपड़े से पोंछें या माथे, गर्दन और बगल पर ठंडी पट्टी रखें। ठंडे पानी से नहाना भी सहायक हो सकता है। पंखे के सामने बैठना या हवा लेना भी फायदेमंद है।
- शरीर का तापमान बढ़ने पर आराम करना बहुत जरूरी है। कम से कम 1-2 दिन तक भारी काम या एक्सरसाइज न करें। कैफीन (जैसे चाय, कॉफी) और शराब पीने से बचें, ये शरीर में पानी की कमी को बढ़ाते हैं।
- अगर बॉडी हीट बढ़ने के लक्षण गंभीर हो जाएं, जैसे चक्कर आना, बेहोशी, उल्टी, तेज धड़कन या पसीना बंद हो जाना, तो तुरंत अपनी जांच कराएं। यह स्थिति खतरनाक हो सकती है।
बॉडी हीट बढ़ने से होने वाली बीमारियां
अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो शरीर की गर्मी कई बीमारियों का कारण बन सकती है, जैसे-
- घमौरियां (गर्मी के दाने)- इस स्थिति में पसीने की नलियां बंद हो जाती हैं, जिससे त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने निकलते हैं और खुजली होती है।
- गर्मी की ऐंठन- बॉडी हीट बढ़ने पर शरीर में नमक और पानी की कमी होने पर मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन होती है।
- गर्मी से थकावट- इसमें ज्यादा पसीना आना, कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण होते हैं।
- हीट स्ट्रोक- यह सबसे खतरनाक स्थिति है। इसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। व्यक्ति को भ्रम, दौरे या बेहोशी हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत हॉस्पिटल ले जाना जरूरी होता है।
- दिल और किडनी पर असर- लंबे समय तक गर्मी में रहने से दिल और किडनी पर भी असर पड़ सकता है। पहले से बीमार लोगों की हालत और खराब हो सकती है।
बॉडी हीट कम करने के उपाय
बॉडी हीट से बचने और शरीर को ठंडा रखने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं, जैसे-
- सबसे जरूरी है पर्याप्त पानी पीना। दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए, और गर्मियों में इससे ज्यादा।
- नारियल पानी, छाछ और ORS जैसे पेय पदार्थ शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। ये शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं।
- बॉडी हीट बढ़ने पर हल्के और ढीले कॉटन के कपड़े पहनें। ये हवा को अंदर आने देते हैं और शरीर को ठंडा रखते हैं। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें, इस समय धूप सबसे तेज होती है। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी और धूप का चश्मा इस्तेमाल करें।
- खीरा, तरबूज, दही, छाछ और फल जैसे ठंडक देने वाली चीजें खाएं। तली-भुनी मसालेदार चीजें खाने से बचें, ये शरीर की गर्मी बढ़ा सकते हैं।
- घर को ठंडा रखने के लिए पंखा, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें। रोजाना ठंडे पानी से नहाने से शरीर को ठंडक मिलती है।
- शरीर की गर्मी बढ़ने पर या गर्म मौसम में एक्सरसाइज सुबह या शाम के समय करें, जब मौसम थोड़ा ठंडा होता है।
सेहत को नजरअंदाज न करें
शरीर की गर्मी बढ़ना एक आम, लेकिन गंभीर समस्या हो सकती है, खासकर गर्मियों में। सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से इसे आसानी से रोका जा सकता है। समय पर बॉडी हीट के लक्षण पहचानना, पर्याप्त पानी पीना, ठंडे स्थान पर रहना और सही खानपान अपनाना बहुत जरूरी है। अगर स्थिति गंभीर लगे, तो बिना देर किए अपनी जांच कराएं।
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