कान में खुजली एक आम समस्या है, जिसे कई लोग गैरजरूरी मानकर अनदेखा कर देते हैं। कुछ मामलों में यह एलर्जी या अपर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (URI) जैसी समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है। कई लोग ये मानते हैं कि कान में खुजली होना सर्दी, फ्लू या एलर्जी का शुरुआती संकेत है, लेकिन हर बार ऐसा हो ये जरूरी नहीं।

कान, नाक और गला आपस में जुड़े होते हैं, इसलिए यह सूजन ईयर कैनाल या यूस्टेशियन ट्यूब तक फैल सकती है। इससे हल्की खुजली या कान में भारीपन महसूस हो सकता है। एलर्जी की स्थिति में शरीर हिस्टामाइन छोड़ता है, जिससे नाक, गले और कान के अंदर भी खुजली होती है।
कानों में खुजली कभी-कभी सर्दी या एलर्जी का शुरुआती संकेत हो सकता है, लेकिन हर केस में इसका कारण एक जैसा नहीं हो सकता। इस लेख में हम कान में खुजली के कारण और बचने के उपाय बता रहे हैं।
कान में खुजली के कारण
कान में खुजली सिर्फ नाक, गले और साइनस के वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण नहीं होती इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं। आमतौर पर कान में खुजली के ये कारण हो सकते हैं-- ईयर कैनाल में सूखापन- कान का मैल (cerumen) ईयर कैनाल यानी कान की नलिका को नम रखने और इन्फेक्शन से बचाने में मदद करता है। जब यह मैल ज्यादा सफाई या स्किन प्रॉब्लम के कारण कम हो जाता है, तो कान के अंदर की त्वचा सूख जाती है और उसमें खुजली होने लगती है।
- फंगल इन्फेक्शन- जिन जगहों पर ह्यूमिडिटी और गर्मी ज्यादा होती है वहां के लोगों में कान में खुजली की समस्या हो सकती है। ऐसी जगहों के लोग गर्मी से राहत पाने के लिए स्विमिंग करते हैं, जिससे कान में पानी जाने की संभावना बढ़ जाती है। इससे कान में खुजली के साथ बेचैनी, डिस्चार्ज या दुर्गंध भी आ सकती है।
- एलर्जी- ये भी कान में खुजली का एक प्रमुख कारण है। धूल, पराग, हेयर प्रोडक्टस के संपर्क में आने या लंबे समय तक ईयरफोन और हियरिंग एड्स का उपयोग करने से भी कान की नलिका में जलन और खुजली हो सकती है।
- कॉटन बड्स का उपयोग- बार-बार कॉटन बड्स का उपयोग करना या कान में कोई वस्तु डालना अंदर की नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसा करने से कान में खुजली, जलन और कभी-कभी इन्फेक्शन भी हो सकता है।
कान में खुजली से बचने के लिए क्या करें ?
खुजली होने पर कॉटन बड्स या कोई अन्य चीज कान में डालना हानिकारक हो सकता है। इससे कानों में चोट या इन्फेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है। अगर एलर्जी के कारण कान में खुजली हो रही है तो ऐसी चीजों से दूर रहें। कानों में खुजली से बचने के लिए ये तरीके अपनाए जा सकते हैं-
- कानों को सूखा रखें, खासकर नहाने या तैरने के बाद
- कान के बाहरी हिस्से को साफ तौलिए से पोंछें
- ईयरफोन या ईयरबड्स का इस्तेमाल कम करें
- एलर्जी पैदा करने वाली चीजों से बचें
कानों के लिए कौन सी आदतें हानिकारक ?
कई लोग अनजाने में गलत आदतें अपनाकर कान में खुजली की समस्या को बढ़ा देते हैं। इससे कान की प्राकृतिक सुरक्षा हटती है, स्किन को नुकसान पहुंचता है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। कानों की सुरक्षा के लिए ये आदतें हानिकारक हैं-- बार-बार उंगलियों से कान खुजलाना
- कान में तेल या अन्य चीजें डालना
- एक्सपर्ट से सलाह लिए बिना खुद दवा या ईयर ड्रॉप्स का उपयोग करना
- कान साफ करने के लिए कॉटन बड्स, पिन, चाबी या किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करना
कानों के लिए कौन सी स्थितियां नुकसानदायक?
कानों में कभी-कभार खुजली होना आम बात है, लेकिन खुजली लगातार बढ़ने लगे तो ये नॉर्मल नहीं है। निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें और कानों की जांच कराएं-
- कानों में लगातार खुजली
- कान बंद होने का एहसास
- कानों में दर्द या जलन
- कान के आसपास सूजन
- सुनने में परेशानी
- कान बहना
कानों में खुजली को नजरअंदाज न करें
कई बार कानों में खुजली मामूली परेशानी लग सकती है, लेकिन लापरवाही के कारण समस्या बढ़ सकती है। कानों को सुरक्षित रखने के लिए उनकी अच्छी तरह सफाई करें, हानिकारक आदतों से बचें, खुजली और अन्य लक्षणों पर ध्यान दें। खुजली या अन्य कोई समस्या बढ़ने लगे तो तुरंत जांच कराएं।
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