अगर आप बोरियत भरी कढ़ी खाकर थक चुके हैं, तो डुबकी कढ़ी आपके लिए एक शानदार ऑप्शन है। छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में मशहूर यह डिश स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। ऐश्वर्या सोनवणे द्वारा साझा की गई इसकी रेसिपी न केवल बनाने में आसान है, बल्कि इसका स्वाद इतना लाजवाब है।

इस कढ़ी की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें पकौड़ियों को तेल में तला नहीं जाता, बल्कि वे उबलती हुई कढ़ी में सीधी डुबकी लगाती हैं, जिससे यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहतरीन विकल्प बन जाती है। अगर आप भी खाने में कुछ नया और देसी ट्राई करना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके काम आएगी।
सबसे पहले सुने सही दाल
इस कढ़ी की जान है उड़द की दाल। डुबकी कढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले आधा कप बिना छिलके वाली उड़द की दाल को 4-5 घंटे या पूरी रात के लिए भिगो दें। जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, तो उसे साफ पानी से धो लें। अब इसमें 4-5 लहसुन की कलियां, 1 इंच अदरक, 2 हरी मिर्च और आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर डालकर मिक्सी में पीस लें। याद रखें, दाल को बहुत ज्यादा बारीक न करें, इसे हल्का दरदरा रखना ही बेहतर होता है।
बैटर को फेंटना है सबसे बड़ा सीक्रेट
दाल पीसने के बाद उसे एक बड़े बर्तन में निकालें। अब इसे तब तक फेंटें जब तक कि यह बिल्कुल हल्की और फूली हुई न हो जाए। दाल जितनी अच्छी तरह फेंटा जाएगा, आपकी डुबकी यानी कि पकौड़ी उतनी ही नरम बनेगी। आखिरी में इसमें स्वादअनुसार नमक मिलाएं। यही वह स्टेप है जो आपकी कढ़ी के टेक्सचर को बाजार जैसा बनाता है।
दही और दाल का अनोखा घोल
आम कढ़ी में बेसन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन डुबकी कढ़ी में एक ट्विस्ट है। एक कप ताजा दही लें और उसमें तैयार किया हुआ 2 चम्मच दाल का बैटर डाल दें। इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गांठ न रहे। अब इसमें 2 कप पानी डालकर एक पतला घोल तैयार कर लें। यह घोल कढ़ी को एक अलग सोंधापन और गाढ़ापन देता है।
कढ़ी पकाने की शुरुआत
एक कढ़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें। इसमें 1 चम्मच जीरा, 1 चम्मच राई और 8-10 कड़ी पत्ते का तड़का लगाएं। अब इसमें एक मध्यम आकार का बारीक कटा हुआ प्याज डालें और सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद 1 चम्मच हल्दी और 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालकर मसाला तैयार करें। अब तैयार किया हुआ दही का घोल इसमें डालें और 7-8 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें जब तक कि कढ़ी थोड़ी गाढ़ी न हो जाए।
डुबकी लगाने का समय
जब कढ़ी उबलने लगे और थोड़ी गाढ़ी हो जाए, तब असली प्रक्रिया शुरू होती है। हाथ में उड़द दाल का बैटर लें और उसकी छोटी-छोटी पकौड़ियां सीधे उबलती हुई कढ़ी में छोड़ें, इसे ही डुबकी कहा जाता है। इन पकौड़ियों को तेल में तलने की जरूरत नहीं होती, ये कढ़ी की गर्मी में ही पकती हैं। इसे 7-8 मिनट तक और पकाएं ताकि पकौड़ियां अंदर तक नरम हो जाएं।
डुबकी वाली कढ़ी
शाही तड़का और गार्निशिंग
कढ़ी बनकर तैयार है, लेकिन इसका स्वाद दोगुना करने के लिए आखिरी में एक स्पेशल तड़का लगाएं। एक छोटी कड़छी में तेल गर्म करें, उसमें कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और सूखी लाल मिर्च डालकर कढ़ी के ऊपर डालें। ऊपर से ताजा बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें। आपकी गरमा-गरम डुबकी कढ़ी तैयार है।
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