पौधों के लिए 'काला सोना' बनाने का मिल गया सबसे आसान तरीका, गार्डनिंग एक्सपर्ट ने बताया, फ्री में हो जाएगा काम
क्या आप जानते हैं कि आपके पौधों के लिए सबसे ताकतवर खाद, जिसे 'काला सोना' कहा जाता है, उसे आप बिना एक पैसा खर्च किए घर पर बना सकते हैं, जिसके लिए गार्डनिंग एक्सपर्ट चंद्रा भट्ट ने आसान तरीका बताया है।

अक्सर लोगों को शिकायत होती है कि उनके पास खाद बनाने के लिए पर्याप्त किचन वेस्ट नहीं होता, लेकिन चंद्रा भट्ट की ट्रिक से आप जूस कॉर्नर, चाय की टपरी और सब्जी मंडी से मिलने वाले वेस्ट को एक कीमती खजाने में बदल सकते हैं। महज 60 दिनों में तैयार होने वाली यह जैविक खाद न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि आपके पौधों को फूलों और फलों से भर देती है।
कचरा नहीं, यह है खजाना
खाद बनाने के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है पर्याप्त मात्रा में कचरा इकट्ठा करना। चंद्रा भट्ट की स्मार्ट ट्रिक से आप यह काम आसानी से कर पाएं। उनका कहना है कि जूस कॉर्नर से आप फलों के छिलके ला सकते हैं जो पोटैशियम का बड़ा स्रोत हैं।
चाय की टपरी से इस्तेमाल की हुई चायपत्ती लें, जो नाइट्रोजन से भरपूर होती है। ब्रेड-ऑमलेट की दुकान से अंडे के छिलके लाएं जो कैल्शियम की कमी को पूरा करते हैं। सब्जी मंडी से प्याज और अन्य सब्जियों के छिलके प्रचुर मात्रा में मिल जाएंगे।
कंटेनर की सही तैयारी
खाद बनाने के लिए एक बड़ा कंटेनर या कंपोस्ट बिन लें। सबसे नीचे की परत में कार्डबोर्ड के टुकड़े रखें। कार्डबोर्ड न केवल नमी को सोखने में मदद करता है, बल्कि यह कार्बन का भी अच्छा स्रोत है। यह खाद बनाने की प्रक्रिया को संतुलित रखने के लिए बहुत जरूरी है।
लेयरिंग की जादुई तकनीक
खाद बनाने के लिए मिश्रण को सही तरीके से डालना जरूरी है। कंटेनर में सबसे पहले कार्डबोर्ड रखने के बाद, तैयार किए गए कचरे की दो मोटी परतें डालें। इसके ठीक ऊपर एक परत सामान्य मिट्टी की बिछाएं। इसी तरह, कचरा और मिट्टी की परतें बनाते हुए पूरे कंटेनर को ऊपर तक भर लें। मिट्टी में मौजूद सूक्ष्म जीव कचरे को गलाने की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं।
खाद बनाने का बूस्टर
प्रक्रिया को और तेज करने के लिए एक छोटे बर्तन में पानी लें। इसमें थोड़ी गोबर की खाद और थोड़ा गुड़ डालकर अच्छी तरह मिला लें। गुड़ सूक्ष्म जीवों के लिए भोजन का काम करता है, जिससे वे तेजी से पनपते हैं और कचरा जल्दी गलता है। इस घोल को तैयार कंटेनर के ऊपर छिड़क दें।
समय-समय पर देखभाल और रिपीट प्रोसेस
खाद बनने की प्रक्रिया में नमी और हवा का होना जरूरी है। चंद्रा भट्ट की सलाह है कि इस गोबर-गुड़ के घोल को हर 15 से 20 दिन में दोबारा डालें। इससे कंटेनर के अंदर नमी बनी रहेगी और बैक्टीरिया एक्टिव रहेंगे। कंटेनर को किसी छायादार और हवादार जगह पर रखें ताकि प्रक्रिया बिना रुके चलती रहे।
60-65 दिन में तैयार 'काला सोना'
अगर आप इस विधि को सही तरीके से फॉलो करते हैं, तो लगभग 60 से 65 दिनों में आपका किचन वेस्ट पूरी तरह से गलकर गहरे काले रंग की दानेदार खाद में बदल जाएगा। यह खाद बाजार में मिलने वाली किसी भी खाद से कई गुना ज्यादा असरदार होती है। इसे ही गार्डनिंग की दुनिया में काला सोना कहा जाता है क्योंकि इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम जैसे सभी जरूरी तत्व मौजूद होते हैं।
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