तुलसी के पत्ते पीले पड़ रहे...सूख रहा है पौधा? माली ने बताया फ्री का आसान उपाय, सूखे केले के छिलके आएंगे काम

 

कई बार अच्छी देखभाल के बावजूद तुलसी की पत्तियां पीली पड़कर गिरने लगती हैं और पौधा सूखने की कगार पर पहुंच जाता है। हालांकि RV गार्डन के एक्सपर्ट्स ने इस समस्या का आसान समाधान बताया है। आपको बस केले के छिलकों को सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा।

natural way to prevent Tulsi leaves from turning yellow

तुलसी का पौधा भारतीय घरों में न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। हालांकि, कई बार सही समय पर पानी और धूप देने के बाद भी तुलसी की पत्तियां पीली पड़कर गिरने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे सूखने लगता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो RV गार्डन के एक्सपर्ट का मुफ्त का तरीका जान लीजिए।


एक्सपर्ट ने केले के छिलके को सुखाकर इस्तेमाल करने की जानकारी दी है। अक्सर लोग केले खाकर उनके छिलके फेंक देते हैं, लेकिन यही छिलके आपकी तुलसी के लिए संजीवनी का काम कर सकते हैं। अगर आप इनका सही इस्तेमाल करते हैं तो तुलसी के पौधे हरा-भरा घना बनाने में मदद मिलेगी। यहां किसी महंगी खाद की जरूरत नहीं होगी।

पत्तियों के पीलेपन का कारण

पत्तियों के पीलेपन का कारण

तुलसी की पत्तियां पीली पड़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे नाइट्रोजन या पोटैशियम की कमी, बहुत अधिक पानी देना या मिट्टी का सख्त हो जाना। जब मिट्टी में पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं, तो पौधा अपनी पत्तियों को पोषण देना बंद कर देता है, जिससे पीली पड़ जाती हैं। अब तुलसी को पोटैशियम और मैग्नीशियम की ज्यादा जरूरत होती है जो केले के छिलकों में भरपूर मात्रा में होता है।

केले के छिलका का इस्तेमाल

केले के छिलका का इस्तेमाल

केले के छिलके को फेंकने के बजाय उसे सुखाकर इस्तेमाल करना एक मास्टर स्ट्रोक है। इसमें पोटैशियम, फास्फोरस और कैल्शियम का उच्च स्तर होता है। यह न केवल जड़ों को मजबूती देता है, बल्कि पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। सूखे केले के छिलके का पाउडर मिट्टी में धीरे-धीरे घुलता है, जिससे पौधे को लंबे समय तक पोषण मिलता रहता है।

पाउडर तैयार करने का तरीका

पाउडर तैयार करने का तरीका

माली की सलाह है कि कभी भी गीले या ताजे छिलके सीधे तुलसी की जड़ में न दबाएं, क्योंकि इससे फंगस या कीड़े लगने का डर रहता है। आप सबसे पहले केले के छिलकों को धूप में तब तक सुखाएं जब तक वे काले और कड़क न हो जाएं। कड़क होने के बाद इन्हें मिक्सी में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। इस पाउडर को महीनों तक स्टोर करके रख सकते हैं। यह एक शुद्ध और मुफ्त की होममेड खाद है।

मिश्रण बनाकर इस्तेमाल करने का तरीका

मिश्रण बनाकर इस्तेमाल करने का तरीका

इस उपाय को प्रभावी बनाने के लिए इसकी मात्रा का सही होना जरूरी है। आप एक लीटर साफ पानी लें और उसमें एक चम्मच केले के छिलके का पाउडर मिलाएं। इसे अच्छी तरह घोल लें और फिर इस पानी को तुलसी के पौधे की जड़ों के पास डालें। खाद डालने से पहले गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर कर लें, ताकि पोषण सीधे जड़ों तक पहुंच सके।

कब देना है खाद

कब देना है खाद

किसी भी जैविक खाद का असर दिखने में थोड़ा समय लगता है। एक्सपर्ट के अनुसार, इस लिक्विड फर्टिलाइजर को 7 से 8 दिन में एक बार इस्तेमाल करना चाहिए। बार-बार या रोज इसे डालने से बचें, क्योंकि तुलसी को बहुत ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती।

माली की आसान टिप्स

घना और हरा-भरा बनेगा पौधा

घना और हरा-भरा बनेगा पौधा

जब तुलसी को जड़ों से भरपूर पोटैशियम मिलता है, तो वह केवल ऊपर की ओर नहीं बढ़ती, बल्कि साइड से भी नई शाखाएं निकालने लगती है। केले के छिलके का पाउडर मिट्टी के pH लेवल को भी बैलेंस करने में मदद करता है। 15-20 दिनों के भीतर देखेंगे कि पीली पत्तियां गिर चुकी हैं और उनकी जगह चमकदार, गहरे हरे रंग की घनी पत्तियों ने ले ली है। इस तरह पौधा हरा-भरा घना हो जाएगा।

इन बातों का भी रखें ख्याल

इन बातों का भी रखें ख्याल
  • जैसे ही तुलसी पर बीज आने लगें, उन्हें तुरंत काट दें।
  • बीज आने पर पौधा अपनी उम्र पूरी समझने लगता है और सूखने लगता है।
  • तुलसी को कम से कम 4-5 घंटे की सुबह की धूप जरूर दिखाएं।
  • मिट्टी छूकर देखें, अगर नमी है तो पानी न डालें। ओवर-वॉटरिंग से बचना होगा।


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