'रेगिस्तान का गुलाब' कहा जाने वाला अडेनियम अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है, लेकिन कई बार घर लाते ही यह पौधा मुरझाने लगता है। ज्यादातर लोग इसे पानी की कमी या अधिकता मानते हैं, जबकि असली वजह गलत मिट्टी का चुनाव है। जिसके बारे में गार्डनिंग एक्सपर्ट निधि ने बताया है।

गार्डनिंग एक्सपर्ट निधि ने इस समस्या का मुख्य कारण गलत सॉइल मिक्स को बताया है। अक्सर हम इसे सामान्य मिट्टी में लगा देते हैं जो पानी को सोखकर रखती है, जिससे इसकी जड़ें सड़ जाती हैं। अडेनियम को जीवित रखने और ढेरों फूल पाने के लिए रेत, सिंडर और फंगीसाइड का सही तालमेल जरूरी है।
गलत मिट्टी है अडेनियम का सबसे बड़ा दुश्मन
अडेनियम एक 'सकुलेंट' प्रजाति का पौधा है, जो अपने मोटे तने में पानी जमा करके रखता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट निधि बताती हैं कि जब इसे सामान्य चिकनी या भारी मिट्टी में लगाते हैं, तो वह मिट्टी पानी को पकड़ कर रखती है। नमी के लंबे समय तक बने रहने से इसकी जड़ें अंदर ही अंदर सड़ने लगती हैं जिसे 'रूट रोट' कहते हैं। पौधा ऊपर से हेल्दी दिखता है लेकिन अचानक नरम होकर मर जाता है।
आइडियल सॉइल मिक्स को समझें
अडेनियम को ऐसी मिट्टी चाहिए जो पानी को एक सेकंड भी रुकने न दे। निधि ने इसके लिए एक विशेष 'ग्रिटी मिक्स' का फार्मूला बताया है। आपको 50% रेत चाहिए, जो पानी की निकासी को तेज करती है। 40% सिंडर यानी कि जले हुए कोयले के अवशेष या ईंट के बारीक टुकड़े। यह जड़ों को हवा देने का काम करते हैं। 10% कम्पोस्ट और जड़ों को फफूंद से बचाने के लिए एक छोटा चम्मच फंगीसाइड पाउडर डालें।
सिंडर क्यों मिलाना चाहिए
अडेनियम की जड़ों को ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। मिट्टी में सिंडर या कंकड़ मिलाने से मिट्टी के बीच में बारीक छेद बने रहते हैं। इससे जड़ें दम नहीं घोटतीं और तेजी से फैलती हैं। भारी मिट्टी में जड़ें दब जाती हैं, जिससे पौधा सुस्त पड़ जाता है और पत्तियां पीली होकर गिरने लगती हैं।
पानी देने का सही नियम
ज्यादातर लोग अडेनियम को जरूरत से ज्यादा पानी देते हैं, जिसकी वजह से पौधा मर जाता है। चूंकि यह रेगिस्तानी पौधा है, इसे रोज पानी की जरूरत नहीं होती। हमेशा मिट्टी को छूकर देखें। जब ऊपर की 1-2 इंच मिट्टी पूरी तरह सूखी लगे, तभी पानी दें। गमले के नीचे ड्रेनेज होल खुला होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी तुरंत बाहर निकल जाए।
'कोडेक्स' की सेहत पर नजर
अडेनियम का सबसे आकर्षक हिस्सा उसका मोटा तना या 'कोडेक्स' होता है। एक्सपर्ट के अनुसार, अगर आपको महसूस हो कि तना छूने में नरम या पिलपिला हो रहा है, तो समझ जाइए कि जड़ें सड़ना शुरू हो गई हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत पौधे को मिट्टी से निकालकर सुखाएं और सड़े हुए हिस्से को काटकर फंगीसाइड लगाएं। सही सॉइल मिक्स इस समस्या को जड़ से खत्म कर देता है।
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धूप और वातावरण का प्रभाव
मिट्टी के बाद अडेनियम के लिए दूसरी सबसे जरूरी चीज है कड़क धूप। इसे कम से कम 6-8 घंटे की सीधी धूप चाहिए। अगर आप इसे छाया में रखेंगे और ऊपर से पानी देंगे, तो मिट्टी सूखेगी नहीं और फंगस लगने का खतरा बढ़ जाएगा। धूप न मिलने पर अडेनियम फूल देना बंद कर देता है और सिर्फ लंबी, कमजोर टहनियां ही निकलती हैं।
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