पैसे देकर तो नहीं खरीद रहे बीमारी? क्या मसल्स बढ़ाने वाले क्रिएटिन पाउडर से किडनी को पहुंच रहा नुकसान?

 

Creatine Supplement Effect: बॉडीबिल्डिंग में क्रिएटिन सप्लीमेंट का इस्तेमाल काफी किया जाता है। लेकिन कई सारे लोग कहते हैं कि यह आपकी किडनी को नुकसान पहुंचाता है और धीरे-धीरे डैमेज कर देता है। इस विषय पर नेफ्रोलॉजिस्ट एक्सपर्ट ने पूरी जानकारी दी है कि क्रिएटिन क्या होता है, इसका काम क्या होता है और शरीर पर इसका प्रभाव क्या पड़ता है।

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क्या क्रिएटिन लेने से किडनी डैमेज होती है? (सांकेतिक तस्वीर)
अगर कोई जिम के अंदर थोड़ा वक्त बिता ले तो किसी ना किसी के मुंह से क्रिएटिन पाउडर का नाम जरूर सुन लेगा या इसका सेवन करते हुए जरूर देख लेगा। यह सप्लीमेंट मसल्स ग्रोथ में काफी मदद करता है। लेकिन इसके नाम के साथ एक डर हमेशा खड़ा हो जाता है कि क्या क्रिएटिन लेने से किडनी डैमेज हो जाएगी? नेफ्रोलॉजिस्ट एंड रीनल ट्रांसप्लांटेशन एक्सपर्ट होने के नाते मैं इस सवाल का गहराई से जवाब देता हूं।


क्या है क्रिएटिन?

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क्रिएटिन कैसे बनता है (सांकेतिक तस्वीर)




क्रिएटिन कोई लैब में बनाया गया केमिकल नहीं है, बल्कि यह एक नाइट्रोजेनस ऑर्गेनिक एसिड है, जिसका उत्पादन हमारा शरीर लिवर और किडनी में प्राकृतिक रूप से करता है। यह एक सेकंडरी बैटरी की तरह काम करता है। हमारी बॉडी फोस्फोक्रिएटिन के रूप में इसको स्केलेटल मसल्स के अंदर स्टोर करती है। हाई इंटेंसिटी मूवमेंट के दौरान एनर्जी के लिए शरीर इसका इस्तेमाल करता है। आप इसे शरीर की आखिरी बची हुई ताकत और स्टेमिना मान सकते हैं।


बॉडीबिल्डर्स को क्यों पसंद आता है क्रिएटिन?

हाइपरट्रॉफी (मसल्स का साइज बढ़ना) और ताकत को पसंद करने वाले इस दौर में क्रिएटिन एक फाउंडेशनल टूल की तरह काम आता है। यह बॉडी के स्टोर किए हुए एटीपी (सेल्स के लिए एनर्जी का प्राइमरी सोर्स) बढ़ाता है, जिससे कोई भी एथलीट एनर्जी खत्म होने के बाद भी आखिरी के महत्वपूर्ण दो-तीन रैप्स कर पाता है। धीरे-धीरे यह आदत मसल्स ग्रोथ को बेहतर बनाने में मदद करती है। सबसे खास बात यह है कि ये सप्लीमेंट मसल्स सेल्स के अंदर पानी लाने में मदद करता है, जिससे उनमें फुलर लुक आता है और प्रोटीन सिंथेसिस के लिए बेहतरीन माहौल तैयार होता है।




किडनी खराब करने वाला मिथक कहां से आया?

क्रिएटिन से किडनी डैमेज होने वाली बात इस कंपाउंड की जानकारी ना होने की वजह से फैली है। क्रिएटिन एक वेस्ट प्रोडक्ट है, जो मसल्स मेटाबॉलिज्म होने पर बनता है। आमतौर पर डॉक्टर इसका लेवल मापकर पता करते हैं कि आपकी किडनी ढंग से खून फिल्टर कर रही है या नहीं। इसलिए, जब आप क्रिएटिन सप्लीमेंट लेते हैं तो शरीर में क्रिएटिनाइन लेवल प्राकृतिक रूप से बढ़ जाता है।

इस वजह से यह स्टैंडर्ड ब्लड टेस्ट हेल्दी एथलीट्स के मामले में भी गलत जानकारी दे सकता है कि किडनी को नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि, कई सारे शोध के बाद देखा गया है कि हेल्दी लोगों में क्रिएटिनाइन का लेवल बढ़ने के पीछे सप्लीमेंट वजह होती है ना कि किडनियों का खराब होना।




ज्यादा क्रिएटिन लेने के नुकसान

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ज्यादा क्रिएटिन लेने के साइड इफेक्ट (सांकेतिक तस्वीर)


दिन में 5 ग्राम क्रिएटिन लेना सुरक्षित माना जाता है, इससे ज्यादा मात्रा का सेवन करने पर कुछ नुकसान झेलने पड़ सकते है, जैसे-

  • पेट की दिक्कत - एक बार में 20 ग्राम मात्रा लेने पर पेट दर्द की समस्या हो सकती है।
  • वॉटर रिटेंशन - सप्लीमेंट की शुरुआत करने पर शरीर में कोमलता या ब्लोटिंग महसूस हो सकती है।
  • डिहाइड्रेशन - यह सप्लीमेंट पानी को मसल्स के अंदर भेजता है, इसलिए पूरे शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए वाटर इनटेक बढ़ाना पड़ता है।




किन्हें क्रिएटिन लेने से बचना चाहिए?

क्रिएटिन का सेवन सुरक्षित है, लेकिन यह सभी के लिए नहीं है। अगर आपको पहले से क्रोनिक किडनी डिजीज है या रीनल फेलियर की हिस्ट्री है तो इसे लेने से बचें। क्योंकि इससे आपके सिस्टम पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। साथ ही जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें क्रिएटिन लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि वाटर रिटेंशन की वजह से कभी-कभी आपके ब्लड प्रेशर का लेवल प्रभावित हो सकता है।

क्या खाने से मिलता है क्रिएटिन?

आप खाने से क्रिएटिन ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको रेड मीट, फैटी फिश और पॉल्ट्री का सेवन करना पड़ेगा। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 5 ग्राम क्रिएटिन के लिए आपको 2 पाउंड कच्चा मांस खाना पड़ेगा, जितना आपको क्रिएटिन सप्लीमेंट के एक स्कूप में मिल सकता है। इसलिए अधिकतर लोगों के लिए सप्लीमेंट लेना ज्यादा प्रैक्टिकल और सुविधाजनक होता है।

एक एवरेज हेल्दी एडल्ट के लिए क्रिएटिन सेफ है और यह फिजिकल आउटपुट को बढ़ाने का बढ़िया तरीका है। बस आपको वाटर इनटेक और डॉक्टर की बताई डोज का ध्यान रखना होता है। हालांकि, क्रिएटिन सप्लीमेंट की मैन्युफैक्चरिंग के दौरान किसी भी तरह की मिलावट स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

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