'टॉक्सिन भी हो सकता है कारण', बिरयानी-तरबूज खाने के बाद

 

बिरयानी के बाद तरबूज खाने के बाद हुई 4 लोगों की मौत ने लोगों के मन में काफी सवाल खड़े कर दिए हैं।  केवल तरबूज या बिरयानी से होने वाली फूड पॉइजनिंग की वजह से ऐसा मामला दिखना काफी मुश्किल है। इसमें किसी दूसरे टॉक्सिन एक्सपोजर या अन्य कारण की संभावना भी है। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष से पहले आधिकारिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।

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क्या बिरयानी के बाद तरबूज खा सकते हैं (सांकेतिक तस्वीर)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार रात को मुंबई में 4 लोगों के परिवार ने पहले अपने रिश्तेदारों के साथ बिरयानी खाई और फिर सभी के जाने के बाद चारों ने मिलकर देर रात तरबूज खाया था। सुबह के वक्त उनमें दस्त और उल्टी जैसे लक्षण दिखने लगे और फिर हालत इतनी बिगड़ती चली गई कि अस्पताल में चारों ने दम तोड़ दिया। मुंबई के इस मामले पर ठाणे स्थित KIMS हॉस्पिटल के कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन के डॉ. अनिकेत मुले ने दूसरे संभावित कारण के बारे में बताया है।


इस खबर के फैलते ही लोगों के मन में एक सवाल घर कर गया कि क्या बिरयानी खाने के बाद तरबूज खाना सेफ है? डॉक्टर अनिकेत का कहना है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि किसी फूड कॉम्बिनेशन की वजह से ऐसा रिजल्ट मिल सकता है। आपका फोकस कयासों की जगह फूड सेफ्टी, हाइजीन और वेरिफाइड मेडिकल इंवेस्टिगेशन पर होना चाहिए।




इस मामले के पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

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उल्टी और दस्त का कारण हो सकता है फूड पॉइजनिंग (सांकेतिक तस्वीर)

डॉक्टर अनिकेत मुले के अनुसार, उल्टी, बेचैनी और तेजी से हालत बिगड़ना जैसे जो लक्षण रिपोर्ट किए गए हैं, यह गंभीर फूड बोर्न इलनेस या टॉक्सिन के संपर्क में आने की वजह से हो सकते हैं। हालांकि, फूड पॉइजनिंग के पारंपरिक मामलों में इस तरह का रिजल्ट दिखना दुर्लभ होता है। मृत्यु के पीछे टॉक्सिन बनाने वाले बैक्टीरिया, हाई कंटेमिनेशन या नॉन-फूड रिलेटेड टॉक्सिन एक्सपोजर भी हो सकता है। हालांकि, टॉक्सिलॉजी रिपोर्ट जैसी गहन जांच ही इस मामले के सही कारण के बारे में बता सकती है।




क्या बिरयानी के बाद तरबूज खाना खतरनाक है?

डॉक्टर अनिकेत मुले ने बताया कि कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं बताता कि बिरयानी के बाद तरबूज खाना खतरनाक है। मनुष्यों का डायजेस्टिव सिस्टम अलग-अलग फूड कॉम्बिनेशन को मैनेज करने में प्रभावी है। इसलिए बिरयानी के बाद तरबूज को खतरनाक मानना एक मिथक है। किसी फूड से बीमारी होने के पीछे की असली वजह खाद्य पदार्थों के रखरखाव और सफाई में गड़बड़ी होती है।


ऐसे मामलों में फूड पॉइजनिंग की कितनी संभावना है?

डॉक्टर अनिकेत ने कहा कि फूड पॉइजनिंग होना दुर्लभ नहीं है, खासतौर से गर्म वातावरण में इसके मामले देखे जाते हैं, लेकिन यह अक्सर इतने गंभीर नहीं देखे जाते। हालत बहुत ज्यादा गंभीर होना या जान जाना सामान्य नहीं है और यह बैक्टीरिया के हाई लेवल, टॉक्सिन बनाने वाले ऑर्गेनिज्म या दूषित खाने से जुड़ी हो सकती है।




अगर तरबूज जैसे कटे हुए फलों को बिना ढके या रेफ्रिजरेटर के बिना लंबे समय तक रखकर खाया जाए तो यह नुकसानदायक हो सकते हैं। इसी तरह, पके हुए खाने को सही ढंग से स्टोर ना किया जाए और घंटों तक ऐसे ही छोड़ दिया जाए तो सेवन के बाद बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।


क्या बिरयानी खाने से बीमार पड़ सकते हैं?

डॉक्टर ने इसकी कुछ हद तक संभावना जताई है। उनके मुताबिक चावल और मीट से बनी बिरयानी जैसी डिश को अगर ढंग से स्टोर ना किया जाए तो यह बीमार कर सकती है। ऐसे फूड्स में कुछ बैक्टीरिया पनप सकते हैं और टॉक्सिन बना सकते हैं, जो दोबारा से गर्म करने पर भी नष्ट नहीं होते। अगर ऐसा खाना बासी है या ढंग से स्टोर नहीं किया गया तो गंभीर बीमारी कर सकता है।



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बिरयानी कैसे बीमार कर सकती है (सांकेतिक तस्वीर)


क्या खाने के अलावा भी कोई कारण हो सकता है?

डॉक्टर ने इस कारण की संभावना को नकारा नहीं है। डॉक्टर अनिकेत कहते हैं कि इस मामले में हालत जिस तेजी से नाजुक और गंभीर हुई है, वो पारंपरिक फूड पॉइजनिंग में नहीं देखी जाती। किसी अन्य सोर्स से टॉक्सिक एक्सपोजर, एक्सीडेंटल कंटेमिनेशन या छिपी हुई मेडिकल समस्या की संभावना भी है। लेकिन किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच व रिपोर्ट का इंताजर करें।

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