अक्सर लोग घर की छत या गार्डन में नींबू का पौधा तो लगा लेते हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी शिकायत होती है कि पौधे में फूल बहुत आते हैं पर फल बनने से पहले ही झड़ जाते हैं। नींबू के पौधे को खास पोषण की जरूरत होती है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका नींबू का पौधा फलों से लद जाए, तो माली द्वारा बताया गया नींबू का न्यूट्रीशन चार्ट फॉलो करें।

अक्सर पोषण की कमी या गलत समय पर खाद देने से फल रसीले नहीं बन पाते। इस चार्ट में कलियों के निकलने से लेकर फलों को कीड़ों से बचाने और उन्हें रस से भरने तक की पूरी जानकारी दी गई है। कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें और कौन सी जादुई खाद फलों का गुच्छा लाएगी, आइए जानते हैं इस आसान और असरदार तरीके के बारे में।
कलियां आने पर सीवीड खाद डालें
जब नींबू के पौधे में नन्हीं कलियां निकलना शुरू हो जाएं तब उसे माइक्रो-न्यूट्रीएंट्स देने का समय होता है। इसके लिए सीवीड लिक्विड खाद सबसे बेहतरीन है। एक लीटर पानी में मात्र 3 ml सीवीड घोल मिलाएं और इसे पौधे की जड़ों में दें। यह खाद कलियों को मजबूती देती है और उन्हें झड़ने से रोकती है। इस प्रक्रिया को हर 7 से 8 दिन में एक बार तब तक दोहराएं जब तक फूल पूरी तरह खिल न जाएं।
कैल्शियम से बढ़ाएं पौधे की मजबूती
इंसानों की तरह पौधों को भी कैल्शियम की जरूरत होती है। अगर पौधे में कैल्शियम की कमी होगी, तो फल पकने से पहले ही गिर जाएंगे या उनके छिलके फटने लगेंगे। घर में बचे हुए अंडे के छिलकों को सुखाकर उनका महीन पाउडर बना लें। महीने में एक बार मिट्टी में एक चम्मच यह पाउडर मिलाएं। यह न केवल मिट्टी की बनावट सुधारता है बल्कि पौधे की कोशिकाओं को भी मजबूती देता है।
नीम की खली से फंगस का सफाया
जैसे ही छोटे-छोटे नींबू के फल बनने लगें, उन पर कीटों और फंगस का खतरा बढ़ जाता है। इस समय पौधे की सुरक्षा जरूरी है। एक चम्मच नीम की खली का पाउडर एक लीटर पानी में मिलाकर रात भर के लिए छोड़ दें और अगले दिन इसे मिट्टी में डाल दें। इसे 20 से 25 दिन में सिर्फ एक बार ही डालें। यह मिट्टी के हानिकारक कीड़ों को खत्म कर जड़ों को स्वस्थ रखता है।
फलों को रसीला बनाने का सीक्रेट
नींबू का आकार बड़ा हो और वह रस से भरा हो, इसके लिए फास्फोरस की मात्रा बहुत मायने रखती है। इसके लिए सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) का इस्तेमाल किया जाता है। महीने में एक बार लगभग एक से डेढ़ चम्मच SSP पौधे की जड़ों के चारों ओर डालें। यह खाद जड़ों के विकास में मदद करती है और यह सुनिश्चित करती है कि नींबू का रस सूखे नहीं, बल्कि फल रसीले और चमकदार बनें।
खाद देने का सही तरीका
माली का सबसे अहम सुझाव यह है कि कभी भी सारी खादों को एक साथ मिलाकर न डालें। पौधों को पोषण पचाने के लिए समय चाहिए होता है। ऊपर बताई गई सभी चीजों को अलग-अलग समय अंतराल पर डालें। उदाहरण के लिए, अगर आपने आज कैल्शियम दिया है, तो फास्फोरस कम से कम एक हफ्ते बाद दें। इससे पौधे को हर पोषक तत्व का पूरा लाभ मिलता है।
गार्डनिंग एक्सपर्ट की टिप्स
धूप और गुड़ाई का रखें विशेष ध्यान
सही खाद के साथ-साथ पौधे के वातावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है। कोई भी खाद डालने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत की हल्की गुड़ाई जरूर करें। इससे ऑक्सीजन जड़ों तक पहुँचती है और खाद का असर जल्दी होता है। कभी भी कड़कती दोपहर या तेज धूप में खाद न डालें। खाद देने का सबसे सही समय सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद का होता है।
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