मोगरे का फूल बहुत से लोगों को पसंद होता है, लेकिन कई बार अच्छी देखभाल के बावजूद पौधे में फूल नहीं आते। मोगरा एक हैवी फीडर पौधा है, जिसे बढ़ने और कलियां बनाने के लिए भरपूर पोषण की जरूरत होती है। ऐसी में माली ने सस्ती खाद बताने के साथ ही देखभाल के तरीके भी शेयर किए हैं।

RV गार्डन के माली ने इस समस्या का बेहद सस्ता और घरेलू समाधान शेयर किया है, जिसमें सरसों की खली और चूने का जादुई मिश्रण इस्तेमाल किया जाता है। सही धूप, सटीक सिंचाई और पिंचिंग की तकनीक के साथ जैविक खाद पौधे में ढेरों फूल उगाने में मदद करेगी।
धूप और सही वातावरण
मोगरा एक सनलविंग यानी धूप पसंद करने वाला पौधा है। इसे दिन में कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप चाहिए होती है। हालांकि, गर्मियों की दोपहर की बहुत तेज और झुलसा देने वाली धूप से इसे बचाना जरूरी है। अगर मुमकिन हो, तो दोपहर में इसे ऐसी जगह रखें जहां छनकर धूप आए। सुबह की ताजी धूप कलियां खिलाने के लिए सबसे बेहतरीन होती है।
पानी देने का सही नियम
मोगरे को नमी पसंद है, लेकिन 'ओवरवाटरिंग' यानी ज्यादा पानी इसकी जड़ों को सड़ा सकता है। माली की सलाह है कि गमले की मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी दें। नमी को बरकरार रखें, लेकिन गमले में पानी जमा न होने दें। गर्मियों में रोजाना पानी की जरूरत हो सकती है, लेकिन हमेशा मिट्टी छूकर ही तय करें।
पिंचिंग और प्रूनिंग
मोगरे की एक खास बात है कि यह हमेशा नई शाखाओं पर ही फूल देता है। जैसे ही फूल सूख जाए, उसे तुरंत तोड़ दें और उस शाखा के ऊपरी हिस्से की पिंचिंग कर दें। इससे वहां से दो नई शाखाएं निकलेंगी और जितनी ज्यादा शाखाएं होंगी, उतने ही ज्यादा फूल आएंगे। सूखे फूलों को पौधे पर छोड़ना उसकी ऊर्जा को कम करता है।
कीटों से सुरक्षा
मोगरे के पौधे पर अक्सर सफेद कीड़े या मकड़ी के जाले लग जाते हैं। इनसे बचाव के लिए हर हफ्ते नीम के तेल को पानी में मिलाकर पूरे पौधे पर छिड़काव करें। यह एक प्राकृतिक कीटनाशक है जो पौधे को सुरक्षित रखता है और उसकी पत्तियों को चमकदार बनाता है। स्वस्थ पत्तियों वाला पौधा ही ज्यादा फूल पैदा कर पाता है।
मोगरे के पौधे में खाद डालने का तरीका
सरसों की खली का शक्तिशाली खाद
मोगरा एक हैवी फीडर है, इसे खास खाद की जरूरत होती है। इसके लिए 1 लीटर पानी में 100 ग्राम सरसों की खली भिगोकर 5 दिनों के लिए छायादार जगह पर रख दें। 5 दिन बाद इस गाढ़े घोल को सीधे पौधे में न डालें। इसे 1:20 के अनुपात में सादे पानी के साथ डाइल्यूट करें, यानी एक हिस्सा घोल और 20 हिस्सा पानी। यह नाइट्रोजन और फास्फोरस का सबसे सस्ता और बेहतरीन स्रोत है।
चूने का उपयोग और सही मात्रा
सरसों की खली के इस घोल को और असरदार बनाने के लिए इसमें 10 ग्राम खाने वाला चूना मिला दें। चूना कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, जो शाखाओं को मजबूती देता है। खाद डालने से पहले मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें। एक छोटे पौधे के लिए 250 मिलीलीटर तैयार खाद पर्याप्त है। ध्यान रहे, इस खाद को हर 15 दिन में सिर्फ एक बार ही डालें।
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