पुराना और नया मटका कैसे धोना चाहिए? नमक वाला आसान तरीका, हाथ डालकर धोने की मत करना गलती

 

गर्मियों का मौसम आते ही फ्रिज के पानी की जगह मटके का ठंडा पानी हर किसी की पसंद बन जाता है। लेकिन अक्सर लोगों को शिकायत रहती है कि मटका पानी ठंडा नहीं कर रहा या उसमें से मिट्टी की अजीब गंध आ रही है। इसका मुख्य कारण है मटके की सफाई का गलत तरीका,

right way to clean old and new clay pot matka

गर्मियों की दस्तक के साथ ही फ्रिज की जगह मिट्टी के मटके का ठंडा पानी प्यास बुझाने के लिए हर किसी को चाहिए होता है। लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि नया मटका भी कुछ दिनों बाद पानी ठंडा करना बंद कर देता है। क्या आप जानते हैं कि इसका सबसे बड़ा कारण मटका धोने का गलत तरीका है।


पूनम देवनानी के अनुसार, मटका चाहे नया हो या पुराना, उसे साफ करने का एक अलग तरीका होता है, जो उसके कूलिंग पोर्स को सक्रिय रखता है। ज्यादातर लोग सफाई के चक्कर में मटके को अंदर से रगड़कर उसके रोम-छिद्र बंद कर देते हैं, जिससे पानी का ठंडा होना रुक जाता है। उन्होंने मटका क्लीन करने सही तरीका बताया है जिसमें नमक का इस्तेमाल होता है।

पुराना हो या नया सफाई का नियम एक

पुराना हो या नया सफाई का नियम एक

अक्सर लोगों को लगता है कि नया मटका साफ करने और पुराने को रगड़ने का तरीका अलग होना चाहिए। लेकिन पूनम देवनानी का कहना है कि मटका चाहे नया हो या पुराना, उसे साफ करने का बुनियादी तरीका एक जैसा ही है। सफाई का उद्देश्य मटके के उन छोटे छिद्रों को खोलना होता है, जिनसे पानी रिसकर बाहर आता है और वाष्पीकरण के जरिए पानी ठंडा होता है।

हाथ डालने की गलती कभी न करें

हाथ डालने की गलती कभी न करें

अगर आप सफाई के दौरान मटके के अंदर हाथ डालकर साफ करने की कोशिश करते हैं। पूनम देवनानी के अनुसार, यह सबसे बड़ी गलती है। हमारे हाथों की चिकनाई और पसीना मटके के अंदरूनी छिद्रों को बंद कर सकता है। मटके को हमेशा पानी भरकर हिलाकर यानी कि खंगालकर ही साफ करना चाहिए। अंदरूनी हिस्से पर किसी भी तरह का स्क्रबर या हाथ न लगाएं।

24 घंटे का वेटिंग पीरियड

24 घंटे का  वेटिंग पीरियड

मटके को नॉर्मल पानी से धोने के बाद उसे तुरंत इस्तेमाल करना शुरू न करें। सबसे पहले मटके को पूरा पानी से भर दें और 24 घंटे के लिए पानी से भरी बाल्टी में रखकर छोड़ दें। यह स्टेप नए मटके की मिट्टी को सैटल करता है और पुराने मटके की जमी हुई गंदगी को ढीला कर देता है। 24 घंटे बाद इस पानी को फेंक दें, यह पानी पीने के लायक नहीं होता है।

नमक का इस्तेमाल

नमक का इस्तेमाल

मटके के बाहरी हिस्से पर सफेद परत जम जाती है, जो ठंडक को रोकती है। इसके लिए मटके के बाहरी हिस्से पर सादा नमक डालें और उसे अच्छी तरह रगड़कर साफ करें। नमक एक प्राकृतिक क्लींजर की तरह काम करता है। अंदर की सफाई के लिए भी थोड़ा नमक डालकर पानी के साथ खंगाल लें, लेकिन याद रहे..अंदर हाथ या ब्रश नहीं रगड़ना है।

सूती कपड़े का सुरक्षा कवच

सूती कपड़े का सुरक्षा कवच

मटके को अच्छी तरह धोकर साफ पानी से भरने के बाद, उसके बाहरी हिस्से पर एक सूती कपड़ा लपेट दें। यह पारंपरिक और सबसे असरदार तरीका है। सूती कपड़ा मटके की बाहरी सतह पर नमी बनाए रखता है। कपड़े को समय-समय पर गीला करते रहें। जैसे-जैसे कपड़े का पानी सूखेगा, वह मटके के अंदर की गर्मी को बाहर खींचेगा, जिससे पानी एकदम ठंडा रहेगा।

मटका धोने का सही तरीका

मटके को रखने की सही जगह

मटके को रखने की सही जगह

सफाई के साथ-साथ मटके को रखने की जगह भी मायने रखती है। मटके को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां हवा का वेंटिलेशन अच्छा हो। खिड़की के पास या खुली जगह पर रखने से वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेज होती है। अगर आप मटके को बंद कोने में रखेंगे, तो चाहे वह कितना भी साफ क्यों न हो, पानी फ्रिज जैसा ठंडा नहीं हो पाएगा।


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