नींद की कमी से बढ़ता डायबिटीज, दिल के रोग, मोटापा, मानसिक समस्याओं का खतरा, जानें कैसे बदलें स्लीप पैटर्न

 

नींद सिर्फ आराम का समय नहीं है, पर्याप्त नींद लेने से शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं। आज की तेज रफ्तार जिंदगी, बढ़ते तनाव, देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप के इस्तेमाल और अनियमित लाइफस्टाइल के कारण लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। अगर किसी व्यक्ति को लगातार कम या खराब नींद आती है, तो इसका असर उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देता है। अच्छी सेहत के लिए रोजाना 7-8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है।

नींद की कमी से बढ़ता ब्लड प्रेशर (सांकेतिक तस्वीर)
नींद की कमी से बढ़ता ब्लड प्रेशर (सांकेतिक तस्वीर)
अच्छी और पर्याप्त नींद शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। जब हम सोते हैं, तब हमारा दिमाग दिनभर की जानकारी को प्रोसेस करता है और शरीर खुद को रिपेयर करता है। लगातार कम नींद लेने से दिल की बीमारियों, डायबिटीज, मोटापा और मानसिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए रोज कम से कम 7-8 घंटे की अच्छी नींद जरूर लें।


नींद की कमी का हार्ट हेल्थ पर असर पर्याप्त और अच्छी क्वालिटी की नींद शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को संतुलित रखने में मदद करती है। सबसे पहले इसका असर दिल की सेहत पर पड़ता है। नींद की कमी से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और लंबे समय में हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

कम नींद लेने से स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का बढ़ना, सूजन और धमनियों में ब्लॉकेज का जोखिम बढ़ सकता है। जो लोग रोजाना 7-8 घंटे से कम सोते हैं उनमें हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। जो लोग 5 घंटे से कम सोते हैं उन्हें हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा होता है।


नींद की कमी से डायबिटीज का रिस्क

नींद का सीधा संबंध डायबिटीज और मेटाबॉलिक हेल्थ से भी है। कम नींद लेने से शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। लगातार नींद की कमी से मोटापा बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है, क्योंकि इससे भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं।


नींद की कमी का मानसिक स्वास्थ्य पर असर

नींद की कमी का दिमाग पर असर (सांकेतिक तस्वीर) <br><br>
नींद की कमी का दिमाग पर असर (सांकेतिक तस्वीर)




नींद की कमी दिमाग यानी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। इसके लक्षण इस तरह नजर आ सकते हैं-

  • गुस्सा और चिड़चिड़ापन- नींद की कमी सिर्फ शरीर नहीं दिमाग को भी प्रभावित करती है। पर्याप्त नींद न मिलने पर व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, गुस्सा और भावनाओं पर नियंत्रण कम होने जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं। कई लोगों को ब्रेन फॉग यानी दिमाग का सुस्त होना जैसे लक्षण भी महसूस होते हैं।
  • एंग्जायटी और डिप्रेशन- नींद की कमी से व्यक्ति की तनाव को कंट्रोल करने की क्षमता भी कम हो जाती है। लंबे समय तक पर्याप्त नींद न लेने से एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। कुछ मामलों में नींद की कमी गंभीर मानसिक लक्षणों को भी ट्रिगर कर सकती है।
  • फोकस की कमी- नींद की कमी का असर काम करने की क्षमता पर भी पड़ता है। याददाश्त कमजोर हो सकती है और काम या पढ़ाई में फोकस बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।


नींद की कमी का इम्यूनिटी पर असर

अच्छी नींद इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करती है, लेकिन जो लोग 7-8 घंटे से कम सोते हैं उनकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है। पर्याप्त नींद न लेने से इन्फेक्शन से लड़ने वाले प्रोटीन साइटोकाइन और एंटीबॉडी कम हो जाते हैं। इम्यून सिस्टम कमजोर होने से इन्फेक्शन और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

जब हम सोते हैं, तब शरीर खुद को रिपेयर करता है और इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता बेहतर होती है। अगर कोई व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो उसे बार-बार सर्दी-जुकाम या अन्य इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है। नींद की कमी से एनर्जी लेवल भी कम हो जाता है और दिनभर थकान महसूस होती है। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है।

अच्छी नींद के लिए क्या करें?

कैसे बनाएं हेल्दी स्लीप पैटर्न (सांकेतिक तस्वीर) <br>
कैसे बनाएं हेल्दी स्लीप पैटर्न (सांकेतिक तस्वीर)


रोज की आदतों और लाइफस्टाइल में बदलाव करके नींद की क्वालिटी को सुधारा जा सकता है। इसके लिए-

  • रोज एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं
  • सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन का इस्तेमाल न करें
  • सोने से पहले चाय-कॉफी न पिएं
  • अच्छी नींद के लिए शांत वातावरण में सोएं


नींद का महत्व समझें

कई लोग ये मानते हैं कि 7-8 घंटे से कम सोने पर भी उनकी नींद पूरी हो जाती है, लेकिन धीरे-धीरे नींद की कमी का असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए हेल्दी डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज के साथ-साथ पर्याप्त और क्वालिटी नींद को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।

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