क्या 90% लोगों को नहीं पता दाल बनाने का सही तरीका? कहां होती है गलती, जानें 4 सीक्रेट

 

समय बचाने के चक्कर में लोग दाल को सीधे धोकर प्रेशर कुकर में चढ़ा देते हैं। लेकिन मशहूर शेफ पंकज भदौरिया के अनुसार, दाल बनाने का यह तरीका न केवल उसके पोषण को कम करता है बल्कि पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण भी बनता है। ऐसे में उन्होंने दाल पकाने सही तरीका बताया है।

right way to make dal in cooker
दाल रोजाना की डाइट का अहम हिस्सा होती है, जिसे प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। लेकिन लगभग 90 प्रतिशत लोगों को नहीं पता होगा कि जिस दाल को आप सेहतमंद समझकर खा रहे हैं, उसे पकाने का आपका तरीका गलत हो सकता है। मशहूर शेफ पंकज भदौरिया के अनुसार, ज्यादातर लोग दाल को सिर्फ धोकर सीधे प्रेशर कुकर में डाल देते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।


दाल को सही तरीके से न पकाने के कारण शरीर को न केवल आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व नहीं मिल पाते, बल्कि यह गैस और अपच जैसी समस्याओं का कारण भी बनती है। ऐसे में हम आपको शेफ पंकज द्वारा बताए गए 4 सीक्रेट टिप्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो आपकी दाल को न सिर्फ स्वादिष्ट बनाएंगे, बल्कि उसे पूरी तरह गट-फ्रेंडली और पौष्टिक भी बनाएंगे।

दाल को भिगोना क्यों है जरूरी?

दाल को भिगोना क्यों है जरूरी?

ज्यादातर घरों में दाल को बस दो बार धोकर तुरंत कुकर में डाल दिया जाता है। शेफ पंकज कहती हैं कि दाल बनाने का पहला और सबसे जरूरी स्टेप उसे कम से कम 30 मिनट तक भिगोना है। भिगोने से दाल के दाने नरम हो जाते हैं, जिससे वे जल्दी पकते हैं और उनका प्राकृतिक स्वाद भी बेहतर होता है। यह प्रक्रिया दाल के जटिल स्टार्च को तोड़ने में मदद करती है, जिससे इसे पचाना आसान हो जाता है।

भिगोए हुए पानी को फेंकना है सबसे जरूरी

भिगोए हुए पानी को फेंकना है सबसे जरूरी

क्या आपने कभी गौर किया है कि दाल उबलते समय ऊपर सफेद झाग जमा हो जाता है। लोग अक्सर उसे बिना हटाए कुकर का ढक्कन बंद कर देते हैं। शेफ के मुताबिक, इस झाग में सैपोनिन्स और अशुद्धियां होती हैं। यह झाग पाचन में बाधा डालता है और गैस या भारीपन का कारण बनता है। सही तरीका यह है कि कुकर बंद करने से पहले दाल को एक उबाल आने दें और चम्मच से ऊपर के सारे झाग को निकालकर फेंक दें।

झाग को निकालना न भूलें

झाग को निकालना न भूलें

क्या आपने कभी गौर किया है कि दाल उबलते समय ऊपर सफेद झाग जमा हो जाता है। लोग अक्सर उसे बिना हटाए कुकर का ढक्कन बंद कर देते हैं। शेफ के मुताबिक, इस झाग में सैपोनिन्स और अशुद्धियां होती हैं। यह झाग पाचन में बाधा डालता है और गैस या भारीपन का कारण बनता है। सही तरीका यह है कि कुकर बंद करने से पहले दाल को एक उबाल आने दें और चम्मच से ऊपर के सारे झाग को निकालकर फेंक दें।

पोषक तत्वों का सही अवशोषण

पोषक तत्वों का सही अवशोषण

दाल प्रोटीन का भंडार है, लेकिन गलत तरीके से पकाने पर हमारा शरीर इसका पूरा लाभ नहीं ले पाता। जब आप दाल को भिगोकर और उसका झाग निकालकर बनाते हैं, तो वह 'गट-फ्रेंडली' यानी पेट के लिए अनुकूल हो जाती है। इस विधि से तैयार दाल खाने के बाद आपको पेट फूलने या भारीपन की समस्या नहीं होगी और शरीर को आयरन और कैल्शियम जैसे तत्व भरपूर मात्रा में मिलेंगे।


मसाला और कुकिंग का सही तालमेल

मसाला और कुकिंग का सही तालमेल

एक बार जब आप झाग निकाल लें, उसके बाद ही दाल में नमक और हल्दी डालें। शेफ पंकज का सुझाव है कि दाल को प्रेशर कुक करने से पहले ये चीजें डालने से हल्दी का रंग और नमक का स्वाद दाल के अंदर तक समा जाता है। अगर आप इसे धीमी आंच पर पकाते हैं, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। दाल को हमेशा जरूरत के अनुसार ताजे पानी में ही पकाएं ताकि इसकी पौष्टिकता बरकरार रहे।


दाल पकाने का सही तरीका

बेहतर पाचन के लिए पंकज स्पेशल टिप

बेहतर पाचन के लिए पंकज स्पेशल टिप

दाल को इस वैज्ञानिक तरीके से पकाने के बाद, अंत में इसमें हींग और जीरे का तड़का लगाना सोने पर सुहागा जैसा है। शेफ के अनुसार, भिगोने, झाग निकालने और सही मसालों के प्रयोग से तैयार दाल न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र के लिए सबसे सुरक्षित आहार बन जाती है।


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