Nautapa 2026 Do's and Don'ts: नौतपा में भीषण गर्मी पड़ने वाली है, जिसमें खुद की देखभाल ना करने से बीमार पड़ सकते हैं। गर्मी में होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए डॉक्टर ने डी-एच-ए का ध्यान रखने की सलाह दी है। आइए जानते हैं कि नौतपा में हेल्दी रहने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

क्या है D-H-A?
डी-एच-ए का मतलब है डाइट, हाइड्रेशन और एयर कंडीशनर का सही इस्तेमाल। आप इन तीन चीजों को सही रखते हुए गर्मी से होने वाले हीटस्ट्रोक, हीट एग्जॉशन और डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं। डॉक्टर ने बताया कि आपको गर्मी में क्या खाना चाहिए, पानी कैसे पीना चाहिए और एसी का तापमान कितना रखना चाहिए।नौतपा के दौरान क्या खाएं?
डॉक्टर राकेश ने डाइट में हल्के, कूलिंग और हाइड्रेटिंग फूड्स को शामिल करने की सलाह दी है। तरबूज, खरबूजा, खीरा और संतरा जैसे मौसमी फल काफी फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनके अंदर वॉटर कंटेंट ज्यादा होता है और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस लाने में मदद करते हैं। नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ बेहतरीन हाइड्रेटर्स होते हैं।
आपका भोजन आसानी से पचने वाला और हल्का होना चाहिए। दाल, चावल, खिचड़ी, दही और हल्की पकी सब्जियां खाएं। दही खाना फायदेमंद है, क्योंकि यह गट हेल्थ को सपोर्ट करती है और कूलिंग इफेक्ट देती है। डाइट में पुदीना, धनिया और सौंफ को शामिल करें, जिससे डायजेशन और बॉडी टेंप्रेचर को रेगुलेट करने में मदद मिलेगी।
क्या ना खाएं?
नौतपा के दौरान बॉडी हीट बढ़ाने वाले और पचने में देर लगाने वाले फूड खाने से बचना चाहिए। इनके अंदर फ्राइड, मसालेदार और ऑयली फूड्स आते हैं और रेड मीट का अत्यधिक सेवन भी शामिल है। ज्यादा साल्ट कंटेंट वाले पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड्स की मात्रा भी सीमित कर देनी चाहिए, क्योंकि यह वॉटर रिटेंशन और डिहाइड्रेशन कर सकते हैं।
कैफीन और ऐल्कोहॉल का सेवन भी कम करना चाहिए। क्योंकि दोनों चीजों से फ्लूइड लॉस होता है। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने से कुछ देर के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन यह ढंग से बॉडी को हाइड्रेट नहीं करती हैं और नेचुरल फ्लूइड की जगह नहीं ले सकती हैं।
हाइड्रेशन की जरूरत
गंभीर गर्मी में डिहाइड्रेशन का खतरा बना रहता है। इसलिए रेगुलर इंटरवल पर पानी पीना जरूरी है, बेशक आपको प्यास ना लग रही हो। कभी-कभी पानी के अंदर एक चुटकी नमक और चीनी डालकर पी सकते हैं, जिससे इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस रहता है। खासतौर से घर से बाहर वक्त बिताने वालों को यह जरूर पीना चाहिए।एयर कंडीशनर का सही इस्तेमाल
एसी से गर्मी में राहत मिलती है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर राकेश पंडित एसी का तापमान 24°C से 26°C के बीच रखने की सलाह देते हैं। यह रेंज कंफर्ट बढ़ाने के साथ शरीर को टेंप्रेचर शॉक से भी बचाती है।
18°C या 20°C जितना एसी का टेंप्रेचर बहुत कम रखने से शुरुआत में अच्छा लग सकता है, लेकिन शरीर की एडेप्ट करने की शक्ति को नुकसान पहुंच सकता है। गर्मी से ठंडे कमरे में बार-बार आना जाना करने से जुकाम, गले में खराश, सिरदर्द और मसल्स में अकड़न का खतरा बढ़ सकता है।
एसी का लो टेंप्रेचर रखने के नुकसान
एसी के लो टेंप्रेचर में बहुत देर तक रहने से स्किन, आंख और रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में ड्राइनेस बढ़ सकती है। यह साइनसाइटिस और एलर्जी जैसी कंडीशन को गंभीर बना सकता है। कुछ मामलों में थकान और लो इम्यूनिटी का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा, एसी की हवा में सीधा बैठने से मसल्स क्रैम्प या जोड़ों में दिक्कत हो सकती है। एसी यूनिट के रखरखाव का ध्यान ना रखने से धूल और एलर्जेन के संपर्क में आने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे सांस की दिक्कतें हो सकती हैं।
नौतपा के हेल्थ टिप्स
- अंदर का तापमान मॉडरेट रखें और अचानक विपरीत तापमान में ना जाएं।
- दिनभर में पर्याप्त हाइड्रेशन का ध्यान रखें।
- हल्के रंग के और ढीले ढाले सूती कपड़े पहनें।
- कड़ी धूप में बाहर निकलने से बचें।
- अगर खुले माहौल में काम कर रहे हैं तो बीच में ब्रेक लेते रहें।
- पर्दों का इस्तेमाल करके बाहर की गर्मी घर में आने से रोकें।
डॉक्टर कहते हैं कि नौतपा मे आपको हेल्थ के लिए प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनानी चाहिए। फ्लूइड से भरी बैलेंस्ड डाइट, माइंडफुल ईटिंग हैबिट्स और एसी का सही इस्तेमाल करके गर्मी से होने वाली दिक्कतों को दूर रखा जा सकता है।
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