Premature Aging Causes: 60 साल की उम्र में थकान, सफेद बाल आदि आम है, लेकिन अगर 30 साल की उम्र में आपको यह सब महसूस हो रहा है तो यह वक्त से पहले आने वाले बुढ़ापे की निशानी हो सकती है। जिसके पीछे हमारी अनहेल्दी आदतें होती हैं। अगर अपने एजिंग प्रोसेस को हेल्दी रखना चाहते हैं तो डॉक्टर की बताई इन गलत आदतों को पहचानकर आज ही छोड़ दें।

1. सेडेंट्री लाइफस्टाइल
क्या करें - हर दिन 30 से 45 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करने का टारगेट रखें। एरोबिक एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का सही मिक्सचर फॉलो करने से मसल्स मास, बोन डेंसिटी और पूरी हेल्थ को सुधारने में मदद मिलती है।
2. खराब स्लीप पैटर्न
खुद को रिपेयर और रिस्टोर करने के लिए शरीर को नींद की जरूरत होती है। लंबे समय तक पर्याप्त नींद ना लेने से हॉर्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है, मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और इम्यून सिस्टम में कमजोरी आती है। डॉ. सराफ के मुताबिक, पर्याप्त ना सोने की आदत से धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, डायबिटीज और याददाश्त से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। स्लीप पैटर्न के खराब होने से डल स्किन और थकान जैसे एजिंग के लक्षण बढ़ने लगते हैं।क्या करें - एक फिक्स स्लीप शेड्यूल को रेगुलर फॉलो करें। हर दिन 7 से 8 घंटे की लगातार और गहरी नींद लें। सोने से पहले स्क्रीन डिवाइस और स्टिम्युलेंट दूर कर दें।
3. खाने की अनहेल्दी चॉइस
प्रोसेस्ड फूड्स, रिफाइंड शुगर और अनहेल्दी फैट्स से भरी हुई डाइट लेने पर शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और क्रोनिक इंफ्लामेशन बनती है। दोनों स्थितियों में सेल्स को डैमेज पहुंचता है, जिससे एजिंग तेज होती है। पोषण खराब होने से गट हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ता है, एनर्जी लेवल में कमी आती है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।क्या करें - ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरी बैलेंस्ड डाइट लें। खाने में एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फूड लें, जो कि सेलुलर डैमेज से बचाने में मदद करते हैं।
4. क्रोनिक स्ट्रेस
हमेशा तनाव में रहने से कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है, जिसकी वजह से शरीर का हर हिस्सा, हर अंग डैमेज होता है। क्रोनिक स्ट्रेस की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, खराब नींद, कमजोर इम्यूनिटी और मानसिक समस्याओं का खतरा बढ़ता है। डॉ. अमित सराफ के अनुसार, ज्यादा लंबे समय तक तनाव में रहने से बायोलॉजिकल एजिंग की स्पीड तेज होती है और हार्ट डिजीज का खतरा भी होता है।
क्या करें - मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग, रेगुलर एक्सरसाइज और वॉकिंग व संगीत सुनने जैसे आसान तरीके अपनाएं, जो स्ट्रेस को मैनेज करने में मदद करते हैं।
5. स्मोकिंग और एल्कोहॉल का अत्यधिक सेवन
स्मोकिंग करने पर शरीर में खतरनाक टॉक्सिन घुसते हैं, जो खून की नलियों और ऑक्सीजन सप्लाई को बिगाड़ते हैं। इसकी वजह से शरीर के अंदर और बाहर की एजिंग तेज होती है। स्मोकिंग से लंग डिजीज, हार्ट डिजीज और कैंसर का खतरा होता है। वहीं, शराब का बहुत ज्यादा सेवन करने से लिवर हेल्थ खराब होती है। इसके अलावा मेटाबॉलिज्म बाधित होता है और पोषण की कमी बढ़ती है।क्या करें - किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन ना करें और एल्कोहॉल इनटेक को लिमिट करें। इन आदतों को छोड़ने के लिए मेडिकल प्रोफेशनल की मदद लें।
6. खराब हाइड्रेशन
सेल्स के फंक्शन, ब्लड सर्कुलेशन और डिटॉक्सिफिकेशन के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है। क्रोनिक डिहाइड्रेशन की वजह से थकान, फोकस में कमी, किडनी पर अत्यधिक तनाव, बेजान और रूखी त्वचा हो सकती है। इसके कारण पाचन भी खराब होता है और एनर्जी नहीं रहती।क्या करें - दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। पानी की जरूरी मात्रा आपके आसपास के वातावरण, एक्टिविटी लेवल और शरीर के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है।
7. हेल्थ चेकअप की जरूरत इग्नोर करना
उम्र बढ़ने पर होने वाली अधिकतर बीमारियां धीरे-धीरे विकसित होती हैं। इनका देर से पता लगने पर इलाज मुश्किल हो जाता है। रेगुलर स्क्रीनिंग और हेल्थ चेकअप की मदद से हाई बीपी, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी अधिकतर बीमारियों को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है।क्या करें - रेगुलर हेल्थ चेकअप करवाएं और डॉक्टर द्वारा बताई गई सलाह फॉलो करें। यह काम उन लोगों को जरूर करना चाहिए, जिनके घर में पहले से किसी को क्रोनिक डिजीज हैं।
आप उम्र को बढ़ने से रोक नहीं सकते, लेकिन अनहेल्दी और वक्त से पहले होने वाली एजिंग को जरूर रोका जा सकता है। इन अनहेल्दी आदतों को छोड़ने जैसे छोटे-छोटे बदलाव की मदद से लाइफ की क्वालिटी बेहतर की जा सकती है। क्रोनिक बीमारियों का खतरा कम होता है और जीवन को लंबा बनाया जा सकता है।
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