Vegetarian Foods For Protein: मसल्स ग्रोथ और रिपेयरिंग के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। लेकिन शाकाहारी लोगों की डाइट में इसकी मात्रा कम देखी जाती है। आप 5 वेजिटेरियन फूड्स को खाकर प्रोटीन की जरूरत पूरी कर सकते हैं। ये फूड्स अंडे से ज्यादा प्रोटीन देते हैं और साथ में फाइबर जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाते हैं।

एक अंडे से क्या-क्या मिलता है?
एक मीडियम साइज का अंडा करीब 6 से 7 ग्राम हाई क्वालिटी प्रोटीन देता है। इसके साथ मसल्स की ग्रोथ और रिपेयरिंग व बॉडी के सारे फंक्शन को सपोर्ट करने वाले अमिनो एसिड्स भी मिलते हैं। हालांकि डॉ. प्रिया पालीवाल के मुताबिक, जो लोग वेजिटेरियन हैं या फिर अपनी प्रोटीन डाइट में वैरायटी लाना चाहते हैं, वो खाने की 5 शाकाहारी चीजों को अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।1. पनीर
डॉक्टर प्रिया पालीवाल के अनुसार, 100 ग्राम पनीर से करीबन 18 से 20 ग्राम प्रोटीन मिलता है, जो एक मीडियम अंडे से बहुत ज्यादा है। इस डेयरी प्रोडक्ट के अंदर भरपूर कैल्शियम भी होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। इसमें एनर्जी लेवल को लगातार स्टेबल रखने वाले हेल्दी फैट्स भी होते हैं।
खासतौर से, मसल्स बिल्डिंग करने वालों, विकास कर रहे बच्चों और बीमारी से उबरने वाले लोगों के लिए पनीर बेहद फायदेमंद है। लैक्टोज इनटॉलरेंस से परेशान और कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने की कोशिश में लगे लोगों को जरूर इसे मॉडरेशन में खाना चाहिए। आपको पनीर की रेसिपी पर भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यह इस फूड के सैचुरेटेड फैट्स को बढ़ा सकती है।
2. सोया चंक
एक्सपर्ट सोया चंक्स को सबसे ज्यादा प्रोटीन देने वाला वेज फूड मानती हैं। 100 ग्राम सोया चंक में 50 से 52 ग्राम प्रोटीन होता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी अंडे से मिलने वाले प्रोटीन से ज्यादा पोषण देती है। यह फूड शाकाहारी लोगों, एथलीट और वेट मैनेजमेंट में लगे हुए लोगों के लिए बेस्ट ऑप्शन है। क्योंकि, इसके अंदर फैट कम और प्रोटीन ज्यादा होता है।सोया चंक मसल्स की रिपेयरिंग-रिकवरिंग और भूख को शांत रखने में मदद करते हैं। हालांकि, थायरॉइड डिसऑर्डर्स या सोया एलर्जी से परेशान लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
3. दाल
अधिकतर भारतीय रसोई के अंदर दाल एक प्रमुख भोजन है, जो काफी बैलेंस्ड न्यूट्रिशनल प्रोफाइल से भरी है। चीफ डाइटिशियन का कहना है कि 100 ग्राम पकी हुई दाल से 9 से 12 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है। प्रोटीन के अलावा, दाल से प्रचुर मात्रा में फाइबर, आयरन और कई आवश्यक विटामिन भी मिलते हैं। यह आपकी डायजेस्टिव हेल्थ और एनर्जी लेवल को बेहतर बनाए रखते हैं।एनीमिया और हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए यह एक बेस्ट फूड है। हालांकि, संवेदनशील पाचन वाले लोगों को दाल खाने से ब्लोटिंग की समस्या झेलनी पड़ सकती है। दालों को हमेशा अच्छी तरह पकाकर खाना चाहिए।
4. चना
अगर आपको ऊपर बताए गए 3 वेज प्रोटीन फूड के अलावा भी खाद्य पदार्थ चाहिए तो आप चनों को डाइट में शामिल करें। 100 ग्राम चनों के अंदर 15 से 19 ग्राम प्रोटीन होता है। आप इन्हें उबालकर, रोस्ट करके या कई दूसरे तरीके से खा सकते हैं। चनों के अंदर अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर रेगुलेट करने में मदद करता है।
इस वजह से चने खाना डायबिटीज के मरीजों के लिए बढ़िया रहता है। यह पेट को देर तक भरा रखते हैं और वजन कंट्रोल में रहता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में इनका सेवन करने पर पेट की समस्या हो सकती है, खासतौर से ब्लोटिंग से परेशान रहने वाले लोगों को इसका लिमिट में सेवन करना चाहिए।
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