5 Exercises to do everyday for beginners: बच्चों से लेकर बुजुर्गों को हर दिन 5 एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। इन्हें बिगिनर व्यक्ति भी आराम से कर सकता है। ये एक्सरसाइज अपर बॉडी, कोर मसल्स, लोअर बॉडी, स्टेमिना, कोर स्ट्रेंथ, बैलेंस को सुधारने में मदद करती हैं। इस वजह से इन्हें पूरे शरीर को स्वस्थ व मजबूत बनाने वाला बताया जाता है।

रेगुलर एक्सरसाइज करने के छिपे हुए फायदे
एक्सरसाइज करने से मसल्स मजबूत होती हैं और वजन मैनेज रहता है। लेकिन इसके अलावा भी कई सारे ऐसे फायदे होते हैं, जो हमें बाहर से दिख नहीं पाते। सीडीसी के मुताबिक, नियमित व्यायाम करने से शरीर पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ता है।- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है
- मूड सुधरता है
- फोकस और ब्रेन फंक्शन बढ़ता है
- एनर्जी बूस्ट होती है
- मेटाबॉलिक हेल्थ सुधरती है
- ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल सुधरता है
- टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है
- इम्यूनिटी बढ़ने से इंफेक्शन के खतरे में कमी आती है
- हड्डियों और जोड़ों को मजबूती मिलती है
- कई क्रोनिक हेल्थ कंडीशन को मैनेज करना आसान हो जाता है
कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए?
एक्सरसाइज हर किसी के लिए जरूरी है। इसकी मात्रा को लेकर एक सामान्य नियम यह है कि आपको तबतक एक्सरसाइज करनी चाहिए, जबतक पसीना ना निकलने लगे और आपकी धड़कन व सांस तेज ना हो जाए। धड़कन व सांस इतनी ही तेज होनी चाहिए कि आप अगर कुछ कहना चाहें तो अपनी बात को पूरी बता सकें।टाइम के कॉन्टेक्स्ट में यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन कहता है कि वयस्कों और बुजुर्गों को एक हफ्ते में करीब 150 मिनट की मॉडरेट इंटेंसिटी वाली फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए। आप इस टारगेट को 30-30 मिनट के 5 दिन में बांट सकते हैं। बच्चों के लिए हर दिन 60 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी गई है। जिसे एक सामान्य रूप से सक्रिय बच्चा आराम से पूरा कर लेता है। इसके अंदर उसका भागना, चलना, कूदना, खेलना, सबकुछ शामिल हो जाता है।
1. स्क्वैट्स
स्क्वैट्स एक्सरसाइज लोअर बॉडी की पावर, स्टेबिलिटी और बैलेंस बढ़ाती है। क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, इसे करते वक्त आपको अपनी नजर को सामने की तरफ रखना है, चेस्ट बाहर की तरफ रहेगी, पीठ सीधी रहेगी और पेट की मसल्स को एंगेज रखना है।
- सबसे पहले दोनों पैरों को कंधों के बराबर खोलते हुए सीधा खड़े हो जाएं।
- अपने पंजों को हल्का-सा बाहर की तरफ रखें।
- अब कूल्हों से हल्का-सा आगे झुकते हुए उन्हें पीछे की तरफ ले जाएं।
- धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए शरीर को नीचे की तरफ लाएं।
- इस दौरान घुटनों के बीच गैप बनाए रखें।
- कूल्हों को तबतक नीचे लाएं, जबतक कि आपकी जांघ जमीन के समानांतर ना आ जाए।
- घुटनों को पंजों की सीध में रखें और शारीरिक भार एड़ियों पर रखें।
- लोअर बैक को स्ट्रेन से बचाने के लिए स्पाइन को न्यूट्रल रखें।
- इस पोजिशन को 3 से 5 सेकंड होल्ड करें।
- अब एड़ियों से जोर लगाते हुए वापस सीधा खड़े हो जाएं।
- इस प्रक्रिया को 10 से 15 रैप्स तक दोहराएं।
2. लंजेस
लंजेस एक्सरसाइज शरीर के बैलेंस, स्टेबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी को बेहतर बनाती है। क्लीवलैंड क्लीनिक ने लंजेस की सही फॉर्म बताई है।
- पैरों को कूल्हों के बराबर खोलते हुए खड़े हो जाएं और हथेलियों को जोड़कर छाती के सामने होल्ड करें।
- पीठ को सीधा रखते हुए दाएं पैर से आगे की तरफ कदम रखें।
- कूल्हों को तबतक नीचे लाएं, जबतक कि आपके आगे वाले दाएं घुटने का कोण 90 डिग्री पर ना पहुंच जाए और पीठ को 45 डिग्री के कोण पर रखें।
- आपके दाएं पैर की पिंडली सीधी होनी चाहिए और घुटना आगे की तरफ चौथी या पांचवी उंगली की सीध में होना चाहिए।
- इस पोजिशन में 1 से 3 सेकंड के बीच रहें।
- धीरे-धीरे खड़े होकर शुरुआती पोजिशन में आ जाएं।
- इस प्रक्रिया को 12 रैप्स के 2 से 3 सेट्स तक दोहराएं।
- फिर दूसरे पैर से यही फॉलो करें।
3. पुश-अप्स
अपर बॉडी की स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए पुश-अप्स एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक इसे करने का सही तरीका निम्नलिखित है।
- जमीन पर घुटने और हथेली के बल झुक जाएं।
- हथेलियों को अपने सामने की तरफ जमीन पर रखें और उंगलियों को आगे की तरफ फैलाएं।
- हथेलियों को कंधों की चौड़ाई के बराबर खोलें और कंधों की सीध में ठीक नीचे रखें।
- अब कोहनियों को खोलते हुए और घुटनों को ऊपर उठाते हुए पैरों को पीछे की तरफ फैलाकर पंजों को आपस में मिलाएं।
- इस वक्त आपकी गर्दन, पीठ और कूल्हे एक सीध में होने चाहिए और शरीर का पूरा भार हथेलियों व पंजों पर रहे।
- इसके बाद कोहनियों को शरीर के साथ रखते हुए मोड़ें और अपर बॉडी को नीचे की तरफ लाएं।
- जब आपकी चेस्ट और ठुड्डी जमीन पर छूने लगे तो 1 सेकंड रुकें और फिर हथेलियों के दम पर शरीर को वापस ऊपर की तरफ उठाएं।
- बॉडी को ऊपर ले जाते हुए सारी टेंशन कोर मसल्स और ग्लूट्स पर होनी चाहिए।
- इस प्रक्रिया को 10 से 12 बार दोहराएं और ऐसे 3 सेट्स करें।
4. प्लैंक
प्लैंक आपकी कोर स्टेबिलिटी को बढ़ाने के लिए बहुत फायदेमंद है। इसे करने के लिए क्लीवलैंड क्लीनिक का बताया तरीका जानते हैं।
- सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं।
- अब दोनों कोहनियों को अपनी-अपनी तरफ के कंधों के ठीक नीचे जमीन पर रखें।
- फोरआर्म्स को आगे की तरफ फैलाएं।
- पंजों और कोहनियों पर शरीर का पूरा भार संभालते हुए घुटने और पेल्विस को ऊपर उठाएं।
- नजर सामने की तरफ रखें और गर्दन, पीठ व कूल्हे एक सीध में हों।
- अब अपने पेट, पेल्विस और कूल्हे की मसल्स को टाइट करें।
- इस पोजिशन में जितना हो सके, बॉडी को होल्ड करके रखें।
5. कार्डियो
कार्डियो एक्सरसाइज दिल के लिए काफी फायदेमंद होती हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन, स्टेमिना और एंड्यूरेंस बढ़ाती हैं। रनिंग, स्विमिंग, जॉगिंग, डांस और जंपिंग जैक्स जैसी कई सारी एक्सरसाइज कार्डियो वर्कआउट के अंदर आती हैं। यहां पर जंपिंग जैक्स करने का सही तरीका जानते हैं।
- हेल्थ वेलबीइंग के मुताबिक, सबसे पहले पैरों को आपस में मिलाकर खड़े हो जाएं।
- घुटनों को थोड़ा-सा मोड़े रखें और हाथों को अपनी-अपनी तरफ की जांघ से सटाकर रखें।
- अब पैरों को चौड़ा करते हुए कूदें।
- इस दौरान दोनों हाथों को सिर के ऊपर सीधा ले जाकर हथेलियों से ताली बजाएं।
- इसके बाद कूदते हुए शुरुआती पोजिशन में आ जाएं।
- इस प्रक्रिया को रिदम के साथ दोहराते रहें।
- शुरुआत में कुछ सेकंड तक लगातार करें और फिर टाइम बढ़ाते जाएं।
कोई भी एक्सरसाइज करते हुए अगर आपको तकलीफ या दर्द होता है तो उसे रोक दें। यह गलत फॉर्म या पोजिशन की वजह से हो सकता है। एक्सरसाइज के दौरान सांसों को सामान्य तरीके से लेते रहें। धीरे-धीरे शुरुआत करें और टाइम बढ़ाने से ज्यादा सही तरीके पर जोर दें।
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