बढ़ती उम्र में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे शरीर की भोजन को ऊर्जा में बदलने की क्षमता कमजोर हो जाती है और इम्यूनिटी भी कमजोर हो सकती है। 40 की उम्र के बाद शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सही पोषण लेना जरूरी है। इनमें प्रोटीन सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। प्रोटीन फिटनेस के साथ साथ पूरे शरीर की हेल्थ और फंक्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रोटीन के नियमित सेवन से इम्यूनिटी और ऊर्जा बढ़ती है, भूख कम लगती है, वजन कंट्रोल में रहता है, एंजाइम और हार्मोन की गतिविधि नियंत्रित रहती है। अगर शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाए तो व्यक्ति जल्दी थक सकता है, बीमार हो सकता है और घाव भरने में भी समय लगता है।
प्रोटीन के फायदे
नियमित रूप से सही मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने के निम्नलिखित फायदे होते हैं-- मांसपेशियों की मजबूती- उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, लेकिन प्रोटीन उनकी मजबूती बनाए रखता है।
- शारीरिक ताकत- नियमित रूप से प्रोटीन के सेवन से शरीर मजबूत रहता है और रोजमर्रा के काम आसानी से किए जा सकते हैं।
- बोन हेल्थ- प्रोटीन के सेवन से मजबूत मांसपेशियां और हड्डियां शरीर को संतुलित रखती हैं, जिससे गिरने और चोट लगने का खतरा कम रहता है।
- बीमारी या चोट का जल्दी ठीक होना- प्रोटीन शरीर की रिपेयरिंग में मदद करता है, जिससे बीमारी या चोट जल्दी ठीक हो जाती है।
- इम्यूनिटी बढ़ना- प्रोटीन के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
40 की उम्र के बाद प्रोटीन कितना जरूरी?
पहले माना जाता था कि हर व्यक्ति को लगभग 0.8 ग्राम प्रति किलो वजन प्रोटीन चाहिए। लेकिन अब रिसर्च बताती है कि 40 की वर्ष के बाद यह मात्रा कम हो सकती है। उम्र और फिजिकल कंडीशन के अनुसार प्रोटीन का सेवन इस मात्रा में करें-
प्रोटीन कब और कैसे लेना चाहिए ?
रोजाना प्रोटीन का सेवन करना जरूरी है। लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है प्रोटीन का सही मात्रा में सेवन करना। सही मात्रा, सही समय और सही तरीके से प्रोटीन का सेवन करने से सही लाभ मिलता है। इसके लिए दिन में एक बार बहुत ज्यादा प्रोटीन खाने की बजाय उसे हर भोजन में बांट लें। हर भोजन में लगभग 20-30 ग्राम प्रोटीन लेना बेहतर माना जाता है। इससे शरीर प्रोटीन को बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है।
प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत क्या हैं ?
भोजन में प्रोटीन को 2 तरह से शामिल किया जा सकता है- वेजिटेरियन और नॉनवेजिटेरियन। दोनों के स्रोत और फायदे इस प्रकार हैं-- वेजिटेरियन प्रोटीन के स्रोत- दूध, दही, पनीर, मसूर, मूंग, चना, राजमा, छोले, सोया, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, ओट्स और साबुत अनाज वेजिटेरियन प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
- वेजिटेरियन प्रोटीन के फायदे- नॉनवेजिटेरियन प्रोटीन डाइट फाइबर और विटामिन से भरपूर है, दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है और वजन कंट्रोल करने में मदद करती है।
- नॉनवेजिटेरियन प्रोटीन के स्रोत- अंडा, चिकन और मछली नॉनवेजिटेरियन प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
- नॉनवेजिटेरियन प्रोटीन के फायदे- यह पूर्ण प्रोटीन होता है और शरीर इसे आसानी से उपयोग कर लेता है। नॉनवेजिटेरियन प्रोटीन मांसपेशियों के लिए बहुत फायदेमंद है।
प्रोटीन से बढ़ती है इम्यूनिटी
रोजाना डाइट में प्रोटीन को शमिल करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। प्रोटीन एंटीबॉडी बनाने में मदद करता है, शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने की शक्ति देता है और घाव जल्दी भरने में मदद करता है। यदि शरीर में प्रोटीन कम हो जाए तो व्यक्ति के बार-बार बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है, घाव देर से भरते हैं, कमजोरी और थकान रहती है।
ज्यादा प्रोटीन क्या नुकसानदायक होता है?
जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन नुकसान कर सकता है, खासकर जब सप्लीमेंट्स का अधिक उपयोग किया जाए। प्रोटीन का सेवन ज्यादा करने से किडनी पर दबाव (खासकर पहले से समस्या हो तो) पड़ता है, पेट में गैस या कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है, शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से वजन बढ़ने लगता है।
40 की उम्र के बाद बदलें लाइफस्टाइल
40 वर्ष की उम्र के बाद शरीर को पहले से ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। इस समय प्रोटीन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मांसपेशियों को मजबूत रखता है, शरीर की शक्ति बढ़ाता है और रोगों से लड़ने में मदद करता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बहुत ज्यादा प्रोटीन लेना चाहिए। सही तरीका यह है कि पूरे दिन में संतुलित मात्रा में, अच्छे और प्राकृतिक स्रोतों से प्रोटीन लिया जाए।
अपनी उम्र और हेल्थ कंडीशन के अनुसार प्रोटीन की मात्रा तय करें। रोजाना संतुलित भोजन लें और हर भोजन में प्रोटीन को शामिल करें। रेगुलर एक्सरसाइज करें, खासकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करें, साथ ही पर्याप्त पानी पिएं। अगर सही लाइफस्टाइल अपनाई जाए तो 40 की उम्र के बाद भी शरीर स्वस्थ, मजबूत और सक्रिय बना रह सकता है।
Comments
Post a Comment