अपराजिता के पौधे में ढेरों नीले फूल उगाने के लिए क्या करें? माली ने बताया फ्री का आसान तरीका, डालना है बस 3 चीजें

 

अपराजिता के पौधे को लेकर लोगों की शिकायत होती है कि उनकी अपराजिता की बेल बढ़ तो रही है, पर उसमें फूल नहीं आ रहे। अगर आपके साथ भी यही समस्या है, तो माली का यह 3 चीजों वाला होममेड फर्टिलाइजर और कुछ खास टिप्स आपके पौधे को फूलों से भर देंगे।

cheap trick to get more flower from aparajita plant
(फोटो साभार: istcok, insta @rvgarden)
अपराजिता का पौधा अपनी खूबसूरती और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, लेकिन अक्सर लोग इस बात से परेशान रहते हैं कि उनके पौधे में बेल तो बढ़ रही है पर नीले फूल नहीं खिल रहे। अगर आपकी अपराजिता भी फूलों के बिना अधूरी लग रही है, तो अब चिंता छोड़ दें। माली का बताया यह 3 चीजों वाला नुस्खा पौधे को फूलों से भरने में मदद करेगा।


इस आसान और फ्री के तरीके में प्रूनिंग जैसी जरूरी टिप्स के साथ-साथ घर पर बना एक विशेष लिक्विड फर्टिलाइजर शामिल है। चायपत्ती, केले के छिलके और हल्दी के इस मिश्रण से पौधे को सारा पोषण मिलता है, जिसकी उसे फ्लावरिंग के लिए जरूरत होती है। कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर आप अपने गार्डन में अपराजिता के ढेरों नीले फूल खिला सकते हैं।

प्रूनिंग और पिंचिंग है जरूरी

 प्रूनिंग और पिंचिंग है जरूरी

अपराजिता में फूल हमेशा नई शाखाओं पर ही आते हैं। इसलिए, सबसे पहले पौधे की सॉफ्ट या हार्ड प्रूनिंग करें। अगर पौधा बहुत पुराना और बेतरतीब है, तो मोटी टहनियों को काटें, और अगर पौधा छोटा है तो सिर्फ ऊपर की कोमल टहनियों को काट दें। इसके साथ ही, नई शाखाओं को समय-समय पर पिंच करते रहें, इससे पौधा घना होगा और ज्यादा फूल देगा।

बीज बनने से रोकें

बीज बनने से रोकें

अपराजिता के पौधे की एक खासियत है कि जैसे ही फूल सूखता है, वह फली बनाना शुरू कर देता है। अगर पौधे पर बीज बनने लगेंगे, तो वह अपनी पूरी ऊर्जा बीज पकाने में लगा देगा और फूल आना कम या बंद हो जाएंगे। इसलिए, जैसे ही फूल सूखे, उसे तुरंत तोड़कर हटा दें। सूखे हुए फूलों और पत्तियों को हटाते रहने से पौधा लगातार नई कलियां बनाता रहता है।

धूप और सही वातावरण

धूप और सही वातावरण

अपराजिता के पौधे को धूप पसंद है। इसे दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलना जरूरी है। अगर आप इसे छाया में रखेंगे, तो सिर्फ पत्तियां बढ़ेंगी और फूल गायब हो जाएंगे। मिट्टी को नम रखें लेकिन जलभराव न होने दें। जब आप फर्टिलाइजर देने वाले हों, तो उससे पहले मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें।

मिट्टी को तैयार करें

मिट्टी को तैयार करें

लिक्विड खाद देने से पहले पौधे की मिट्टी को ठोस पोषण देना जरूरी है। सबसे पहले गमले की मिट्टी की ऊपरी परत की गुड़ाई करें। इसमें दो मुट्ठी वर्मीकंपोस्ट मिलाएं। साथ ही, एक चम्मच प्रोम खाद डालें। यह मिट्टी में फास्फोरस की कमी को पूरा करेगा, जिससे जड़ें मजबूत होंगी और फूलों का आकार बड़ा होगा।

3 चीजों वाला लिक्विड फर्टिलाइजर

3 चीजों वाला लिक्विड फर्टिलाइजर

अब बारी आती है माली के उस फ्री वाले घोल की, जो सोए हुए पौधे को भी फूलों से जगा देगा। एक टब में 5 लीटर पानी लें। इसमें 5 चम्मच इस्तेमाल की हुई चायपत्ती या ताजी चायपत्ती डालें। 5 चम्मच केले के छिलके का पाउडर मिलाएं। 1 चम्मच हल्दी पाउडर डालकर डालकर मिला दें।

फ्री की खाद डालने का तरीका

इस्तेमाल का सही तरीका और समय

इस्तेमाल का सही तरीका और समय

इस तैयार घोल को अच्छी तरह घोलने के बाद हर 15 दिन में एक बार अपने अपराजिता के पौधे की जड़ों में डालें। ध्यान रहे कि खाद हमेशा सुबह के समय या शाम को सूरज ढलने के बाद ही दें। इसे डालने से पहले सुनिश्चित करें कि गमले की मिट्टी थोड़ी सूखी हो ताकि जड़ें इस पोषक तत्व को तुरंत सोख सकें। 2 से 3 बार के इस्तेमाल के बाद ही आप देखेंगे कि पौधा कलियों से भर गया है।डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।

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