बेबी की हरी, भूरी या पीले रंग की पॉटी है नॉर्मल, ये 2 रंग दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना है बेहद जरूरी
अगर आप भी नवजात शिशु की हरी, भूरी या पीले रंग की पॉटी को लेकर चिंतित हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। जन्म के बाद शिशु में अलग-अलग रंग की पॉटी आना आमतौर पर सामान्य होता है और इसमें चिंता की कोई बात नहीं होती। इसलिए पेरेंट्स को बेवजह परेशान होने की जरूरत नहीं है।

शिशु की पॉटी देती है कई संकेत
यूनिसेफ के अनुसार, नवजात शिशु की पॉटी उसके शरीर में पानी की मात्रा, पोषण की स्थिति और पाचन तंत्र के सही तरीके से काम करने का संकेत देता है। इसलिए जब भी शिशु मल त्याग करे, तो पेरेंट्स को इसे एक पॉजिटिव संकेत के रूप में देखना चाहिए। हालांकि, कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है- जैसे मल का रंग कैसा है और शिशु कितनी बार मल त्याग कर रहा है। साथ ही, मल बहुत सख्त है या फिर ज्यादा पतला तो नहीं है।बेबी की पॉटी के रंग से जानें उसकी सेहत का हाल
क्लीवलैंड क्लीनिक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नीचे बेबी की पॉटी के अलग-अलग रंगों और उनके नॉर्मल या असामान्य होने के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही, शिशु का कितनी बार मल त्याग करना सामान्य है और कब नहीं, इसकी जानकारी भी दी गई है, ताकि पेरेंट्स इसे आसानी से समझ सकें।1: हरा-काली पॉटी
जन्म के बाद पहले कुछ दिनों में शिशु का पहला मल, जिसे मेकोनियम कहा जाता है। यह गाढ़ी, चिपचिपी और गहरे हरे या काले रंग की होती है। यह पूरी तरह सामान्य है। यह मल शिशु के शरीर से गर्भ में निगले गए एमनियोटिक द्रव, लैनुगो (बारीक बाल) और बलगम जैसे पदार्थों को बाहर निकालता है। यदि यह मल 48 घंटों के भीतर दिखाई न दे, तो तुरंत पीडियाट्रिशियन को सूचित करना जरूरी है।
2: पीली पॉटी
जन्म के पहले सप्ताह में ब्रेस्टफीड कर रहे शिशुओं को हर 24 घंटे में तीन से चार बार हल्के पीले रंग की, दानेदार और पतली पॉटी आना सामान्य है। ये शिशु हर बार दूध पीने के बाद मल त्याग करते हैं, जबकि कुछ शिशु सप्ताह में केवल एक बार मल करते हैं। ये दोनों ही स्थितियां पूरी तरह सामान्य मानी जाती हैं।
3: गहरी भूरी और तेज गंध वाली पॉटी
फॉर्मूला दूध पीने वाले शिशुओं का मल जन्म से ही थोड़ा गाढ़ा और गहरे रंग की हो सकती है, और यह दिन में एक बार या उससे अधिक बार हो सकता है। आमतौर पर इसका रंग हल्का भूरा होता है, लेकिन कभी-कभी यह पीली या हरा भी दिखाई दे सकती है। इसकी बनावट मूंगफली के पेस्ट जैसी हो सकती है। ऐसे मल को लेकर भी चिंता करने की जरूरत नहीं होती।
4: हरी-भूरे रंग की पॉटी
जब आप बच्चे को सॉलिड फूड देना शुरू किया जाता हैं, तो उसकी पॉटी का रंग बदलना सामान्य है और हरे रंग की पॉटी भी दिखाई दे सकती है। जैसे-जैसे डाइट में नए फूड आइटम शामिल होते हैं, मल का रंग नारंगी, पीला या अन्य शेड्स में भी बदल सकता है। फॉर्मूला मिल्क लेने वाले बच्चों में भी कभी-कभी हरे रंग की पॉटी देखी जा सकती है। इसलिए पेरेंट्स को इसे लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।
5: चमकीली हरी और झागदार पॉटी
अगर शिशु बार-बार स्तन बदलता है, तो उसकी पॉटी कभी-कभी चमकीले हरे रंग की और झागदार हो सकती है, क्योंकि वह कम वसा वाला दूध ज्यादा पी रहा होता है। इसके अलावा, किसी वायरल संक्रमण के कारण भी मल का रंग हरा हो सकता है। ऐसे में यदि शिशु सामान्य व्यवहार नहीं कर रहा है या अस्वस्थ लग रहा है, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
6: लाल पॉटी
शिशु का मल कभी-कभी चुकंदर, कुछ दवाइयां या रंगीन फूड आइटम्स खाने के कारण लाल दिखाई दे सकता है। लेकिन अगर डायपर में अधिक खून दिखाई दें, तो यह मल में रक्त का संकेत हो सकता है, और ऐसी स्थिति में भी एक्सपर्ट को तुरंत दिखाना जरूरी है।
7: काली पॉटी
नवजात शिशुओं में जन्म के पहले कुछ दिनों तक काली पॉटी आना सामान्य होता है। लेकिन अगर शिशु तीन दिन से अधिक उम्र का है और फिर भी मल काला दिखाई दे, तो यह पाचन तंत्र में रक्त की मौजूदगी का संकेत हो सकता है। इस कंडीशन में फौरन डॉक्टर को दिखाएं।
8: सफेद/रंगहीन पॉटी
अगर शिशु का मल सफेद या रंगहीन दिखाई दे, तो यह संकेत हो सकता है कि उसके शरीर में पित्त (bile) का निर्माण ठीक से नहीं हो रहा है। यह लिवर या पित्ताशय से जुड़ी किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है। ये स्थिति भी वह होती है, जब बेबी को फौरन चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए।
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