बच्चे के कम वजन से परेशान हैं? जानें कारण और 13 हेल्दी फूड्स, जो वजन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं
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अगर आप अपने बच्चे के कम वजन को लेकर परेशान हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी यह है कि आप शांत रहें और सही तरीके से बच्चे की डाइट व लाइफस्टाइल पर ध्यान दें। क्योंकि सही डाइट, हेल्दी लाइफस्टाइल और नियमित फिजिकल एक्टिविटी के जरिए बच्चों का वजन सुरक्षित तरीके से बढ़ाया जा सकता है।
बच्चों का सही वजन मेंटेन होना क्यों जरूरी है ? Image- freepik
अक्सर कई पेरेंट्स मुझसे यह चिंता जताते हैं कि उनके बच्चे का वजन कम है और वे इसे कैसे बढ़ाएं। बतौर डाइटिशियन, मैं हमेशा यही सलाह देती हूं कि बच्चे को कभी भी जबरन न खिलाएं, क्योंकि इससे खाने के प्रति नकारात्मक सोच विकसित हो सकती है, जो आगे चलकर उसकी भूख और खाने की आदतों को प्रभावित करती है। इसके बजाय, बच्चों की डेली डाइट में कुछ जरूरी और पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल करें, जैसे साबुत अनाज (चावल और बाजरा)। इसके अलावा मूंगफली, बादाम, काजू और अखरोट जैसे मेवे भी बच्चों के वजन को स्वस्थ तरीके से बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही, नियमित फिजिकल एक्टिविटी भी बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे बच्चों की भूख बढ़ती है, और उनका ओवरऑल विकास भी सही तरीके से होता है।
सही वजन मेंटेन होना जरूरी क्यों है?
बच्चों का सही वजन मेंटेन होना क्यों जरूरी है ? Image- freepik
बच्चों के सही विकास और मजबूत इम्युनिटी के लिए उनका स्वस्थ वजन बनाए रखना बहुत जरूरी है। अक्सर लोग बचपन के मोटापे पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन कम वजन भी उतना ही खतरनाक होता है। इससे शारीरिक और मानसिक विकास में देरी हो सकती है और अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी कमजोर हो जाती है।
वजन कम होने के कारण क्या हैं ?
बच्चों का वजन कम होने के कई कारणहो सकते हैं। मुख्य कारणों में कम कैलोरी लेना, भूख की कमी, अनियमित खान-पान की आदतें और ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी शामिल हैं। इससे बार-बार इंफेक्शन का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ बच्चों में पाचन संबंधी समस्या, कुछ फूड्स से इंटॉलरेंस और हार्मोन से जुड़ी दिक्कतें भी वजन कम होने का कारण बन सकती हैं। साथ ही, तनाव, डेली रूटीन में बदलाव या भावनात्मक कारण भी बच्चे की भूख और खाने की आदतों को प्रभावित कर सकते हैं।
उम्र के अनुसार बच्चों का सही वजन कितना होना चाहिए?
1 साल: 7.5-10 किलोग्राम
2 साल: 9-12.5 किलोग्राम
3 साल: 11-14 किलोग्राम
4 साल: 13 -16 किलोग्राम
5 साल: 14-18 किलोग्राम
6 से 8 साल: 18-25 किलोग्राम
9 से 12 साल: 25- 40 किलोग्राम
कैसे समझें कि बच्चे का वजन कम है?
अगर बच्चा लगातार अपनी उम्र के अनुसार तय वजन से कम रहता है, अपने साथियों की तुलना में बहुत दुबला दिखता है, उसकी एनर्जी कम रहती है या विकास के पड़ावों यानी कि माइलस्टोन्स में देरी दिखाई देती है, तो वह कम वजन का हो सकता है। हालांकि, पेरेंट्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे के वजन का सही आकलन हमेशा उसकी लंबाई, उम्र और ओवरऑल डेवलपमेंट को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए, न कि सिर्फ इन कारकों को देखकर।
वजन बढाने के लिए खाएं ये 13 फूड:
बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए खिलाएं ये 13 फूड (Image- Istock )
बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए कुछ फूड्स को नियमित रूप से उनकी डाइट में शामिल करना बहुत फायदेमंद होता है, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है। ये सभी फूूड आइटम्स न्यूट्रीशन से भरपूर होते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त एनर्जी मिलती है और स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।
दूध
दही
पनीर
अंडे
केला
मूंगफली
बादाम
काजू
अखरोट
साबुत अनाज- चावल और बाजरा
ड्राईफ्रूट्स-खजूर, किशमिश
आलू और शकरकंद
दालें
चिकन और मछली (मांसाहारी बच्चों के लिए)
जंक फूड से बच्चों काे रखें दूर
बच्चे अगर जंक फूड, मीठे स्नैक्स या पैक्ड ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, तो उनका वजन भले ही अस्थायी रूप से बढ़ सकता है, लेकिन इससे शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। इसलिए बच्चों को ऐसी चीजों से दूर रखना चाहिए और हेल्दी डाइट पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, बच्चे को जबरदस्ती न खिलाएं। इससे खाने के प्रति नकारात्मक सोच बन सकती है, जिससे आगे चलकर भूख और खाने की आदतों पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए पेरेंट्स को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।
एक्सरसाइज भी है बेहद अहम
बच्चों के लिए फिजिकल एक्टिविटी भी बहुत जरूरी है क्योंकि बाहर खेलना, खेलकूद, साइकिल चलाना, जैसी बुनियादी एक्सरसाइज करने से भूख बढ़ती है, मांसपेशियों का विकास होता है और मेटाबॉलिक फंक्शन में सुधार होता है। एक स्वस्थ बच्चे के लिए खान-पान की सही आदतें और शारीरिक गतिविधि दोनों जरूरी हैं।
कैसी होनी चाहिए डाइट
माता-पिता इस बात का ध्यान रखें कि बच्चों की डेली डाइट संतुलित होनी चाहिए, जिसमें दिन में तीन मुख्य भोजन और 2–3 हेल्दी स्नैक्स शामिल होने चाहिए। खाने में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट का सही संतुलन होना जरूरी है। हमेशा कोशिश करें कि बच्चे को घर का बना खाना ही दें और उसकी डाइट में मौसमी फल भी शामिल करें। इसके साथ ही, बच्चे को पर्याप्त पानी पिलाएं और पूरी नींद लेने दें, ताकि उसका विकास सही तरीके से हो सके।
कब डॉक्टर को दिखाएं
अगर बच्चे का वजन लगातार कम बढ़ रहा हो, वह बार-बार बीमार पड़ रहा हो, थकान महसूस कर रहा हो, भूख कम लग रही हो या उसका विकास धीमा हो रहा हो, तो माता-पिता को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि ये लक्षण किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं।
पेरेंट्स के लिए जरूरी टिप्स
अंत में, लेकिन बेहद अहम बात यह है कि पेरेंट्स को ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों का हेल्दी तरीके से वजन बढ़ना एक धीमी और पूरी प्रक्रिया है, जो सही पोषण, सक्रिय जीवनशैली और नियमित निगरानी पर निर्भर करती है। इसलिए सही नजरिया और शुरुआती ध्यान देने से अधिकांश बच्चे बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं।
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