Covid New Variant: कई देशों में कोविड-19 के नये वेरिएंट के मामले देखने को मिल रहे हैं। पुराने स्ट्रेन के मुकाबले इसके अंदर कई सारे म्यूटेशन हैं, जिसकी वजह से यह ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। लेकिन डॉक्टर रोहित शर्मा का मानना है कि आपको घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इसकी गंभीरता और लक्षणों में कोई खास चिंता वाली बात नहीं है।

क्या है Cicada BA.3.2 Variant?
पिछले वेरिएंट से कितना अलग है सिकाडा?
BA.1 या BA.5 जैसे ओमिक्रोन के पिछले स्ट्रेन के मुकाबले BA.3.2 में फैलने की क्षमता थोड़ी ज्यादा है। खासकर घनी आबादी और कमजोर इम्यूनिटी वाले क्षेत्रों में यह गंभीर रूप दिखा सकता है। शुरुआती जांच में देखा गया है कि यह वेरिएंट पिछले वेरिएंट के खिलाफ बनी इम्यूनिटी को चकमा देकर वैक्सीन लगवा चुके लोगों को शिकार बना सकता है। लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह ओमिक्रोन के पिछले वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।लेकिन लापरवाही बरतने की गलती ना करें
बेशक कोविड के नये वेरिएंट की गंभीरता कम हो, लेकिन संक्रमित व्यक्तियों की तादाद बढ़ने से हेल्थकेयर सिस्टम पर बोझ पड़ सकता है। खासकर जो लोग पहले से किसी क्रोनिक बीमारी या कमजोर इम्यूनिटी से जूझ रहे हैं, उनके लिए स्थिति खराब हो सकती है। साथ ही संक्रमण की बार-बार लहर आने से आम जन जीवन प्रभावित हो सकता है।
क्या सिकाडा के लक्षण अलग हैं?
अभी तक बीए.3.2 के लक्षण पिछले स्ट्रेन की तरह ही देखे गए हैं। इसके संक्रमण में मरीज को बुखार, गले में सूजन, थकान, खांसी, सिरदर्द और बदन दर्द हो सकता है। कुछ लोगों को नाक बहना, सांस लेने में हल्की तकलीफ या पेट की समस्या भी हो सकती है। हालांकि, इसके नये या बिल्कुल अलग लक्षणों के बारे में अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।कैसे करें BA.3.2 से बचाव?
नये वेरिएंट आने या उनमें म्यूटेशन होने के बावजूद बचाव के तरीके पहले जैसे ही हैं। सबसे मजबूत और पहली डिफेंस लाइन आपकी वैक्सीनेशन है। पुरानी वैक्सीनेशन ही इस नये वेरिएंट के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा प्रदान कर रही है। हाई रिस्क ग्रुप के लोगों में बूस्टर डोज की आवश्यक हो सकती है, ताकि गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की नौबत ना आ सके। इसके साथ भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की सफाई का ध्यान रखना और संक्रमित मरीजों से थोड़ी दूर बनाकर रखना जैसी आसान एहतियात भी बरतें।'सिकाडा' बीए.3.2 वेरिएंट के आने से यह समझा जा सकता है कि कोविड 19 का वायरस अभी भी खुद को ट्रांसफोर्म कर रहा है। लेकिन इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकतर मामले हल्के और मामूली देखे जा रहे हैं और इनके खिलाफ वैक्सीन प्रभावी साबित हो रही है। हालांकि सावधानी, एहतियात और संक्रमण पर निगरानी रखना जरूरी है। समाज में जागरुकता, वक्त पर मेडिकल हेल्प मिलने और जिम्मेदारी निभाने से इस महामारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
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