Cicada BA.3.2: कोविड के नये वेरिएंट के मरीजों की संख्या बढ़ रही, मगर घबराने की जरूरत क्यों नहीं?

 

Covid New Variant: कई देशों में कोविड-19 के नये वेरिएंट के मामले देखने को मिल रहे हैं। पुराने स्ट्रेन के मुकाबले इसके अंदर कई सारे म्यूटेशन हैं, जिसकी वजह से यह ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। लेकिन डॉक्टर रोहित शर्मा का मानना है कि आपको घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इसकी गंभीरता और लक्षणों में कोई खास चिंता वाली बात नहीं है।

covid 19 new variant cicada BA.3.2
कोविड का नया वेरिएंट सिकाडा बीए.3.2 (सांकेतिक तस्वीर)
सिकाडा नाम से कोविड का नया वेरिएंट 20 से ज्यादा देशों में देखने को मिल रहा है। यह ओमिक्रोन की फैमिली से आता है और इसका नाम बीए.3.2 है। इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन एक डॉक्टर के रूप में मैं इससे घबराने की जरूरत नहीं मानता। क्योंकि शुरुआती मामलों में गंभीरता नहीं देखी जा रही है और इसके खिलाफ वैक्सीन प्रभावी है। हालांकि आपके द्वारा सावधानी और कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

क्या है Cicada BA.3.2 Variant?

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कोविड के नये वेरिएंट का नाम (सांकेतिक तस्वीर)
बीए.3.2 को पुराने ओमिक्रोन के सबवेरिएंट का वंशज माना जा रहा है। जिसमें प्राकृतिक रूप से कुछ म्यूटेशन हो चुका है। पिछले वेरिएंट्स की तरह ही इसके प्रोटीन स्पाइक में भी कुछ बदलाव आया है। प्रोटीन स्पाइक वायरस का वो हिस्सा होता है, जो उसे इंसानों की सेल्स में घुसने में मदद करता है। इन म्यूटेशन की वजह से यह वायरस ज्यादा संक्रामक देखा जा रहा है और पिछले संक्रमण के खिलाफ बनी इम्यूनिटी या वैक्सीन को चकमा देकर शिकार बनाने में सक्षम माना जा रहा है। अभी तक वैश्विक स्तर पर इसे खतरनाक या चिंता का विषय नहीं माना गया है, हालांकि इसके ऊपर लगातार नजर बनाए रखने की आवश्यकता है।

पिछले वेरिएंट से कितना अलग है सिकाडा?

BA.1 या BA.5 जैसे ओमिक्रोन के पिछले स्ट्रेन के मुकाबले BA.3.2 में फैलने की क्षमता थोड़ी ज्यादा है। खासकर घनी आबादी और कमजोर इम्यूनिटी वाले क्षेत्रों में यह गंभीर रूप दिखा सकता है। शुरुआती जांच में देखा गया है कि यह वेरिएंट पिछले वेरिएंट के खिलाफ बनी इम्यूनिटी को चकमा देकर वैक्सीन लगवा चुके लोगों को शिकार बना सकता है। लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह ओमिक्रोन के पिछले वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

लेकिन लापरवाही बरतने की गलती ना करें

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लापरवाही ना बरतें (सांकेतिक तस्वीर)


बेशक कोविड के नये वेरिएंट की गंभीरता कम हो, लेकिन संक्रमित व्यक्तियों की तादाद बढ़ने से हेल्थकेयर सिस्टम पर बोझ पड़ सकता है। खासकर जो लोग पहले से किसी क्रोनिक बीमारी या कमजोर इम्यूनिटी से जूझ रहे हैं, उनके लिए स्थिति खराब हो सकती है। साथ ही संक्रमण की बार-बार लहर आने से आम जन जीवन प्रभावित हो सकता है।

क्या सिकाडा के लक्षण अलग हैं?

अभी तक बीए.3.2 के लक्षण पिछले स्ट्रेन की तरह ही देखे गए हैं। इसके संक्रमण में मरीज को बुखार, गले में सूजन, थकान, खांसी, सिरदर्द और बदन दर्द हो सकता है। कुछ लोगों को नाक बहना, सांस लेने में हल्की तकलीफ या पेट की समस्या भी हो सकती है। हालांकि, इसके नये या बिल्कुल अलग लक्षणों के बारे में अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।

कैसे करें BA.3.2 से बचाव?

नये वेरिएंट आने या उनमें म्यूटेशन होने के बावजूद बचाव के तरीके पहले जैसे ही हैं। सबसे मजबूत और पहली डिफेंस लाइन आपकी वैक्सीनेशन है। पुरानी वैक्सीनेशन ही इस नये वेरिएंट के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा प्रदान कर रही है। हाई रिस्क ग्रुप के लोगों में बूस्टर डोज की आवश्यक हो सकती है, ताकि गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की नौबत ना आ सके। इसके साथ भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की सफाई का ध्यान रखना और संक्रमित मरीजों से थोड़ी दूर बनाकर रखना जैसी आसान एहतियात भी बरतें।

'सिकाडा' बीए.3.2 वेरिएंट के आने से यह समझा जा सकता है कि कोविड 19 का वायरस अभी भी खुद को ट्रांसफोर्म कर रहा है। लेकिन इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकतर मामले हल्के और मामूली देखे जा रहे हैं और इनके खिलाफ वैक्सीन प्रभावी साबित हो रही है। हालांकि सावधानी, एहतियात और संक्रमण पर निगरानी रखना जरूरी है। समाज में जागरुकता, वक्त पर मेडिकल हेल्प मिलने और जिम्मेदारी निभाने से इस महामारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।

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