राजस्थानी दही मिर्ची कैसे बनाते हैं? दीपिका कुंडलवाल ने सबसे आासान तरीका, खाली में बढ़ जाएगा शाही स्वाद
राजस्थान का खाना अपनी चटक और तीखे स्वाद के लिए दुनिया भर में मशहूर है। अक्सर घरों में सब्जी के साथ कुछ एक्स्ट्रा तीखा खाने का मन करता है, जिसके लिए राजस्थानी दही मिर्ची एक बेहतरीन ऑप्शन है। कुकिंग एक्सपर्ट दीपिका कुंडलवाल ने इस पारंपरिक डिश को बनाने का एक ऐसा तरीका शेयर किया है।

इस रेसिपी की खासियत है कि इसमें मिर्च को काटकर नहीं, बल्कि दरदरा पीसकर तैयार किया जाता है, जिससे मसालों का स्वाद अंदर तक समा जाता है। दही का इस्तेमाल मिर्च के तीखेपन को कम कर उसे एक मखमली और खट्टा स्वाद देता है। सरसों के तेल, सौंफ और हींग की खुशबू से तैयार यह डिश किसी भी सादे खाने के स्वाद को शाही बना सकती है।
हरी मिर्च का सही चुनाव और तैयारी
इस रेसिपी के लिए सबसे पहले 250 ग्राम ताजी हरी मिर्च लें। ध्यान रहे कि मिर्च ज्यादा तीखी न हो, तो स्वाद ज्यादा उभर कर आता है। मिर्चों को अच्छी तरह धोकर सुखा लें और उनके डंठल अलग कर दें। अब मिर्च को काटने के बजाय एक चॉपर में डालकर दरदरा पीस लें। दरदरा पीसने से मिर्च का टेक्सचर बहुत अच्छा आता है और वह मसालों के साथ अच्छी तरह घुलमिल जाती है।
सरसों के तेल का तड़का
राजस्थानी खान-पान में सरसों के तेल की अलग पहचान है। एक पैन में सरसों का तेल गर्म करें। जब तेल से धुआं निकलने लगे, तब इसमें राई, सौंफ और जीरा डालें। सौंफ इस डिश को एक मीठी खुशबू और ठंडक देती है, जो मिर्च के तीखेपन को संतुलित करती है। आखिर में एक चुटकी हींग जरूर डालें, जो स्वाद और हाजमे दोनों के लिए बेहतरीन है।
मिर्च की भुनाई और खुशबू
तड़का तैयार होते ही इसमें चॉपर से दरदरी पीसी हुई हरी मिर्च डाल दें। मिर्च को मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि उसका कच्चापन निकल न जाए और वह हल्की नरम न हो जाए। ध्यान रहे कि मिर्च को बहुत ज्यादा नहीं गलाना है, उसमें थोड़ा क्रंच बना रहना चाहिए। भुनाई के दौरान आने वाली हींग और सौंफ की महक ही भूख बढ़ा देती है।
सूखे मसालों का कॉम्बिनेशन
जब मिर्च हल्की पक जाए, तब इसमें बेसिक सूखे मसाले डालें। इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर मिलाएं। अब स्वादानुसार नमक डालें। इन मसालों को मिर्च के साथ 1-2 मिनट तक चलाएं ताकि मसालों का कच्चापन खत्म हो जाए और वे मिर्च पर अच्छी तरह लिपट जाएं।
दही से मिलेगा क्रीमी टेक्सचर
अब आधा कप ताजा और फेंटा हुआ दही पैन में डालें। दही डालते समय गैस की आंच बिल्कुल धीमी रखें या बंद कर दें ताकि दही फटे नहीं। दही डालने के बाद इसे लगातार चलाएं। दही मिर्च के तीखेपन को कम करके उसे एक क्रीमी और खट्टा स्वाद देता है, जो इस डिश की असली जान है।
राजस्थानी हरी मिर्च बनाने का तरीका
फाइनल टच और सर्विंग
दही डालने के बाद इसे 2 से 3 मिनट तक तब तक पकाएं जब तक कि दही का पानी सूख न जाए और मसाले तेल न छोड़ने लगें। जैसे ही तेल ऊपर तैरने लगे, समझ जाइए कि आपकी राजस्थानी दही मिर्च तैयार है। इसे आप रोटी, परांठे या दाल-चावल के साथ एक साइड डिश की तरह सर्व कर सकते हैं। यह फ्रिज में रखकर 3-4 दिनों तक आराम से खाई जा सकती है।
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