बुखार चढ़ाने वाली 5 मच्छर जनित बीमारी, क्या आप जानते हैं कब लेनी चाहिए पेरासिटामोल की गोली?

 

5 Common Mosquito Borne Disease: मच्छरों के काटने से होने वाली डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि 5 बीमारियों में बुखार सबसे आम लक्षण देखा जाता है, जिसे नजरअंदाज करने पर स्थिति बिगड़ सकती है। कुछ लोग बुखार उतारने के लिए पेरासिटामोल की गोली का सेवन कर लेते हैं। लेकिन आपको यह पता होना चाहिए कि यह दवा कब लेनी है।

fever in mosquito borne disease
मच्छरों से होने वाली बीमारी का बुखार (सांकेतिक तस्वीर)
मच्छरों के काटने से कई सारी बीमारियां होती हैं, जिनमें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका वायरस और फाइलेरिया प्रमुख नाम हैं। गर्मी के मौसम में हमारे पास इन बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ती जाती है। दूसरे अस्पतालों या मेरे पास आने वाले अधिकतर मरीजों में सबसे प्रमुख और आम लक्षण बुखार देखा जाता है। बुखार आते ही लोग पेरासिटामोल की गोली ले लेते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि बुखार आने पर पेरासिटामोल तभी लेनी चाहिए, जब डॉक्टर इसकी सलाह दे।

मच्छरों से होने वाली बीमारियां आम लग सकती हैं, लेकिन कई बार गंभीर और खतरनाक रूप दिखा सकती हैं। इलाज में देरी होने और कमजोर इम्यून सिस्टम के लोगों में ये बीमारियां जानलेवा भी साबित हो सकती हैं। इसलिए मच्छरों से होने वाली बीमारियों के बारे में सही जानकारी होना और समय पर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।

मच्छरों से फैलने वाली 5 बीमारियां

mosquito dengue
मच्छर से होने वाली बीमारी (सांकेतिक तस्वीर)


  1. डेंगू -यह एडीज मच्छर से फैलता है और इसकी वजह से तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में दर्द और प्लेटलेट्स में गिरावट देखी जाती है।
  2. मलेरिया -गर्मी के मौसम में मलेरिया का खतरा ज्यादा होता है, जो एनाफिलीज मच्छर से फैलता है और इसकी वजह से बुखार में ठंड लगना और पसीना आने की समस्या देखी जाती है।
  3. चिकनगुनिया -इस बीमारी में तेज बुखार के साथ जोड़ों में गंभीर दर्द होता है और यह दर्द कई हफ्तों तक परेशान करता रहता है।
  4. जीका वायरस -आमतौर पर इस बीमारी का रूप हल्का देखा जाता है, लेकिन यह गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम भरी हो सकती है।
  5. फाइलेरिया -मच्छरों से होने वाली यह बीमारी लंबे समय तक रहने पर शरीर के अंग, खासकर पैरों में सूजन पैदा कर देती है।


मच्छर जनित बीमारियों के लक्षण

मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के लक्षण अक्सर एक जैसे देखे जाते हैं। इनके अंदर तेज या बार-बार बुखार आने की समस्या होती है, सिरदर्द-बदन दर्द, उल्टी या मतली, रैशेज (त्वचा पर लाल चकत्ते), जोड़ों में दर्द, कमजोरी और लगातार थकान रहना जैसी दिक्कतें होती हैं। कई मामलों में यह लक्षण शुरुआत में सामान्य वायरल जैसे लगते हैं, लेकिन अगर ये 2-3 दिन से ज्यादा समय तक बने रहें या गंभीर होते जाएं तो इन्हें नजरअंदाज बिल्कुल ना करें। समय पर डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।

अगर किसी मरीज को 102°F से ज्यादा तेज बुखार हो, लगातार उल्टी आ रही हो, सांस लेने में दिक्कत हो, नाक या मसूड़ों से खून आ रहा हो, बहुत ज्यादा कमजोरी हो रही हो, बेहोशी हो या फिर मरीज बुजुर्ग या बच्चा हो तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर को दिखाने में बिल्कुल भी देरी ना करें। लापरवाही करने पर स्थिति बिगड़ सकती है।

ये बीमारियां कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं?

back and joint pain
कमर व जोड़ों में दर्द (सांकेतिक तस्वीर)


शुरुआत में हल्के लक्षणों की वजह से कई लोग मच्छरों से होने वाली बीमारियों को हल्के में ले लेते हैं। लेकिन यह आदत बिल्कुल ठीक नहीं है और डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां कभी भी खतरनाक बन सकती हैं।

  • डेंगू में प्लेटलेट्स तेजी से गिरती हैं और खून बहने का खतरा बढ़ जाता है।
  • मलेरिया में इलाज मिलने में देरी होने पर दिमाग को नुकसान पहुंच सकता है और सेरेब्रल मलेरिया जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
  • चिकनगुनिया में जोड़ों का दर्द लंबे समय तक बना रहता है, जिससे रोजाना की जिंदगी तकलीफदायक हो सकती है।
  • बच्चों, बुजुर्गों और कमजोरी इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए ये बीमारियां जानलेवा भी साबित हो सकती हैं, इसलिए समय पर जांच और इलाज करवा लेना चाहिए।


इन बीमारियों में घर पर क्या करें?

डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि के हल्के लक्षण दिखने पर कुछ सावधानियां घर पर बरती जा सकती हैं, जैसे-

  1. ज्यादा से ज्यादा पानी और फ्लूइड (नारियल पानी, सूप आदि) लें।
  2. जल्दी रिकवरी के लिए पर्याप्त आराम करें।
  3. बुखार में केवल डॉक्टर की सलाह पर पेरासिटामोल लें।
  4. हल्का और पौष्टिक खाना खाएं।
  5. डेंगू का शक होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकिलर दवा ना लें।
मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बचाव करना सबसे जरूरी है। घर के आसपास पानी जमा ना होने दें। कूलर, गमले या टायर साफ रखें और इन्हें खुले में ना रखें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें और पूरी तरह हाथ-पैर ढकने वाले कपड़े पहनें। अगर बुखार लंबे समय तक बना रहे, सांस लेने में दिक्कत हो, कमजोरी महसूस हो, ब्लीडिंग हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इलाज करवाएं।

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