चिनाई के बाद लाल ईंट पर क्यों दिखता है नमक या सफेद परत? मजबूत बनेगा घर

 

अक्सर नए घरों की लाल ईंटों पर सफेद रंग की नमक जैसी परत जम जाती है, जिसे तकनीकी भाषा में फ्लोरेसेंस या शोरा कहा जाता है। सिविल इंजीनियर विशाल मिश्रा ने इस सफेद परत का कारण और बचाव बताया है ताकि आपके सपनों के घर की मजबूती को नुकसान ना हो।

Why does wall leave white salt after brick work
घर की चिनाई या प्लास्टर के कुछ समय बाद दीवारों पर सफेद पाउडर का दिखना एक कॉमन लेकिन गंभीर समस्या है। इसे ग्रामीण भाषा में शोरा लगना कहा जाता है, जबकि तकनीकी नाम फ्लोरेसेंस है। इंजीनियर विशाल मिश्रा के मुताबिक, इसके पीछे का मुख्य वैज्ञानिक कारण पानी में मौजूद क्षारीयता है।


इंजीनियर विशाल मिश्रा के अनुसार, इसका असली कारण पानी की खराब क्वालिटी है। अगर निर्माण के दौरान इस्तेमाल होने वाले पानी में नमक की मात्रा ज्यादा है या उसका पीएच मान 8 से ऊपर है, तो दीवारें सूखने पर नमक छोड़ने लगती हैं। यह सफेद परत धीरे-धीरे ईंटों के कणों को कमजोर कर देता है, जिससे प्लास्टर झड़ने लगता है और पेंट खराब हो जाता है। घर को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के लिए यह समझना जरूरी है कि शोरा क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

शोरा या फ्लोरेसेंस क्या है?

शोरा या  फ्लोरेसेंस क्या है?

जब ईंटों या सीमेंट के अंदर का नमक नमी के साथ बाहर आता है और पानी सूखने पर सफेद पाउडर बनकर जम जाता है, तो उसे शोरा कहते हैं। सिविल इंजीनियरिंग में इसे फ्लोरेसेंस कहा जाता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे पसीने के सूखने पर कपड़ों पर सफेद दाग पड़ जाते हैं।

पानी की जांच है सबसे जरूरी

पानी की जांच है सबसे जरूरी

इंजीनियर के अनुसार, घर बनाते समय कभी भी खारे पानी का उपयोग न करें। पानी का पीएच मान 8 से कम होना चाहिए। हमेशा पीने लायक मीठे पानी से ही मसाला बनाएं और दीवारों की तराई करें। अगर पानी का पीएच मान 8 से अधिक है, तो शोरा लगने की संभावना 90% बढ़ जाती है। ईंट भट्टों पर अगर खारे पानी का उपयोग किया गया है, तो वे ईंटें हमेशा नमक छोड़ती रहेंगी

शोरा लगने के नुकसान

शोरा लगने के नुकसान
  • मजबूती में कमी- शोरा ईंटों को अंदर से भुरभुरा कर देता है, जिसकी वजह से कमजोर हो जाती हैं।
  • प्लास्टर और पेंट का झड़ना- यह परत प्लास्टर और ईंट के बीच की पकड़ को खत्म कर देती है, जिससे महंगा पेंट और पुट्टी पपड़ी बनकर गिरने लगती है।
  • सीलन की समस्या- नमक वातावरण से नमी सोखता है, जिससे दीवारें हमेशा गीली महसूस होती हैं और घर में सीलन भरी गंध आने लगती है।

निर्माण के दौरान बचाव के तरीके

निर्माण के दौरान बचाव के तरीके

पानी की जांच: इस्तेमाल होने वाले पानी का टेस्ट कराएं, पीएच 6 से 8 के बीच होना चाहिए।
ईंटों की गुणवत्ता- लाल ईंट खरीदते समय ध्यान दें कि अच्छी तरह पकी हो। कच्ची ईंटें ज्यादा नमी सोखती हैं और उनमें नमक की मात्रा ज्यादा होती है।​
ब्रिक बैटिंग: चिनाई से पहले ईंटों को अच्छी तरह मीठे पानी से धो लें ताकि सतही नमक निकल जाए।

दीवार से शोरा हटाने का उपाय

दीवार से शोरा हटाने का उपाय

अगर दीवार पर शोरा दिख रहा है, तो उसे तुरंत ठीक करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले सूखे तार वाले ब्रश से सफेद पाउडर को रगड़कर साफ करें। पानी में हल्का हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाकर दीवार को धोएं। हालांकि यह काम किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ज्यादा सही होगा। इसके अलावा बाजार में कई तरह के लिक्विड मिलते हैं जिन्हें प्लास्टर से पहले लगाने पर शोरा बाहर नहीं आता।

शोरा लगने का कारण और बचाव

वाटरप्रूफिंग और मजबूती

वाटरप्रूफिंग और मजबूती

​दीवार को मजबूत बनाने के लिए प्लास्टर के समय अच्छे वाटरप्रूफिंग कंपाउंड का इस्तेमाल करें। चिनाई के बाद दीवार की तराई के लिए भी साफ पानी का ही उपयोग करें। घर की नींव बनाते समय डीपीसी जरूर करवाएं ताकि जमीन की नमी दीवारों तक न पहुंचे। प्लास्टर करवाते समय सीमेंट में अच्छी कंपनी का वॉटरप्रूफिंग लिक्विड मिलाने से भी शोरे का खतरा काफी कम हो जाता है।

Comments

Popular posts from this blog

फेयरनेस क्रीमें मलने से नहीं हुआ फायदा! रोजाना खाएं 5 में से कोई भी एक चीज, रंगत सुधरेगी और दिखेगा नेचुरल ग्लो

शकरकंद समेत रोजाना खाओ ये 4 चीज, रूखी-बेजान त्वचा में लौटेगी जान, नूर ऐसा कि लोग पूछेंगे 'निखरी त्वचा का राज'

Huawei Maextro S800: इस चाइनीज कार ने की सबकी बोलती बंद, लग्जरी सेगमेंट में मर्सिडीज-बीएमडब्ल्यू समेत सारे फेल