यूं तो महिलाओं को हमेशा ब्रा पहनने की सलाह दी जाती है, लेकिन डिलीवरी के बाद इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। डॉ. मसूद के अनुसार, इस दौरान ब्रेस्ट भारी हो जाते हैं, इसलिए उन्हें उचित सपोर्ट की जरूरत होती है। सही फिटिंग की ब्रा हैवी ब्रेस्ट्स की वजह से लिगामेंट्स और मांसपेशियों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद करती है, जिससे कंधों, गर्दन और पीठ के दर्द से राहत मिल सकती है।

डिलीवरी के बाद ब्रा पहननी चाहिए ?
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. समरा मसूद बताती हैं कि हाल ही में उनके पास एक नई मां आई थीं। उनका सवाल था कि डिलीवरी के बाद ब्रा पहननी चाहिए या नहीं। महिला ने बताया कि उनके ब्रेस्ट में काफी दर्द हो रहा है। साथ ही, उनके घर वालों का मानना था कि टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट ढीले नहीं पड़ते और न ही लटकते हैं। क्या वाकई ऐसा होता है।
डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट हो जाते हैं हैवी
वह आगे बताती हैं कि डिलीवरी के बाद महिलाओं के ब्रेस्ट भारी हो जाते हैं और मिल्क की वजह से फुल होते हैं, क्योंकि अब उन्हें बच्चे को ब्रेस्टफीड कराना होता है। इस दौरान ऑक्सीटोसिन का स्तर भी बढ़ जाता है। ऐसे में ब्रेस्ट का आकार और वजन बढ़ने की वजह से उन्हें सही सपोर्ट की जरूरत होती है। इसलिए डिलीवरी के बाद ब्रा पहनना जरूरी माना जाता है। Imag-pexels
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ब्रा पर निर्भर नहीं करता है मिल्क प्रोडक्शन
ब्रा पहनने या न पहनने का ब्रेस्ट मिल्क की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ता। ब्रेस्ट मिल्क की मात्रा हमेशा बच्चे की डिमांड पर निर्भर करती है। बच्चा जितना ज्यादा मां की छाती से लगा रहेगा और जितना ज्यादा दूध पिएगा, उतना ही ज्यादा ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन होगा।
ब्रा नहीं पहनने से हो सकता है दर्द
डॉ. मसूद अंत में कहती हैं कि अगर आप ब्रा नहीं पहनेंगी, तो हैवी ब्रेस्ट्स का वजन आपके लिगामेंट्स और मांसपेशियों पर दबाव डालेगा। इसकी वजह से कंधों, गर्दन और पीठ में दर्द की समस्या हो सकती है। इसीलिए इस बात का ध्यान रखें।
टाइट ब्रा पहनने के होते हैं नुकसान
बहुत टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट के नीचे की त्वचा में फंगल इंफेक्शन और स्किन इरिटेशन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस दौरान सही साइज की ब्रा चुनें, कॉटन फैब्रिक को प्राथमिकता दें। साथ ही कोशिश करें कि नर्सिंग ब्रा पहनें।
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