'गुलाब में खिलेंगे ढेरों फूल...साइज भी होगा बड़ा' फेंकने वाली चीज को सुखाकर डालें, कविता की बगिया से मिला तरीका
अगर सर्दियों के मौसम में भी गुलाब अपनी पूरी चमक बिखेर पा रहा है, मेहनत के बाद भी फूलों का साइज छोटा रह जाता है। तो एक फ्री की खाद के बारे में जान लीजिए। फेंकने वाली चीज को सूखाकर फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए कविता की बगिया से कमाल की ट्रिक मिली है जो आपके बहुत काम आएगी।

लेकिन, लोग शिकायत करते हैं कि उनके गुलाब के पौधे में कलियां नहीं आ रही हैं या फूलों का साइज बहुत छोटा है। हालांकि इसकी वजह पोषण की कमी है। यूट्यूब पर'कविता की बगिया' के नाम से मशहूर गार्डनिंग एक्सपर्ट ने एक ऐसा जादुई तरीका शेयर किया है, जिससे बगीचा गुलाबों से महक उठेगा। एक फ्री की खाद फूलों की संख्या बढ़ाने का काम करेगी।
केले के छिलकों का पाउडर
केले के छिलके पोटेशियम का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत हैं। गुलाब के पौधे को फूल उगाने के लिए पोटेशियम और फास्फोरस की भारी मात्रा में जरूरत होती है। तो केले खाने के बाद उनके छिलकों को फेंकें नहीं बल्कि उन्हें 2-3 दिन तक कड़ी धूप में सुखा लें जब तक कि काले और कड़क न हो जाएं। अब इन्हें मिक्सी में पीसकर बारीक पाउडर बना लें।
महीने में एक बार दो चम्मच पाउडर गमले की मिट्टी में मिलाएं। इससे फूलों का साइज दोगुना हो जाएगा और रंग भी बेहद गहरा आएगा। आप चाहें तो सूखे छिलकों को सीखा मिट्टी में दबा सकते हैं।
सही प्रूनिंग है जरूरी
सर्दियों की शुरुआत में गुलाब के पौधे की लाइट प्रूनिंग करना बहुत फायदेमंद होता है। सूखी हुई टहनियों और पीले पत्तों को काट कर हटा दें। हमेशा 45 डिग्री के कोण पर कट लगाएं। इससे नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं। जितनी ज्यादा नई टहनियां होंगी, फूलों की संख्या उतनी ही अधिक होगी। ध्यान रहे कि कटिंग के बाद कटे हुए हिस्से पर थोड़ा सा हल्दी पाउडर या फंगीसाइड जरूर लगाएं ताकि फंगस न लगे।
धूप का सही प्रबंधन
गुलाब का पौधा धूप को पसंद करता है। सर्दियों में सूरज की रोशनी कम हो जाती है, इसलिए पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे दिन की कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिले। अगर पौधा छाया में रहेगा, तो उसमें केवल पत्तियां बढ़ेंगी, फूल नहीं। अच्छी धूप मिलने से फोटोसिंथेसिस की प्रोसेस तेज होती है, जो पौधे को मजबूती देती है।
पानी देने का सही नियम
सर्दियों में अक्सर लोग ज्यादा पानी डाल देते हैं, जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं। गुलाब की मिट्टी हमेशा 'नम' होनी चाहिए, न कि 'गीली'। मिट्टी को छूकर देखें, अगर ऊपरी सतह सूखी लगे तभी पानी दें। हमेशा सुबह के समय पानी देना सबसे अच्छा होता है। शाम को पानी देने से पत्तों पर नमी बनी रहती है, जिससे पाउडर जैसी फफूंद लगने का डर रहता है।
कविता की बगिया की टिप्स
गुड़ाई और मिट्टी की स्वच्छता
गुलाब की जड़ों को हवा मिलना बहुत जरूरी है। हफ्ते में एक बार किसी खुरपी की मदद से गमले की मिट्टी की 1-2 इंच गहरी गुड़ाई जरूर करें। गुड़ाई करते समय ध्यान रखें कि मुख्य जड़ को नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा, गमले में गिरे हुए सूखे पत्तों या फूलों को हटाते रहें। मिट्टी साफ रखने से सर्दियों में लगने वाले कीड़ों और फंगस का खतरा कम हो जाता है।
चाय पत्ती और सरसों खली का मेल
केले के छिलके के साथ-साथ गुलाब को एसिडिक मिट्टी पसंद होती है। इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती को धोकर और सुखाकर मिट्टी में डालने से नाइट्रोजन मिलता है। साथ ही, सर्दियों में सरसों की खली को पानी में भिगोकर उसका लिक्विड फर्टिलाइजर बनाकर 15 दिन में एक बार डालें। यह खाद पौधे को गर्माहट देती है और कड़ाके की ठंड में भी उसे फूलों से लद देती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं
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