अक्सर गुड़हल, मोगरा और गेंदे के पौधों की पत्तियां हरी-भरी रहती हैं, लेकिन उनमें कलियां नहीं आतीं या फूल बहुत छोटे आते हैं। इसके लिए लोग महंगे खाद और केमिकल फर्टिलाइजर का सहारा लेते हैं, जबकि समाधान किचन या पास की दुकान में मात्र 5 रुपये में छिपा है। गार्डनिंग एक्सपर्ट ने सफेद टुकड़े का सही इस्तेमाल पौधों के लिए करने का तरीका बताया है।

फिटकरी न केवल मिट्टी के पीएच लेवल को सुधारती है, बल्कि रुकी हुई ग्रोथ को भी तेजी से बढ़ाती है। गुड़हल, मोगरा और गेंदे जैसे पौधों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। इस जादुई घोल का सही इस्तेमाल आपके गार्डन को फूलों से इतना भर देगा कि कलियां गिनना भी मुश्किल हो जाएगा। जो घोल बनाने और उसका इस्तेमाल करने का तरीका जान लीजिए।
मिट्टी की प्रकृति में सुधार
ज्यादातर फूलों वाले पौधे, जैसे कि गुड़हल, गुलाब और मोगरा, हल्की एसिडिक मिट्टी में सबसे अच्छी तरह पनपते हैं। समय के साथ, लगातार पानी देने और केमिकल खादों के उपयोग से गमले की मिट्टी क्षारीय हो जाती है। जब मिट्टी क्षारीय होती है, तो पौधा पोषक तत्वों को सोखना बंद कर देता है, भले ही कितनी भी खाद डालें। फिटकरी मिट्टी के pH लेवल को तुरंत बैलेंस करती है, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है और पौधा फिर से सांस लेने लगता है।
घोल तैयार करने की सही तरीका
माली के नुस्खे को तैयार करना बेहद आसान है। आपको मात्र 10 ग्राम फिटकरी का टुकड़ा चाहिए। इसे कूटकर नमक की तरह बारीक पाउडर बना लें। बारीक पीसना इसलिए जरूरी है ताकि पानी में आसानी से घुल सके। अब 5 लीटर साफ पानी लें और उसमें यह पाउडर मिला दें। ध्यान रहे कि अनुपात का सही होना बहुत जरूरी है। बहुत ज्यादा फिटकरी पौधों को नुकसान भी पहुंचा सकती है।
'10 मिनट' का गोल्डन नियम
इस नुस्खे की सबसे महत्वपूर्ण बात थोड़ा इंतजार करना है। फिटकरी को पानी में घोलने के बाद 10 मिनट के लिए स्थिर छोड़ दें। इस दौरान फिटकरी के अणु पानी के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं और पानी को पूरी तरह 'कंडीशन' कर देते हैं। इस घोल में अपनी तरफ से कुछ भी और मिलाने की जरूरत नहीं है।
किन पौधों के लिए है वरदान
वैसे तो यह घोल सभी प्रकार के भारी फ्लावरिंग वाले पौधों के लिए रामबाण है।
- गुड़हल- इसमें कलियों के झड़ने की समस्या खत्म हो जाती है।
- मोगरा-इसकी खुशबू और फूलों का आकार बढ़ जाता है।
- गेंदा- गेंदे के पौधों में इससे अनगिनत शाखाएं और कलियां आती हैं।
- गुलाब- गुलाब की नई कोपलें निकलने में मदद मिलती है।
- इसे इंडोर प्लांट्स में डालने से बचें, मुख्य रूप से बाहरी फूलों वाले पौधों के लिए है।
फिटकरी क्यों आएगी काम
उपयोग की सावधानी और फ्रीक्वेंसी
किसी भी अच्छी चीज की अति नुकसानदेह हो सकती है। फिटकरी का पानी आपको महीने में केवल एक बार ही इस्तेमाल करना चाहिए। हमेशा शाम के समय या सुबह जल्दी डालें जब धूप तेज न हो। जड़ों के पास की मिट्टी को हल्का गुड़ाई करके इस पानी को डालें। नियमित अंतराल पर सही मात्रा में उपयोग करते हैं, तो 15-20 दिनों के भीतर पूरा पौधा फूलों से लद जाएगा और कलियों को गिनना मुश्किल हो जाएगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं।
Comments
Post a Comment