सूखेगा नहीं कड़ी पत्ता का पौधा, गहरी हरी पत्तियों से होगा घना, छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान, डालें फ्री की खाद
कड़ी पत्ता को लेकर अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनका पौधा सूख रहा है या उसकी पत्तियां पीली पड़ रही हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपका कड़ी पत्ता का पौधा कभी न सूखे और गहरी हरी पत्तियों से लदा रहे, तो 6 आसान टिप्स जान लीजिए।

इस मौसम में ओवर-वॉटरिंग और कोहरा इसके सबसे बड़े दुश्मन हैं। आप चाहते हैं कि कड़ाके की ठंड में भी आपका पौधा सुरक्षित रहे और आने वाले वसंत में फिर से तेजी से पनपे, तो बागवानी के तरीके में थोड़े बदलाव करने होंगे। छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होगा और कुछ जरूरी चीजें डालनी होंगी।
ज्यादा से ज्यादा धूप दिखाएं
सर्दियों में धूप कम समय के लिए निकलती है। अपने पौधे को बगीचे या बालकनी के उस कोने में शिफ्ट करें जहां पूरे दिन की कड़ी धूप आती हो। अगर रात में बहुत ज्यादा ओस या कोहरा गिरता है, तो रात के समय पौधे को किसी शेड के नीचे रखें या पतले सूती कपड़े से ढक दें, ताकि इसकी कोमल पत्तियां पाले से न झुलसें।
पानी देने में सावधानी
ठंड के मौसम में मिट्टी की नमी जल्दी नहीं सूखती। इस समय सबसे ज्यादा पौधे 'रूट रॉट' यानी कि जड़ सड़ने की वजह से मरते हैं। मिट्टी को चेक करें, जब तक ऊपरी 2-3 इंच की मिट्टी पूरी तरह सूखी न दिखे, पानी न दें। हफ्ते में एक या दो बार पानी देना पर्याप्त होता है। ध्यान रखें कि पानी शाम के बजाय सुबह के समय दें।
गुड़ाई और मल्चिंग
सर्दियों में महीने में दो बार गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें। इससे जड़ों तक हवा पहुंचती है। इसके बाद, मिट्टी की ऊपरी सतह पर सूखे पत्तों या धान की भूसी की एक परत बिछा दें। यह परत एक कंबल की तरह काम करती है और मिट्टी के तापमान को स्थिर रखती है, जिससे जड़ें ठंड से बची रहती हैं।
सर्दियों की 'फ्री खाद' और उसका तरीका
सर्दियों में पौधे को भारी खाद की जरूरत नहीं होती, लेकिन मिट्टी को गर्म रखने के लिए आप 'सरसों की खली' का लिक्विड फर्टिलाइजर महीने में एक बार दे सकते हैं। इसके अलावा, रसोई से निकलने वाली खट्टी छाछ का इस्तेमाल जारी रखें। छाछ न केवल कैल्शियम देती है, बल्कि मिट्टी के सूक्ष्मजीवों को एक्टिव रखती है, जिससे जड़ों के आसपास गर्माहट बनी रहती है।
प्रूनिंग से बचें
गर्मी के विपरीत, सर्दियों में कड़ी पत्ता की भारी कटाई-छंटाई बिल्कुल न करें। इस समय पौधा खुद को बचाने की स्थिति में होता है, और कटाई करने से तनाव में आकर सूख सकता है। अगर कोई टहनी पूरी तरह सूख गई हो, तो केवल उसे ही हटाएं। गहरी प्रूनिंग के लिए फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत का इंतजार करें।
स्प्रे और स्वच्छता
सर्दियों में कीड़े कम लगते हैं लेकिन फंगस का खतरा बढ़ जाता है। पत्तियों पर धूल जमने से फोटोसिंथेसिस की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसलिए, महीने में एक बार गुनगुने पानी में चुटकी भर हल्दी मिलाकर पत्तियों पर स्प्रे करें। हल्दी एक बेहतरीन एंटी-फंगल है जो पौधे को बीमारियों से बचाती है और पत्तियों की चमक बरकरार रखती है।
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