ढेरों मिर्च उगाने का गार्डनिंग एक्सपर्ट ने बताया आसान तरीका, बेसन और गुड़ आएगा काम, सही तरीके से बनाना होगा घोल

 

अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनके मिर्च के पौधे में फूल तो आते हैं पर झड़ जाते हैं, या फिर फल बहुत कम लगते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो अब आपको महंगी रासायनिक खादों की जरूरत नहीं है। गार्डनिंग एक्सपर्ट ने बेसन और गुड़ का इस्तेमाल करने का तरीका बताया है।

free fertilizer to increase green chilli plant faster
क्या आपके मिर्च के पौधे में फूल तो आते हैं, लेकिन फल बनने से पहले ही झड़ जाते हैं। अक्सर गार्डनिंग के शौकीन इस समस्या से परेशान होकर महंगी रासायनिक खादों का सहारा लेते हैं, जो धीरे-धीरे मिट्टी की उर्वरता को खत्म कर देती हैं। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। गार्डनिंग एक्सपर्ट माधुरी ने प्राकृतिक और जैविक तरीका शेयर किया है।


जो आपकी रसोई में मौजूद मात्र दो चीजों बेसन और गुड़ से तैयार होता है। यह शक्तिशाली मिश्रण न केवल मिट्टी में नाइट्रोजन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है, बल्कि फूलों का झड़ना रोककर मिर्च की पैदावार को कई गुना बढ़ा देता है। हालांकि फायदे लेने के लिए आपको इसे सही तरीके से बनाकर इ्स्तेमाल करना होगा।

सामग्री का सही चुनाव और मिश्रण

सामग्री का सही चुनाव और मिश्रण

इस जैविक खाद को बनाने के लिए आपको केवल तीन चीजों की जरूरत है। एक गिलास पानी, एक चम्मच बेसन और एक छोटा टुकड़ा गुड़। बेसन प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है, जबकि गुड़ ऊर्जा और कार्बन का काम करता है। इन दोनों का मिश्रण पौधों के लिए एक सुपरफूड की तरह काम करता है। सबसे पहले एक गिलास पानी में बेसन और गुड़ डालकर तब तक हिलाएं जब तक कि गुठलियां खत्म न हो जाएं।

फर्मेंटेशन की प्रक्रिया

फर्मेंटेशन की प्रक्रिया

घोल को तुरंत मिट्टी में डालना उतना फायदेमंद नहीं होता जितना उसे सड़ाकर या फर्मेंट करके डालना होता है। तैयार मिश्रण को किसी छायादार जगह पर 3 से 4 दिन के लिए रख दें। इस दौरान गुड़ की मिठास के कारण बेसन में मौजूद पोषक तत्व सक्रिय हो जाते हैं और प्राकृतिक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। यह प्रक्रिया घोल को एक प्रोबायोटिक ड्रिंक में बदल देती है जो मिट्टी के लिए हेल्दी है।

मिट्टी को मिलता है नेचुरल नाइट्रोजन बूस्ट

<em>मिट्टी को मिलता है नेचुरल नाइट्रोजन बूस्ट </em>

मिर्च के पौधों को अपनी हरियाली और विकास के लिए सबसे ज्यादा नाइट्रोजन की जरूरत होती है। बेसन में मौजूद नाइट्रोजन जब मिट्टी में जाता है, तो यह पौधे की जड़ों को मजबूती देता है और पत्तियों को गहरा हरा बनाता है। जब पौधे को पर्याप्त नाइट्रोजन मिलता है, तो उसकी प्रकाश संश्लेषण की क्षमता बढ़ जाती है, जिससे पौधा स्वस्थ और घना होता है।

फ्लावरिंग और फ्रूटिंग में तेजी

फ्लावरिंग और फ्रूटिंग में तेजी

मिर्च के पौधों में सबसे बड़ी समस्या फूलों का झड़ना है। बेसन और गुड़ का यह घोल इस समस्या को जड़ से खत्म करता है। गुड़ में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स मिट्टी के सूक्ष्मजीवों को सक्रिय करते हैं, जो पौधों को पोटेशियम और फास्फोरस सोखने में मदद करते हैं। इससे न केवल फूल ज्यादा आते हैं, बल्कि वे झड़ते भी नहीं हैं और तेजी से बड़ी-बड़ी मिर्चों में तब्दील हो जाते हैं।

फायदेमंद बैक्टीरिया का विकास

फायदेमंद बैक्टीरिया का विकास

बाजार की खादें अक्सर मिट्टी को बेजान कर देती हैं, लेकिन यह घोल मिट्टी को जिंदा करता है। जो बेनिफिशियल बैक्टीरिया की संख्या को लाखों गुना बढ़ा देता है। ये बैक्टीरिया मिट्टी के भीतर छिपे हुए पोषक तत्वों को तोड़कर पौधों की जड़ों तक पहुंचाने का काम करते हैं, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनी रहती है।

गार्डनिंग एक्सपर्ट का तरीका

इस्तेमाल का सही तरीका और समय

इस्तेमाल का सही तरीका और समय

किसी भी खाद का फायदा तभी मिलता है जब उसे सही मात्रा में दिया जाए। एक्सपर्ट के अनुसार, इस तैयार घोल को हफ्ते में केवल एक बार पौधे की मिट्टी में डालें। डालने से पहले गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर लें ताकि घोल जड़ों तक गहराई से पहुंच सके। इसे बहुत अधिक मात्रा में न डालें, हर गमले के लिए आधा गिलास घोल पर्याप्त है।


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