अगर आपके बच्चे के बाल भी सफेद हो रहे हैं, तो आपको यह समझने की जरूरत है कि यह यूं ही नहीं हो रहा है। डॉक्टर एरिका बंसल के अनुसार, इसके पीछे पोषण की कमी और थायराइड सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी कारण हो सकती हैं। इसलिए पेरेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे जल्द डॉक्टर से संपर्क करके सही कारण का पता लग सके और इलाज हो सके।

(लेख में यूज की गईं सभी तस्वीरें सांकेतिक हैं।)
बाल सफेद क्यों होने लगते हैं?
बाल काले से सफेद इसलिए होने लगते हैं क्योंकि शरीर में मेलेनिन नाम का रंग बनाने वाला तत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है। यही तत्व बालों को काला रंग देता है। यह मेलेनिन बालों की जड़ों में मौजूद खास कोशिकाएं बनाती हैं। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, ये कोशिकाएं धीमी पड़ जाती हैं और कम काम करने लगती हैं। इसी वजह से बढ़ती उम्र में बालों का सफेद होना आम बात है।
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बच्चों में सफेद बालों की समस्या बढ़ी
समय से पहले बाल सफेद होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, खासकर बच्चों और टीनएजर्स में। पहले की तुलना में अब ज्यादा युवा इस समस्या को लेकर एक्सपर्ट के पास पहुंच रहे हैं। हालांकि इसका सटीक आंकड़ा बताना मुश्किल है, लेकिन क्लीनिकों में ऐसे मामलों में साफ बढ़ोतरी देखी जा रही है।
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कम उम्र में बाल सफेद होने के कारण
1- जेनेटिक्स: सबसे बड़ा कारण जेनेटिक्स होता है। अगर माता-पिता में से किसी के बाल कम उम्र में सफेद हुए हैं, तो बच्चे में भी इसकी संभावना ज्यादा रहती है।
2- पोषण की कमी: पोषण की कमी भी एक अहम वजह है। विटामिन B12, विटामिन D3, आयरन, फेरिटिन और कॉपर जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी से भी बाल जल्दी सफेद हो सकते हैं। खासकर वेजेटेरियन लोगों में विटामिन B12 की कमी ज्यादा देखी जाती है।
3- तनाव: लंबे समय तक तनाव में रहने से भी असर पड़ता है। यह बालों की जड़ों में रंग बनाने वाली मेलानोसाइट स्टेम कोशिका कोशिकाओं को कमजोर कर सकता है, जिससे बालों का रंग जल्दी प्रभावित हो सकता है।
4- बीमारियां: कुछ बीमारियां जैसे थायरॉइड की समस्या, विटिलिगो और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर भी समय से पहले बाल सफेद होने से जुड़ी हो सकती हैं।
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क्या हैं उपाय ?
1-सफेद होने से नहीं रोक सकते: पेरेंट्स को यह समझना चाहिए कि बालों का सफेद होना पूरी तरह से रोकना हमेशा संभव नहीं होता, खासकर जब इसका मुख्य कारण आनुवंशिकता हो।हालांकि, अगर इसे शुरुआत में ही पहचान लिया जाए और सही इलाज या देखभाल शुरू की जाए, तो इसकी बढ़ने की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है और कुछ मामलों में स्थिति को स्थिर भी रखा जा सकता है।
2- सही मेडिकल जांच: सबसे पहला कदम सही मेडिकल जांच करवाना है। इसमें खून की जांच करके विटामिन B12, विटामिन D3, आयरन, फेरिटिन और थायरॉइड के स्तर की जांच की जाती है।
अगर इनमें किसी तरह की कमी मिलती है, तो उसे सही डाइट या सप्लीमेंट्स की मदद से पूरा करने पर काफी सुधार देखने को मिल सकता है।
3- बालों की सही देखभाल: दवाइयों के अलावा बालों की सही देखभाल भी जरूरी है। बालों को ज्यादा केमिकल्स से बचाएं, हल्का शैम्पू लगाएं और नियमित रूप से तेल मालिश करें। इससे स्कैल्प स्वस्थ रहता है और बालों को और नुकसान होने से बचाया जा सकता है।
डाइट का रखें ध्यान
1- दूध, दही और अंडा करें शामिल:
समय से पहले बालों के सफेद होने को कंट्रोल करने में सही डाइट एक अहम भूमिका निभाती है, खासकर जब इसकी वजह पोषण की कमी हो। इसलिए पेरेंट्स को बच्चों की डाइट पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें अंडे, दूध-दही जैसे डेयरी प्रोडक्ट, दालें और कम फैट वाला मांस जैसी चीजों से पर्याप्त प्रोटीन दिलाना चाहिए।
2-हरी पत्तेदार सब्जियां खिलाएं: आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां भी डाइट में शामिल करना जरूरी है, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे और बालों की सेहत बेहतर बनी रहे।
3- सप्लीमेंट्स भी दे सकते हैं: शाकाहारी बच्चों में जरूरत पड़ने पर ये पोषक तत्व सप्लीमेंट्स के जरिए भी पूरे किए जा सकते हैं।
ये बात रखें ध्यान
हालांकि सिर्फ डाइट से आनुवंशिक कारणों से होने वाले सफेद बाल होने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही पोषण लेने से कमी की वजह से समस्या बढ़ने से जरूर रोकी जा सकती है।
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कब डॉक्टर से करें संपर्क
अगर बच्चों के बाल बहुत कम उम्र में, खासकर 10 साल से पहले, सफेद होने लगें या फिर यह तेजी से बढ़ने लगें, तो माता-पिता को डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
अगर परिवार में पहले कभी कम उम्र में बाल सफेद होने का हिस्ट्री नहीं रही है, तब भी डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है, क्योंकि इसके पीछे पोषण की कमी या कोई छुपी हुई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
ऐसे में सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेने पर समस्या का कारण पता लगाकर उचित इलाज और देखभाल की जा सकती है, जिससे स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सकता है।
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